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अयोध्या: उत्तर प्रदेश स्थित अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बीच तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष और पूर्व आईएएस नृपेंद्र मिश्रा को लेकर चौंकाने वाले दावे किए हैं। चंपत राय ने 9 पन्नों में 33 बिंदुओं के तहत बयान जारी किया है।

उनके दावे के मुताबिक मंदिर निर्माण में वही हुआ जो मिश्रा ने चाहा। साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद से लेकर आज तक के घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए राय ने दावा किया है कि निर्माण के लिए कौन सी कंपनी काम करेगी और वास्तुकार कौन होगा तक के फैसले नृपेंद्र मिश्रा ने किए। राय के दावे के मुताबिक कई मामलों में ऐसा भी हुआ कि नृपेंद्र मिश्रा के अलावा किसी और के फैसले या मशविरे को महत्व नहीं दिया गया।

चंपत राय ने कहा कि मंदिर निर्माण के सभी निर्णयों में नृपेंद्र मिश्रा ही प्रमुख रहे। उन्होंने कहा कि मिश्रा के कहने पर ही एल एंड टी को निर्माण के लिए चुना गया। निर्माण के सभी निर्णयों में नृपेंद्र मिश्रा ही प्रमुख रहे।

पूर्व महासचिव ने कहा कि नृपेंद्र मिश्रा के साथ अनूप मित्तल बैठक में आते थे।

पूर्व महासचिव की ओर से यह आरोप ऐसे समय में लगाए गए हैं, जब एक ओर चढ़ावा चोरी मामले की एसआईटी जांच चल रही है और दूसरी ओर नृपेंद्र मिश्रा ने मंदिर निर्माण के पूर्ण होने का समय मार्च 2027 बताया है।

चढ़ावा चोरी के मामले में एबीपी न्यूज़ से बातचीत में नृपेंद्र मिश्रा ने कहा था कि उन्हें यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि यह अव्यवस्था का मामला होने के साथ-साथ डाका है। मिश्रा ने बिना किसी का नाम लिए यह भी कहा था कि अपने मन मुताबिक नियुक्तियां की गईं। एबीपी न्यूज़ से ही बातचीत में मिश्रा ने पहली बार कहा था कि राम मंदिर का संचालन और उसकी व्यवस्था सीईओ सरीखे सिस्टम के दायरे में आना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना कमेटी के निर्णय के एक भी काम नहीं हुआ।

बयान के बाद आया नृपेंद्र मिश्रा का बयान

चंपत राय का ये बयान इसलिए अहम हो जाता है क्योंकि पिछले दिनों चढ़ावा चोरी को लेकर उनपर गंभीर आरोप लगे हालांकि एसआईटी की जांच में उन्हें क्लीन चिट मिली और उस क्लीन चिट के बाद उन्होंने मंदिर निर्माण और मंदिर से जुड़े फैसलों को लेकर चुप्पी तोड़ी है। सवाल इस बात का है कि चंपत राय क्या कहना चाह रहे हैं। क्या अब वो गड़बड़ियों के लिए नृपेंद्र मिश्रा के खिलाफ मोर्चा खोल रहे हैं?

उधर, चंपत राय की चिट्ठी सामने आने के बाद राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने कहा है कि प्रारंभिक समीक्षा हुई है। मंदिर के अंदर का निर्माण 30 सितंबर तक पूर्ण हो जाएगा। उन्होंने भुगतान को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सभी भुगतानों की समीक्षा हो रही है।

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