ट्रेड डील के विरोध में किसान कूच रोकने के लिए दिल्ली की सीमाएं सील
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नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में दिल्ली कूच पर निकले किसानों को रोके जाने को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर आरोप लगाया कि दिल्ली में महापंचायत के लिए आ रहे किसानों को रोकने के लिए शंभू बॉर्डर पर कंक्रीट के बैरिकेड लगाए गए। कांग्रेस ने इसे "तानाशाही रवैया" बताते हुए कहा कि किसानों की आवाज दबाई जा रही है। पार्टी का आरोप है कि प्रस्तावित ट्रेड डील के जरिए भारतीय बाजार अमेरिकी उत्पादों के लिए खोल दिए गए हैं, जिसका सबसे बड़ा नुकसान देश के किसानों को होगा। कांग्रेस ने यह भी कहा कि वह किसानों के साथ खड़ी है और उनके न्याय की आवाज उठाती रहेगी।
बैरिकेड लगाकर किसानों की आवाज दबा रही मोदी सरकार: कांग्रेस
इसी बीच भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में मंगलवार को पंजाब से दिल्ली कूच के लिए निकले हजारों किसानों को शंभू, कुंडली और खनौरी बॉर्डर पर पुलिस ने रोक दिया। सीमा पर भारी बैरिकेडिंग कर रास्ते बंद कर दिए गए।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की फिर उमड़ी भीड़, जोश पहले से ज्यादा
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नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): एक दिन पहले संसद मार्च के दौरान छात्रों-युवाओं पर पुलिस की बर्बर कार्रवाई के बावजूद आज फिर जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। लोगों के आने का सिलसिला लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी अब पीछे हटने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं और उनका जोश पहले से और ज्यादा हाई है। मंच से लगातार भाषण और नारे जारी हैं, जबकि नीचे लोग अलग-अलग ग्रुप में अपने-अपने अंदाज में प्रदर्शन कर रहे हैं।
जंतर-मंतर से लोग हटने के मूड में नहीं, कई रास्तों को किया बंद
शाम साढ़े पांच बजे तक जंतर-मंतर पूरी तरह खचाखच भर चुका है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस ने शाम पांच बजे के बाद संसद मार्ग की ओर जाने वाला रास्ता बंद कर दिया है और लोगों से रास्ता खाली करने की अपील की है। ऐसी खबरें भी सामने आ रही हैं कि जनपथ की ओर जाने वाले मार्ग को भी पुलिस बंद करने की तैयारी कर रही है। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों का भी कहना है कि उस रास्ते पर आवाजाही रोक दी गई है। फिलहाल, संसद मार्ग थाने के सामने से केरल हाउस के बगल से होकर जाने वाला मार्ग खुला है।
'पीएम आवास पर धरना दे रहे विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया'
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नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): दिल्ली के लोक कल्याण मार्ग यानि प्रधानमंत्री आवास पर विरोध प्रदर्शन कर रहे 'इंडिया ब्लाक' के नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने धरना स्थल से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले समेत तमाम इंडिया ब्लाक के कई अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। पीएम आवास पर इंडिया ब्लाक के कार्यकर्ताओं ने जमकर सरकार विरोधी नारे लगाए। बाद में पुलिस ने आंदोलित नेताओं और कार्यकर्ताओं को जबरन बसों में बैठाते देखा गया। इस दौरान पुलिस बल और कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई और धक्का मुक्की भी देखी गई।
'दिल्ली में छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है': राहुल गांधी
इससे पहले राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है। प्रधानमंत्री मोदी को लगता है कि वो बिना जवाब दिए, बिना किसी नतीजे का सामना किए बच निकलेंगे - नहीं कर पाएंगे, इस बार तो बिल्कुल नहीं। मैं हर उस देशभक्त भारतीय से अपील करता हूं जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए, वह धरने में शामिल हों।
'देश में अराजकता पैदा करना चाहती है मोदी सरकार': कांग्रेस अध्यक्ष
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नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को आरोप लगाया कि सरकार ने राज्यसभा में उनका मुंह बंद करा दिया और राजधानी में सोमवार को प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर चर्चा की अनुमति नहीं दी। उन्होंने यह दावा भी किया कि सरकार खुद देश में अराजकता पैदा करना चाहती है।
राज्यसभा में छात्रों का मुद्दा उठाया तो माइक बंद करा दिया: खड़गे
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खड़गे ने सदन की कार्यवाही दिन में दो बजे तक तक स्थगित होने के बाद संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम इस अन्याय और अत्याचार के खिलाफ सदन में चर्चा करना चाहते थे, लेकिन एक शब्द बोलते ही माइक बंद कर दिया गया। सरकार ने हमारा ही मुंह बंद करा दिया।’’ उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहता था कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और उनके घायल होने के मुद्दे पर सदन में चर्चा हो तथा इसके बाद गृह मंत्री बयान दें, लेकिन सरकार ने चर्चा का अवसर नहीं दिया। खड़गे ने सवाल किया, ‘‘आखिर प्रदर्शन कर रहे बच्चों पर लाठीचार्ज क्यों किया गया? उन्हें क्यों मारा-पीटा गया?"
छात्रों की पिटाई के लिए गृह मंत्री जिम्मेदार, शाह इस्तीफा दें: राहुल गांधी
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नई दिल्ली (जनादेश ब्यूरो): लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में सोमवार को प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की और कहा कि इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को माफी मांगनी चाहिए।
पीएम मोदी माफी मांगें: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने संसद परिसर में संवाददाताओं से यह भी कहा कि वह घायल छात्रों से मिलने जाएंगे। इससे पहले, उन्होंने कई विपक्षी नेताओं के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सदन में चर्चा कराने की मांग की। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हमने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की और कहा कि हम चर्चा चाहते हैं। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें सरकार से पूछना पड़ेगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘दूसरे शब्दों में, लोकसभा अध्यक्ष कह रहे हैं कि संसद में बहस कराने के लिए उन्हें सरकार की अनुमति चाहिए। यह मुद्दा छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा है।’’
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