क्या भारत पर लगेगा 100% टैरिफ? अमेरिकी संसद में आगे बढ़ा प्रस्ताव
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वॉशिंगटन: रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर अमेरिकी दबाव बढ़ सकता है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में लिंडसे ओ. ग्राहम रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम, 2026 को आगे बढ़ाया गया है। प्रस्तावित प्रावधानों के तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले कुछ देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिल सकता है। इस प्रस्ताव में भारत का नाम भी उन देशों में शामिल है, जिन्हें संभावित शुल्क के दायरे में रखा गया है। हालांकि, बिल पास होने का मतलब यह नहीं है कि भारत पर तुरंत 100 प्रतिशत टैरिफ लग जाएगा। अंतिम फैसला राष्ट्रपति को करना होगा।
यह विधेयक अमेरिकी सीनेट से 86-11 मतों से पारित हो चुका है और अब प्रतिनिधि सभा में आगे बढ़ रहा है। अमेरिकी सदन की नियम समिति ने 14 सितंबर को इस पर कार्रवाई की। सदन के रिकॉर्ड के मुताबिक, स्टेनी होयर और मार्सी कैप्टर की ओर से प्रस्तावित संशोधन में चीन, भारत, तुर्की, अजरबैजान, हंगरी, स्लोवाकिया, संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, कजाकिस्तान और किर्गिज गणराज्य को उन देशों की सूची में रखने का प्रस्ताव था, जो रूस के कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस की खरीद के कारण 100% तक शुल्क के लिए पात्र हो सकते हैं।
मक्का में हूतियों का ड्रोन, सऊदी अरब ने मार गिराया, इमरजेंसी अलर्ट
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रियाद: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच सऊदी अरब और यमन के बीच स्थिति और गंभीर होती दिख रही है। यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से मक्का शहर की तरफ ड्रोन भेजे जाने की कोशिश का सऊदी अरब ने दावा किया है। सऊदी प्रशासन के मुताबिक, ड्रोन को मार गिराया गया, लेकिन घटना के बाद मक्का शहर को अलर्ट पर रखा गया। दावा किया जा रहा है कि मक्का में पहली बार इस तरह का इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया है।
सऊदी सिविल डिफेंस ने लोगों को सुरक्षित रहने को कहा
सऊदी सिविल डिफेंस ने ड्रोन हमले की कोशिश के बाद मक्का शहर के लिए चेतावनी जारी की। बयान में लोगों से प्रशासन की ओर से दिए गए सभी निर्देशों का पालन करने और शांत रहने की अपील की गई है। प्रशासन ने कहा कि हमले की स्थिति में लोग आसपास की सुरक्षित जगह पर चले जाएं और खतरा पूरी तरह टलने तक बाहर न निकलें। लोगों से अपने घरों या इमारतों से बाहर नहीं आने को भी कहा गया है।
मोदी सरकार ने यूपीआई भुगतान पर लगाया शुल्क, 15 अक्टूबर से लागू
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नई दिल्ली: मोदी सरकार ने मंगलवार को यूपीआई लेनदेन पर नई शुल्क व्यवस्था लागू करने की घोषणा की। इसके तहत 2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट पेमेंट पर 0.4 प्रतिशत चार्ज लगेगा। यह एमडीआर फ्रेमवर्क 15 अक्टूबर, 2026 से लागू होगा। हालांकि सरकार का कहना है कि ग्राहकों के लिए यूपीआई लेनदेन मुफ्त बने रहेंगे। ‘मर्चेंट डिस्काउंट रेट’ (एमडीआर) वह शुल्क है जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले किसी व्यापारी से लिया जाता है।
सरकार का दावा- ग्राहकों पर बोझ नहीं होगा
सरकार का कहना है कि भुगतान करने वाले ग्राहकों को यह शुल्क नहीं देना होगा और इसका बोझ दुकानदार या व्यापारी को उठाना पड़ेगा। हालांकि, दो व्यक्तियों के बीच होने वाले पी2पी यूपीआई भुगतान पर किसी भी राशि के लिए कोई एमडीआर शुल्क नहीं लगेगा। इसके अलावा 2,000 रुपये तक के छोटे व्यापारी लेनदेन भी शुल्क से बाहर रहेंगे। सरकार के मुताबिक, व्यक्तियों से व्यापारियों को होने वाले कुल पी2एम लेनदेन की मात्रा में 2,000 रुपये से कम राशि वाले लेनदेन 95 प्रतिशत से भी अधिक हैं।
नशे के खिलाफ पंजाब कांग्रेस का शंखनाद, मंत्री चीमा के खिलाफ प्रदर्शन
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चंडीगढ़: कांग्रेस के पंजाब प्रभारी महासचिव सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी समेत पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने मंगलवार को चंडीगढ़ में गुलजार सिंह आत्महत्या मामले में आप सरकार के मंत्री हरपाल सिंह चीमा को हटाए जाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों ने चीमा के आधिकारिक आवास की ओर मार्च करने और अवरोधकों को जबरन पार करने की कोशिश की, लेकिन उन पर पानी की बौछारें छोड़ी गईं।
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को चीमा के आधिकारिक आवास की ओर बढ़ने से रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे और अवरोधक लगाए गए थे। बाद में पायलट, वडिंग और बाजवा समेत कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
संगरूर जिले के दिड़बा के रहने वाले गुलजार सिंह की 7 सितंबर को कथित तौर पर जहर खाने से मौत हो गई थी।
यूपी:गौतम बुद्ध नगर में किसानों का धरना,मांगें पूरी होने तक रहेगा जारी
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नोएडा: उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में किसानों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने का एलान किया है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की ओर से सोमवार को आयोजित किसान महापंचायत के बाद बड़ी संख्या में किसान पैदल मार्च करते हुए यमुना प्राधिकरण कार्यालय के सामने पहुंचे। किसानों ने कहा कि मांगें पूरी होने तक उनका धरना जारी रहेगा। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने भी कहा कि किसान अपनी मांगों के समाधान तक पीछे नहीं हटेंगे।
पुलिस प्रशासन के विरोध में सड़क पर बैठे किसान
महापंचायत में जिले के सैकड़ों गांवों से हजारों की संख्या में किसान, महिलाएं और युवा शामिल हुए। किसानों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रशासन और सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। महापंचायत को राकेश टिकैत ने संबोधित किया और किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।
महापंचायत के बाद जब किसान पैदल मार्च करते हुए यमुना प्राधिकरण कार्यालय के सामने पहुंचे तो उनके मुताबिक पुलिस प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की।
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