जयपुर (जनादेश ब्यूरो): राजस्थान के बूंदी में पूर्व राजा राव सूरजमल की प्रतिमा तोड़े जाने को लेकर सियासत तेज हो गई है। दरअसल, बूंदी जिले की सीमा पर कोटा एयरपोर्ट बन रहा है। यहां 600 साल पुरानी बूंदी नरेश राव राजा सूरजमल की मूर्ति और छतरी शुक्रवार (20 सितंबर) को तोड़ दी गई थी। लोगों ने आक्रोश जताते हुए छतरी को वापस बनाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पूर्व मंत्री खाचरियावास ने दी आंदोलन की धमकी
पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने इस घटना को गैरकानूनी और राजस्थान के गौरव पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है और यह कदम इतिहास के सम्मान के खिलाफ है।
खाचरियावास ने कहा कि 100 साल पुरानी किसी भी ऐतिहासिक प्रतिमा को बिना कानूनी प्रक्रिया और सहमति के हटाने या तोड़ने का अधिकार राज्य सरकार के पास नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने “सोची-समझी साजिश” के तहत राव सूरजमल की प्रतिमा को हटाया।
उन्होंने कहा कि राव सूरजमल राजस्थान के इतिहास में वीरता और स्वाभिमान के प्रतीक रहे हैं। देश और धर्म की रक्षा के लिए उन्होंने कई युद्ध लड़े और बूंदी से लेकर पूरे राजस्थान का मान बढ़ाया। इस तरह की प्रतिमाओं को तोड़ना न सिर्फ इतिहास का अपमान है, बल्कि उस विरासत को चोट पहुंचाना है जिस पर राजस्थान गर्व करता है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए राव सूरजमल की प्रतिमा उसी पुराने स्थान पर दोबारा लगाई जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ, तो भाजपा सरकार को जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।
खाचरियावास ने कहा कि राजस्थान की जनता राव सूरजमल का सम्मान करती है। यदि सरकार ने प्रतिमा पुराने स्थान पर बहाल नहीं की, तो इसका राजनीतिक असर सीधा भाजपा पर पड़ेगा।
ओम बिरला और सीएम भजनलाल से भरोसा देने की मांग
उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से अपील की कि वे सार्वजनिक रूप से यह भरोसा दिलाएं कि प्रतिमा को वापस उसी स्थान पर लगाया जाएगा। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रतिमा टूटने के बाद लोगों को लाठीचार्ज करके डराने की कोशिश की गई, जो बिल्कुल अस्वीकार्य है।
खाचरियावास ने कहा, “पहले प्रतिमा तोड़ी और फिर विरोध करने वाले लोगों पर लाठियां बरसाईं. यह किसी भी लोकतांत्रिक सरकार को शोभा नहीं देता।” इस घटना के बाद बूंदी और आसपास के इलाकों में माहौल गरमाया हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राव सूरजमल उनकी पहचान और इतिहास का हिस्सा हैं। ऐसे में प्रतिमा हटाए जाने को लेकर विरोध बढ़ सकता है।
कंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने प्रतिमा टूटने के बाद सितंबर में ही सोशल मीडिया 'एक्स' पर लिखकर आपत्ति जतायी थी।
मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया ट्वीट
मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लिखा, बूंदी नरेश राव सूरजमल हाड़ा की छतरी तोड़ना दुखद और व्यथित करने वाली घटना है। क्या केडीए ने छतरी का ऐतिहासिक कहत्व जानते हुए भी ऐसा काम किया? इससे मामले की जांच करते हुए कार्रवाई करना जरूरी है। लोगों की भावनाओं का सम्मान रखना चाहिए।
नई मूर्ति और छतरी के लिए जमीन आवंटित
मामला राज्य सरकार और ओम बिरला तक पहुंचा तो प्रशासन बैकफुट पर आ गया। तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया था। जांच कमेटी गठित कर दी गई। प्रशासन ने एयरपोर्ट के पास ही नई जमीन आवंटित कर महाराज नरेश सूरजमल की प्रतिमा और छतरी बनाने के आदेश जारी कर दिए थे। नाराज लोग प्रशासन से वहीं पर छतरी बनाने की मांग पर अड़े हैं, जहां पहले थी।
घटना को तीन माह गुजरने के बाद प्रशासन ने अभी तक इस दिशा में कोई कार्यवाही नहीं की। अब सूबे में प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आंदोलन की धमकी दी है।






