चेन्नई: तमिलनाडु में टीवीके प्रमुख विजय एक बार फिर राज्यपाल से मिलने चेन्नई के लोक भवन पहुंचे। कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम, वीसीके और आईयूएमएल के सपोर्ट से अब 121 विधायक टीवीके के सपोर्ट में हैं और राज्य में सरकार बनाने का उसका रास्ता अब साफ हो गया है।
वीसीके ने आधिकारिक तौर पर टीवीके प्रमुख विजय को समर्थन देने का एलान कर दिया है। साथ ही आईयूएमएल के दो विधायकों ने भी समर्थन दे दिया है। इसके साथ ही टीवीके राज्य विधानसभा में बहुमत के जादुई आंकड़े 118 के पार पहुंच गई है। वीसीके अध्यक्ष थोल. थिरुमावलवन ने टीवीके की ओर से चुनाव अभियान प्रबंधन संभाल रहे महासचिव आधव अर्जुना को समर्थन पत्र सौंपा। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी तमिलनाडु में टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार के गठन का समर्थन करेगी। वीसीके के समर्थन के बाद विजय के नेतृत्व में सरकार गठन का रास्ता आसान हो गया है।
एक्टर विजय शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात करके सरकार बनाने का दावा पेश किया था। हालांकि उनके पास महज 116 विधायकों का ही समर्थन पत्र था। इससे पहले विजय ने 6 और 7 मई को भी सरकार बनाने का दावा पेश किया था। तब राज्यपाल ने कहा कि 118 विधायकों का समर्थन दिखाए बिना वे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं कर सकते।
कितने दलों ने दलों ने दिया समर्थन?
कांग्रेस... सबसे पहले समर्थन देने वाले दल है। इनके पास 5 विधायक हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने "स्थिर और लोकतांत्रिक शासन" के लिए अपना समर्थन दिया है। इनके पास 2 विधायक हैं। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) ने भी आधिकारिक तौर पर टीवीके को समर्थन पत्र सौंपा है। इनके पास 2 विधायक हैं। थोल. थिरुमावलवन के नेतृत्व वाली पार्टी वीसीके ने आज (9 मई) अपना समर्थन पत्र सौंपकर सस्पेंस खत्म कर दिया। इनके पास 2 विधायक हैं। इनके अलावा आईयूएमएल के दो विधायकों ने भी समर्थन दे दिया है। इसके बाद से अब बहुमत की संख्या 121 पहुंच गई है।
क्या है बहुमत का गणित?
234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है, जबकि टीवीके को कुल 108 सीटें मिली थीं। कांग्रेस के पांच, सीपीआई के दो, सीपीआईएम के दो और वीसीके के दो विधायकों के समर्थन से टीवीके गठबंधन का आंकड़ा 121 तक पहुंच गया है। हालांकि विजय दो सीटों से विधायक हैं, इसीलिए उनकी एक ही सीट मानी जाएगी। यानि प्रभावी आंकड़ा 120 है। इसके साथ ही विजय के नेतृत्व में तमिलनाडु में नई सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है।
विजय को आमंत्रित करने की जिम्मेदारी भी राज्यपाल की है। बता दें, आर्लेकर पिछले कई वक्त से तमिलनाडु और केरल दोनों के गवर्नर पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्हें केरल का अतिरिक्त प्रभार मिला है। इधर, केरल में भी सरकार बनाने की कोशिशें लगातार जारी है। यहां यूडीएफ गठबंधन ने जीत हासिल की है।
राज्यपाल से तीन बार मिल चुके विजय
इधर, राज्यपाल से विजय करीबन पिछले कुछ दिनों में 3 बार मिल चुके हैं। हर बार उन्होंने सरकार बनाने का दावा किया है, लेकिन राज्यपाल ने उसे स्वीकार नहीं किया है। टीवीके सूत्रों का कहना है कि गवर्नर के रवाना होने से पहले यह पत्र राजभवन में जमा कर दिए जाएंगे। अगर यह जमा नहीं हो पाते हैं, तो फिर उनके तिरुवनंतपुरम से लौटने का इंतजार करना पडे़गा। ऐसे में विजय की फिल्मों की तरह ही तमिलनाडु की पूरी राजनीति का सीन हो गया है।






