राहुल-प्रियंका समेत 50 सांसदों को पुलिस ने किया डिटेन, धरने से हटाया
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नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी को पुलिस ने करीब आठ घंटे बाद धरना स्थल, आकाशवाणी भवन परिसर से हिरासत में ले लिया। चुनाव प्रणाली में कथित अनियमितताओं के मामले को लेकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस के कई अन्य नेता आकाशवाणी परिसर में मंगलवार दोपहर से ही धरने पर बैठे थे।
कांग्रेस ने कहा- सब याद रखा जाएगा
पुलिस रात करीब आठ बजे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस और कुछ सहयोगी दलों के नेताओं को हिरासत में लेकर उन्हें बस में बैठाकर ले गयी। दिल्ली पुलिस की ओर से जारी बयान के मुताबिक, राहुल-प्रियंका समेत 50 सांसदों और करीब 250 लोगों को हिरासत में लिया गया है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि सभी लोगों को किंग्सवे कैंप स्थित न्यू पुलिस लाइंस ले जाया जा रहा है।
इससे पहले, विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों के सांसदों ने मंगलवार को संसद मार्ग से निर्वाचन आयोग मुख्यालय तक मार्च निकाला।
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छत्रपति संभाजीनगर: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर कहा है कि उन्हें गिरफ्तार किए जाने की आशंका है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी गिरफ्तारी के बावजूद आंदोलन नहीं रुकेगा।
दिल्ली मार्च से पहले अभिजीत दिपके की चेतावनी
छत्रपति संभाजीनगर में प्रेस वार्ता के दौरान अभिजीत दिपके ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि अगर दिल्ली पुलिस उन्हें रोकने की कोशिश करे तो वे महात्मा गांधी को याद करें और जहां पुलिस उन्हें रोके, वहीं उस जगह को जंतर-मंतर बना दें। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से ‘रघुपति राघव राजा राम’ का जाप करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन जारी रखने की अपील की। उन्होंने दावा किया कि 10 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन से सरकार डर गई है लेकिन जेल का डर दिखाकर आंदोलनकारियों को चुप नहीं कराया जा सकता। उन्होंने कहा कि मुझे गिरफ्तार कर लो, एनएसए लगा दो लेकिन हम लड़ते रहेंगे। दिपके ने दिल्ली पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए।
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नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अगुवाई में इंडिया गठबंधन के सांसदों ने आकाशवाणी भवन परिसर में भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के दफ़्तर से कुछ मीटर की दूरी पर धरना दिया।
इंडिया ब्लॉक के धरने में बरसे राहुल गांधी
राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और सांसद प्रियंका गांधी, पवन खेड़ा और इमरान प्रतापगढ़ी आकाशवाणी भवन परिसर में एक पेड़ के नीचे बैठे दिखे। विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग मुख्यालय (जो 300 मीटर दूर है) तक पहुंचने की कोशिश में संस्थान के गेट धकेलकर खोले थे। सूत्रों के अनुसार, आकाशवाणी भवन से एक पीसीआर कॉल की गई, जिसमें कहा गया कि राहुल गांधी जबरदस्ती परिसर में घुस आए हैं।
वहीं, मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा, "300 सांसदों को यहां रोका गया और उसके बाद, उन्होंने हमें यहां बिठा दिया है। चुनाव आयोग यहां से 50 गज की दूरी पर है। वे हमें वहां जाने नहीं दे रहे हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि क्या समस्या है। चुनाव आयोग का काम ठीक से चुनाव कराना है।
चुनाव आयोग की खुली पोल:अपील ट्रिब्यूनल के पोर्टल में बेशुमार दिक्कतें
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नई दिल्ली: चुनाव आयोग के दो चुनाव आयुक्तों एस एस संधू और विवेक जोशी ने बीते 10 महीनों में 14 बार आयोग के कामकाज और फैसलों पर आपत्तियां जताई हैं, इसका खुलासा करने के बाद इंडियन एक्सप्रेस ने एक और खुलासा किया है। अखबार ने खुलासा किया है कि विभिन्न हाईकोर्ट के 11 पूर्व मुख्य न्यायाधीशों ने उस पोर्टल को लेकर चिंताएं जताई हैं जो उन्होंने वोटरों की अपील के निपटारे के लिए मुहैया कराया गया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्टर दामिनी नाथ और अत्री भट्टाचार्य ने मंगलवार को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में अगस्त 2026 के दौरान हुई उस बैठक के मिनट्स का हवाला दिया है जिसमें ये 11 पूर्व न्यायाधीश मौजूद थे।
पूर्व जजों ने गिनाईं खामियां
अलबत्ता, यह साफ़ नहीं है कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने बैठक की कार्यवाही का विवरण सुप्रीम कोर्ट और भारत के चुनाव आयोग को भेजा था या नहीं; और अगर भेजा था, तो चुनाव आयोग की उस पर क्या प्रतिक्रिया थी और उसने क्या सुधारात्मक कदम उठाए।
इंडिया गुट का चुनाव आयोग तक लोकतंत्र बचाव मार्च, हिरासत में सांसद
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नई दिल्ली: विपक्षी इंडिया गठबंधन के घटक दलों के सांसदों ने मंगलवार को संसद मार्ग से निर्वाचन आयोग मुख्यालय तक लोकतंत्र बचाव मार्च निकाला, हालांकि पुलिस ने उन्हें बीच में ही रोक दिया और कई सांसदों और नेताओं को हिरासत में ले लिया।
आकाशवाणी भवन में धरने पर राहुल-प्रियंका
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी निर्वाचन आयोग के कार्यालय पहुंचने की कोशिश में आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश कर गए और एक पेड़ के नीचे बैठ गए। कांग्रेस नेताओं और अन्य सांसदों को इससे पहले संसद मार्ग पर नीति आयोग भवन के निकट सुरक्षा कर्मियों ने निर्वाचन आयोग की ओर बढ़ने से रोक दिया था।
विपक्षी दलों की मांग है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाया जाए और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रद्द किया जाए। निर्वाचन सदन की तरफ बढ़ रहे सांसदों को जब पुलिस ने रोका तो वे संसद मार्ग पर ही धरने पर बैठ गए।
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