लोकतंत्र बचाने के लिए इंडिया ब्लॉक के नेताओं का सुप्रीम कोर्ट तक मार्च
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नई दिल्ली: इंडिया ब्लॉक नेताओं ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालकर देश की सबसे बड़ी अदालत में एसआईआर रद्द करने और वोट चोरी रोकने की याचिकाएं दायर कीं। इस मार्च में भारी संख्या में राजनीतिक, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नेताओं ने हिस्सा लिया।
राहुल गांधी, खड़गे, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, सुप्रिया सुले, ममता बनर्जी, संजय राउत और अन्य विपक्षी नेता कॉन्स्टिट्यूशन क्लब से बसों में बाराखंभा रोड पहुंचे। वहां से उन्होंने उच्चतम न्यायालय की ओर मार्च शुरू किया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य नेताओं ने कुछ देर पैदल मार्च किया और फिर एक ट्रक पर सवार होकर आगे बढ़े। बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता भी मार्च में शामिल हुए। इस मार्च के बाद राहुल और अन्य विपक्षी नेता याचिका से संबंधित औपचारिकताओं को पूरा करने सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।
पैदल मार्च के दौरान प्रियंका गांधी के साथ वाम छात्र संगठन आइसा की प्रमुख नेहा बोरा नारेबाजी करते हुए चलती देखी गईं। नेहा पिछले कई दिनों से दिल्ली में जारी प्रदर्शन में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
'वोट चोरी': इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की याचिका
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नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका दायर की है। इस याचिका में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन एक्सरसाइज के जरिए वोटों की कथित चोरी में दखल देने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह इस याचिका पर कल यानि मंगलवार (13 अक्तूबर 2026) को सुनवाई करेगा।
इस याचिका का दायर करने के लिए कांग्रेस लीडर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ इंडिया ब्लॉक के हजारों सपोर्टर्स सुप्रीम कोर्ट तक मार्च में शामिल हुए। हालांकि ओरिजिनल प्लान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत को एक मेमोरेंडम देने का था, लेकिन, जब मुख्य न्यायाधीश ने उनसे मिलने से मना कर दिया और उनसे एक लिटिगेटर की तरह कोर्ट जाने को कहा, तो नेताओं ने एक फॉर्मल पिटीशन फाइल करने का फैसला किया। एसआईआर विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, सौगत राय, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, संजय राउत, एमए बेबी, डी राजा, महुआ माझी, सुप्रिया सुले और ईटी मोहम्मद बशीर के नाम से याचिका दाखिल की गई है।
इंडिया ब्लॉक का प्रदर्शन:राहुल बोले-धमकियों-गुंडागर्दी के खिलाफ लड़ेंगे
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नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों और इंडिया गठबंधन के नेताओं व कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह दिन महत्वपूर्ण था, क्योंकि इसके जरिए सरकार को संदेश दिया गया कि भारत की जनता डरने वाली नहीं है।
भारत की जनता डरने वाली नहीं है: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि वह प्रदर्शन में शामिल हर व्यक्ति का दिल से धन्यवाद करते हैं। उन्होंने उन करोड़ों लोगों का भी आभार जताया, जिन्होंने दोपहर तीन बजे अपने-अपने तरीके से आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ गठबंधन के नेताओं को भी धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा, ''आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण था, क्योंकि हमें सरकार को यह दिखाना था कि भारत की जनता डरने वाली नहीं है। आप हमें मारिए, धमकाइए, डराने की कोशिश कीजिए, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। हम आपकी गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेंगे।''
क्यों न माउंट एवरेस्ट विरोध-प्रदर्शन के लिए तय कर दिया जाए?: सीजेपी
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नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने विरोध प्रदर्शन करने के लिए जंतर-मंतर को निर्धारित स्थलों की लिस्ट से हटा दिया है और उसकी जगह तीन नए स्थान इसके लिए निर्धारित किए गए हैं। अब इस पर सीजेपी के सह संयोजक आशुतोष रांका ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस से यह पूछने के 30 मिनट बाद कि हम जंतर-मंतर कब जा सकते हैं, इसको विरोध-प्रदर्शन की जगह के तौर पर डी-नोटिफाई कर दिया गया।
अब पूरे देश में हर शहर और हर कोना जंतर मंतर बनेगा
आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक दूसरे पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा, ''क्यों न माउंट एवरेस्ट को विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगह घोषित कर दिया जाए?'' सीजेपी नेता ने कहा कि अब पूरे देश में हर शहर और हर कोना जंतर मंतर बनेगा। हम पीछे हटने वाले नहीं हैं जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते। गौरतलब है कि दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से हटा दिया है।
जंतर मंतर पर नहीं होगा प्रदर्शन, गृह मंत्रालय का फैसला, तीन जगह तय
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नई दिल्ली: दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से हटा दिया है। गृह मंत्रालय की समिति की सिफारिशों के आधार पर दिल्ली में धरना-प्रदर्शन के लिए नए स्थान तय किए गए हैं।
रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान, पूर्वी दिल्ली प्रदर्शन के लिए निर्धारित किए गए हैं। जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में दी गई अधिसूचना रद्द कर दी गई है। करीब 33 साल तक जंतर-मंतर प्रदर्शन का स्थल रहा। इससे पहले इंडिया गेट का बोट क्लब प्रदर्शन स्थल था।
दिल्ली पुलिस का नया आदेश 28 अप्रैल 2022 को जारी पुराने स्टैंडिंग ऑर्डर में थोड़ा बदलाव करता है। नए नियमों का मकसद प्रदर्शन के लिए तय स्थानों और उनसे जुड़े इंतजामों को स्पष्ट करना है। हालांकि, प्रदर्शन की अनुमति, लोगों की संख्या और अन्य शर्तों को लेकर डिटेल नियम अलग से जारी होने के बाद ही पूरी प्रक्रिया स्पष्ट होगी।
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- इंडिया ब्लॉक का प्रदर्शन:राहुल बोले-धमकियों-गुंडागर्दी के खिलाफ लड़ेंगे
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