ताज़ा खबरें
ज्ञानेश कुमार को हटवाइए, 30 सेकंड में रुक जाएगा आंदोलन: राहुल
मानहानि मामले में राहुल गांधी बरी, अमित शाह पर टिप्पणी का था केस
जामिया यूनिवर्सिटी में दो दशक बाद छात्र संघ चुनाव कराने का एलान
एसआईआर के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन आजादी की दूसरी लड़ाई: खड़गे

तिरुवनंतपुरम: केरल में बीजेपी ने इतिहास रच दिया है। शुक्रवार (26 दिसंबर) को बीजेपी नेता वीवी राजेश ने तिरुवनंतपुरम के महापौर के रूप में शपथ लेकर राज्य की सियासत में हलचल मचा दी।

बीजेपी की जीत से इस दक्षिण राज्य की राजनीतिक में बड़ा फेरबदल दिखाई दे रहा है। पदभार ग्रहण करने के बाद पहले संबोधन में उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर आगे बढ़ेंगे, सबको साथ लेकर चलेंगे।

बीजेपी के महापौर वीवी राजेश ने कहा कि तिरुवनंतपुरम के सभी 101 वार्डों में विकास कार्य लागू किया जाएगा और तिरुवनंतपुरम को एक विकसित शहर बनाया जाएगा। वीवी राजेश ऐसे समय में केरल में महापौर बने हैं, जब राज्य के विधानसभा चुनाव मेंं 6 महीने से भी कम समय बचा है।

केरल में बीजेपी सालों से संघर्ष करती आ रही है, लेकिन लेफ्ट के इस अभेद किले को अभी तक भेदने में नाकामयाब रही थी। केरल में पार्टी का अभी तक केवल एक ही विधायक रहा है, जिनका नाम ओ राजगोपाल रहा है। उन्होंने 2016 में नेमोम सीट जीती थी।

राज्य में बीजेपी के एक सांसद हैं अभिनेता सुरेश गोपी, जिन्होंने साल 2024 में त्रिशूर सीट जीती है।

सीपीआईएम को कड़ी टक्कर

बता दें कि आज सुबह हुए मतदान में बीजेपी के कैंडिडेट ने 51 वोट हासिल किए, जो 100 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत से एक अधिक है। सीपीआईएम के आरपी शिवाजी को 29 और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के केएस सबरीनाथन को 19 वोट मिले। एक पार्षद ने मतदान में भाग नहीं लिया। एक अन्य निर्दलीय पार्षद, पी राधाकृष्णन के समर्थन से बीजेपी की ये जीत संभव हो पाई।

राजेश का महापौर बनना केरल की शहरी राजनीति में बीजेपी के लिए एक नए अध्याय का संकेत है। केरल की राजधानी में बीजेपी की इस जीत ने शहर के नगर निकाय पर सीपीआईएम के 45 वर्षों के नियंत्रण को समाप्त कर दिया है। समारोह के बाद केरल बीजेपी के प्रमुख राजीव चंद्रशेखर ने पत्रकारों से कहा कि सीपीआईएम ने कांग्रेस के अप्रत्यक्ष या पर्दे के पीछे के समर्थन से तिरुवनंतपुरम को बर्बाद कर दिया है।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख