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पेरिस: लगातार पांच साल तक बढ़ोतरी दर्ज करने के बाद पिछले साल पहली बार वैश्विक इस्पात उत्पादन 2.8 प्रतिशत घटकर 1.62 अरब टन पर आ गया है। विश्व इस्पात संघ (डब्ल्यूएसए) ने सोमवार को कहा कि कुल वैश्विक उत्पादन में चीन का हिस्सा आधा है।दुनिया के सबसे बड़े इस्पात उत्पादक और उपभोक्ता देश चीन ने पिछले साल 80.38 करोड़ टन इस्पात का उत्पादन किया। यह 2014 की तुलना 2.3 प्रतिशत कम है। हालांकि, वैश्विक इस्पात उत्पादन में चीन का हिस्सा मामूली 0.2 प्रतिशत बढ़कर 49.5 प्रतिशत रहा। डब्ल्यूएसए ने कहा कि ओशिनिया को छोड़कर अन्य सभी क्षेत्रों में कच्चे इस्पात उत्पादन में कमी आई है।

2009 के बाद पहली बार वैश्विक स्तर पर इस्पात उत्पादन घटा है। उस साल कुल उत्पादन 1.24 अरब टन रहा था। दूसरे सबसे बड़े उत्पादक जापान का उत्पादन 2015 में पांच प्रतिशत घटकर 10.52 करोड़ टन पर आ गया। एशिया का कुल उत्पादन 2.3 प्रतिशत घटकर 1.11 अरब टन रह गया। वहीं, भारत का उत्पादन 2.3 प्रतिशत बढ़कर 8.32 करोड़ टन पर पहुंच गया।

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