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पटना: तिब्बत सीमा से सटे नेपाल के ऊपरी क्षेत्रों में एक दिन पहले ग्लेशियर फटने से आई भयावह बाढ़ से मची तबाही के बाद अब बिहार की प्रमुख नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। गंडक बैराज से लेकर राजधानी पटना में गंगा नदी तक में जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है।

केंद्रीय जल आयोग और जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार गंगा, गंडक, कोसी, बागमती, बूढ़ी गंडक और अन्य नदियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। हालांकि, कई स्थानों पर जलस्तर में कमी की संभावना जताई गई है, वहीं कुछ जगहों पर अगले कुछ घंटों में वृद्धि का अनुमान है।

पटना में गंगा का जलस्तर लगातार चिंता का कारण बना

राजधानी पटना में गंगा नदी का जलस्तर लगातार चिंता का कारण बना हुआ है। पटना के गांधी घाट पर गुरुवार सुबह छह बजे गंगा का पानी खतरे के निशान से 75 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार सुबह आठ बजे तक इसमें कमी आने की संभावना नहीं है।

वहीं दीघा घाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से दो सेंटीमीटर ऊपर था और अगले दिन सुबह तक आठ सेंटीमीटर बढ़ने की संभावना जताई गई है।

इसी तरह हाथीदह में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 75 सेंटीमीटर ऊपर रहा और इसमें करीब एक सेंटीमीटर वृद्धि का अनुमान है। पटना के मनेर में सोन नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया। यहां भी अगले दिन सुबह तक चार सेंटीमीटर वृद्धि की संभावना जताई गई है।

गंडक नदी को लेकर विशेष निगरानी

दूसरी ओर मुंगेर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर नीचे रहा और इसमें तीन सेंटीमीटर कमी का अनुमान है। भागलपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 16 सेंटीमीटर नीचे था और अगले कुछ घंटों में विशेष बदलाव की संभावना नहीं बताई गई। कहलगांव में जलस्तर खतरे के निशान से 83 सेंटीमीटर ऊपर था, जबकि साहेबगंज में यह 57 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया।

गंडक नदी को लेकर भी स्थिति पर विशेष नजर रखी जा रही है। वैशाली के हाजीपुर में गंडक का जलस्तर खतरे के निशान से 89 सेंटीमीटर नीचे था और गुरुवार रात तक करीब एक सेंटीमीटर कमी की संभावना है। गोपालगंज के डुमरियाघाट में गंडक का जलस्तर खतरे के निशान से 31 सेंटीमीटर ऊपर था और शुक्रवार सुबह तक इसमें 25 सेंटीमीटर वृद्धि का अनुमान है।

गंडक बैराज पर जलप्रवाह में लगातार उतार-चढ़ाव

वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पर जलप्रवाह में भी लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक सुबह आठ बजे 99,800 क्यूसेक पानी का प्रवाह दर्ज किया गया, जो सुबह नौ बजे बढ़कर 1,04,400 क्यूसेक और सुबह 11 बजे 1,06,600 क्यूसेक पहुंच गया। दोपहर 12 बजे से अपराह्न तीन बजे तक प्रवाह 1,06,600 क्यूसेक पर स्थिर रहा। शाम चार बजे इसमें कमी आई और जलप्रवाह 1,04,400 क्यूसेक दर्ज किया गया।

यह उतार-चढ़ाव ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब नेपाल में आई फ्लैश फ्लड के बाद बिहार के सीमावर्ती इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। हाल के आधिकारिक और मीडिया अपडेट में भी गंडक के जलप्रवाह पर लगातार निगरानी और संवेदनशील जिलों में प्रशासनिक तैयारियां तेज किए जाने की जानकारी सामने आई है।

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