'ज्ञानेश कुमार जाएंगे और उन्हें बिठाने वाला सिस्टम भी जाएगा': राहुल
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नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने वोट चोरी का जिक्र करते हुए एक बार फिर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस सासंद राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि युवाओं को सड़कों पर पीटा जा रहा है। उन्होंने कहा, 'आज गांधी जयंती के दिन हजारों नौजवान वोट चोरी के खिलाफ सड़कों पर हैं। ये लोग शांतिपूर्वक, बिना हिंसा के अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग साफ है- ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें। लोकतंत्र बचाओ और मोदी-शाह सरकार का जवाब? लड़के-लड़कियों को सड़कों पर घसीटा जा रहा है। सैकड़ों हिरासत में हैं। उनका कसूर सिर्फ ये है कि उन्होंने वोट चोरी पर सवाल पूछा।'
'लाठी से भीड़ रोकी जा सकती है, सवाल नहीं': राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा, 'बापू ने यही सिखाया था कि सच बोलो, शांति से लड़ो और यही सरकार को सबसे ज्यादा डराता है। क्योंकि लाठी से भीड़ रोकी जा सकती है, सवाल नहीं। ज्ञानेश कुमार जाएंगे और जिस सिस्टम ने उन्हें बिठाया है, वो भी जाएगा।'
सीईसी के खिलाफ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में 5 अक्टूबर को सुनवाई
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नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में 5 अक्टूबर को सुनवाई होगी। यह सुनवाई सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच करेगी। याचिकाओं में एसआईआर से जुड़े कथित एकतरफा फैसलों, दिशानिर्देशों और सॉफ्टवेयर में किए गए बदलावों को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है।
सेवानिवृत्त जज से एसआईटी जांच की मांग
याचिकाकर्ताओं ने सीईसी और अन्य अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि एसआईआर के दौरान करीब 13 करोड़ नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। इस मामले की सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में एसआईटी या न्यायिक जांच कराने की मांग की गई है।
साथ ही, ईसीआईनेट और ईआरओनेट का फॉरेंसिक ऑडिट कराने की भी मांग उठाई गई है। याचिका में सीईसी ज्ञानेश कुमार से आयोग की सामूहिक शक्ति के इस्तेमाल का कानूनी आधार बताने के लिए कहा गया है।
एसआईआर के खिलाफ सीजेपी का प्रदर्शन, सीईसी का मांगा इस्तीफा
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मुंबई: मुंबई में एसआईआर के खिलाफ और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बड़ा और आक्रामक प्रदर्शन देखने को मिला है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान 'कॉकरोच जनता पार्टी' के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर जमकर नारेबाजी की और अपना कड़ा आक्रोश जताया। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी देते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा, "यह तो अभी सिर्फ एक ट्रेलर है, पूरी पिक्चर अभी बाकी है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार दोपहर मुंबई के शिवाजी पार्क में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) की अगुवाई वाले प्रदर्शन में हजारों लोग जुटे। पुलिस द्वारा प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद नारे लिखी तख्तियां और तिरंगा लिए बड़ी संख्या में युवा राजनीतिक रैलियों के लिए प्रसिद्ध इस मैदान में पहुंचे। अभिनेता नसीरुद्दीन शाह भी प्रदर्शन स्थल पर मौजूद थे। इस प्रदर्शन में दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी भी शामिल हुईं।
दिल्ली: जंतर मंतर पर 500 से ज्यादा प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए
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नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर के खिलाफ छात्र संगठनों और राजनीतिक पार्टियों ने दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने योगेंद्र यादव, नेहा बोरा, सौरभ भारद्वाज समेत 500 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने एहतियात के तौर पर आसपास के 12 मेट्रो स्टेशनों को भी अगले आदेश तक बंद कर दिया है। रात 9 बजे तक आसपास के इलाकों में इंटरनेट भी बंद किया गया है। वहीं पूरे इलाके में धारा 163 लागू कर दी गई है। पुलिस ने जंतर मंतर जाने के सभी रास्ते बैरिकेडिंग कर बंद कर दिए हैं।
मनोज झा बोले- प्रदर्शन के लिए अनुमति क्यों जरूरी
आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा, "उन्हें शर्म आनी चाहिए। क्या विरोध प्रदर्शन के लिए अनुमति की आवश्यकता होती है? आखिर यह गांधी जी का देश है। आज गांधी जयंती है। मैं कहना चाहता हूं कि इसे पुलिस राज्य में बदलने के बावजूद ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह अपने कुकर्मों को छिपा नहीं पाएंगे।"
बीते तीन महीने में 25 प्रतिशत तक बढ़ गया रसोई का बजट: जयराम
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नई दिल्ली: कांग्रेस ने महंगाई को लेकर शुक्रवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और सवाल किया कि कमरतोड़ महंगाई से देशवासियों को छुटकारा कब मिलेगा। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर परोक्ष रूप से कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘‘प्रवचन मंत्री की असंवेदनशीलता की कोई सीमा नहीं है।’’
रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘महंगाई सिर्फ बाजार के आंकड़ों में नहीं बढ़ रही, उसका दर्द हर मध्यमवर्गीय और गरीब के घर की रसोई में महसूस हो रहा है।’’
उन्होंने दावा किया कि त्योहारों के मौसम में तीन महीने में रसोई का बजट 25 प्रतिशत तक बढ़ गया है। कांग्रेस नेता ने एक गृहिणी का हवाला देते हुए कहा कि 35,000 रुपये की मासिक आय में घर का रसोई खर्च संभालना मुश्किल हो गया है।
रमेश ने कहा कि अरहर दाल की कीमत 105 रुपये से बढ़कर 140-150 रुपये किलो, मूंग की 95 रुपये से 120 रुपये, चावल की 42-45 रुपये से 53-55 रुपये और सरसों तेल की कीमत 165 रुपये से बढ़कर 190 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
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- 'ज्ञानेश कुमार जाएंगे और उन्हें बिठाने वाला सिस्टम भी जाएगा': राहुल
- सीईसी के खिलाफ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में 5 अक्टूबर को सुनवाई
- दिल्ली: जंतर मंतर पर 500 से ज्यादा प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए
- बीते तीन महीने में 25 प्रतिशत तक बढ़ गया रसोई का बजट: जयराम
- ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आज मुंबई-दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
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