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चेन्नई: तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई ने शुक्रवार (5 जून) को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से इस्तीफा देने के बाद एक नए राजनीतिक सफर की शुरुआत का एलान किया। उन्होंने कहा कि आज से वह एक नए राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत कर रहे हैं और जनता से इस अभियान में साथ देने की अपील की। अन्नामलाई ने अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए बताया कि उन्होंने वर्ष 2009 में डीएमडीके के साथ इंटर्नशिप की थी और साल 2020 में बीजेपी में शामिल हुए थे। अब वह एक नई राजनीतिक दिशा की ओर बढ़ रहे हैं।
'रजनीकांत ने साथ आने का दिया था प्रस्ताव'
उन्होंने खुलासा किया कि 24 अगस्त 2020 को बीजेपी में शामिल होने से पहले अभिनेता रजनीकांत ने उन्हें फोन कर अपनी संभावित राजनीतिक पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष को पहले ही वचन दे चुके होने के चलते उन्होंने रजनीकांत के प्रस्ताव को अस्वीकार कर बीजेपी का दामन थाम लिया।
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चेन्नई: तमिलनाडु के बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और कद्दावर नेता अन्नामलाई ने शायद पार्टी छोड़ने का इरादा कर लिया है। तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई के बीजेपी से अलग होने की अटकलें लगातार तेज होती जा रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, अन्नामलाई ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात के लिए समय मांगा है और माना जा रहा है कि वे 3 जून को कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं।
3 जून को बड़े एलान की चर्चा, नई पार्टी बनाने की अटकलें तेज
दिल्ली जाने से पहले चेन्नई एयरपोर्ट पर अन्नामलाई ने सिर्फ इतना ही कहा कि 2 दिन का वक्त दीजिए, आपके सारे सवालों का जवाब दूंगा। सोमवार को जब अन्नामलई एयरपोर्ट पहुंचे तो उनकी कार के आगे बीजेपी का झण्डा भी नहीं था। पिछले सप्ताह जब बीजेपी की प्रदेश इकाई ने तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में बुरी हार की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई थी, तब अन्नामलई ने पूर्व नियोजित नेपाल दौरे की बात कहते हुए इस अहम बैठक में हिस्सा ही नहीं लिया था।
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चेन्नई: तमिलनाडु में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) प्रमुख पलानीस्वामी को सोमवार को एक और बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के तीन विधायकों ने इस्तीफा दे दिया। वरिष्ठ नेताओं- सी.वी. षणमुगम और एस.पी. वेलुमणि के गुट में शामिल इन तीनों विधायकों के जल्द ही सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) में शामिल होने की संभावना है।
टीवीके में शामिल होने की संभावना
इन इस्तीफों से आने वाले दिनों में और ज्यादा दलबदल होने और राज्य में कई विधानसभा उपचुनावों की संभावना को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। ये तीनों विधायक- मदुरंथकम से निर्वाचित एम. कुमारवेल, धारापुरम से निर्वाचित सत्यभामा और पेरुंदुरई से चुने गए जयकुमार, जिन्हें पूर्व मंत्रियों सीवी शनमुगम और एसपी वेलुमणि के नेतृत्व वाले गुट का करीबी माना जाता है, उन्होंने अपने इस्तीफे विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर को सौंप दिए। इस्तीफे सौंपने के तुरंत बाद इन विधायकों ने मंत्री आधव अर्जुन से मुलाकात की, जिसके बाद इनके टीवीके में शामिल होने की चर्चा शुरू हो गई।
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चेन्नई: मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार ने गुरुवार को अपने मंत्रिमंडल का पहला बड़ा विस्तार किया। इस विस्तार में 23 नए मंत्रियों को मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया। इस बदलाव का उद्देश्य शासन व्यवस्था को मजबूत करना, प्रमुख विभागों में खाली पदों को भरना और कांग्रेस पार्टी सहित गठबंधन के सहयोगियों को समायोजित करना है।
विधानसभा चुनाव के बाद, विजय की पार्टी 'तमिलगा वेट्री कझगम' (टीवीके) 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। इसके बाद, पार्टी ने बहुमत का आंकड़ा पार करने और सरकार बनाने के लिए कई गठबंधन सहयोगियों और निर्दलीय विधायकों का समर्थन हासिल किया।
विजय ने 10 मई को नौ मंत्रियों एन. आनंद, आधव अर्जुन, डॉ. के.जी. अरुणराज, के.ए. सेंगोत्तैयान, पी. वेंकटरमणन, आर. निर्मलकुमार, राजमोहन, डॉ. टी.के. प्रभु और एस. कीर्तना के साथ मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। शुरुआती मंत्रिमंडल के लिए विभागों का बंटवारा 16 मई को पूरा हो गया था।
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