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पटना: बिहार में जेडीयू से निष्कासित किए जाने के बाद मोकामा विधायक अनंत सिंह ने अपनी पार्टी बनाने का ऐलान किया है। उन्होंने कार्रवाई पर किसी तरह का पछतावा होने से इनकार करते हुए पार्टी के नेतृत्व और भविष्य पर तीखा हमला बोला। अनंत सिंह ने कहा कि जेडीयू नीतीश कुमार की पार्टी थी और अब जब नीतीश कुमार सक्रिय भूमिका में नहीं हैं, तो पार्टी में बचा ही क्या है।

अनंत सिंह ने कहा, “मैं अपनी पार्टी बना लूंगा, बस। मुझे कोई पछतावा नहीं है। जो कार्रवाई की गई है, ठीक है। मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है।” उन्होंने निष्कासन करने वाले नेताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी के नेतृत्व में शामिल लोगों ने आखिर क्या योगदान दिया है। उनका दावा है कि आने वाले चुनाव में जेडीयू को 10 सीटें भी नहीं मिलेंगी। उन्होंने साफ किया कि वह किसी दूसरी पार्टी में जाने के बजाय अपनी अलग पार्टी बनाएंगे।

जेडीयू की मौजूदा स्थिति पर हमला जारी रखते हुए अनंत सिंह ने कहा, “जेडीयू खत्म हो चुकी है। जब चुनाव होंगे, तब सब कुछ साफ हो जाएगा।”

हालांकि, उन्होंने नीतीश कुमार से अपने संबंधों को लेकर अलग रुख रखा। अनंत सिंह ने कहा कि उनके और नीतीश कुमार के बीच कोई दूरी नहीं है, दोनों के संबंध अच्छे हैं और वह कभी भी उनसे मिलने जा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जेडीयू को अपनी पार्टी चलाने दीजिए, वैसे भी उसका कोई खास मतलब नहीं रह गया है।

विधान परिषद चुनाव में बगावत के बाद जेडीयू ने लिया एक्शन

अनंत सिंह को जेडीयू से निकालने का फैसला 24 अक्टूबर 2026 को सामने आया। पार्टी ने उन्हें छह साल के लिए निष्कासित करते हुए प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी। बिहार जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की ओर से जारी आदेश में पार्टी के निर्देशों की अवहेलना करने, वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने और दूसरे दल के उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार करने जैसे आरोप लगाए गए।

विवाद बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर चुनाव के दौरान बढ़ा। JDU ने नीरज कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन अनंत सिंह ने जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन किया। उन्होंने अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार किया और पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ अपना रुख कायम रखा। पार्टी की ओर से उन्हें मनाने की कोशिशों के बावजूद विवाद नहीं सुलझा।

JDU ने अनंत सिंह की पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी को भी छह साल के लिए निष्कासित किया है। इसके साथ ही पार्टी ने अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की सिफारिश की है। इस मामले में अंतिम फैसला विधानसभा अध्यक्ष को करना है।

अनंत सिंह के बयान से साफ है कि वह निष्कासन के बाद पीछे हटने के बजाय अपनी अलग राजनीतिक राह बनाने की बात कर रहे हैं। उन्होंने JDU के नेतृत्व को चुनौती दी है, लेकिन नीतीश कुमार से व्यक्तिगत संबंध अच्छे होने का दावा भी किया है। अब उनकी पार्टी बनाने की घोषणा आगे किस रूप में सामने आती है, इस पर नजर रहेगी।

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