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गॉल: देवदत्त पडिक्कल के शानदार 167 रन और ध्रुव जुरेल के महत्वपूर्ण अर्धशतक की बदौलत भारत ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट के दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक नौ विकेट पर 460 रन बना लिए। बारिश से प्रभावित दिन में भारत ने सात विकेट गंवाए, लेकिन निचले क्रम के बल्लेबाजों के उपयोगी योगदान से टीम मजबूत स्थिति में पहुंच गई। स्टंप्स के समय कुलदीप यादव 12 और प्रसिद्ध कृष्णा एक रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे। खराब मौसम और गीले मैदान के कारण दूसरे दिन का खेल करीब दो घंटे 35 मिनट की देरी से शुरू हुआ।

श्रीलंकाई गेंदबाजों ने की बेहतर वापसी

भारत ने दिन की शुरुआत दो विकेट पर 288 रन से की थी और उसके पास बड़ी बढ़त की नींव रखने का शानदार मौका था। हालांकि, श्रीलंकाई गेंदबाजों ने पहले दिन की तुलना में बेहतर लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी की और भारतीय बल्लेबाजों को आसानी से रन बनाने के मौके नहीं दिए। भारत ने दिनभर में 172 रन जोड़कर सात विकेट गंवाए।

इनमें कुछ विकेट श्रीलंकाई स्पिनरों की शानदार गेंदबाजी का नतीजा रहे, जबकि कुछ मौकों पर भारतीय बल्लेबाजों ने खुद गलतियां कीं।

दोहरे शतक से चूके देवदत्त पडिक्कल

पडिक्कल ने 131 रन से अपनी पारी आगे बढ़ाई और शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपना पहला 150 रन का आंकड़ा पार किया। उन्होंने 215 गेंदों में तेज गेंदबाज असिता फर्नांडो की गेंद पर पुल शॉट के जरिए चौका लगाकर यह उपलब्धि हासिल की।

पडिक्कल ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। हालांकि, चाय से ठीक पहले वह 167 रन के स्कोर पर आउट हो गए। प्रभात जयसूर्या की फ्लाइटेड गेंद पर वह चकमा खा गए और विकेटकीपर निरोशन डिकवेला ने स्टंपिंग पूरी की।

उनकी इस पारी ने नंबर तीन के स्थान पर भारत को एक और विकल्प दिया है। नियमित बल्लेबाज साई सुदर्शन के पैर की चोट से वापसी के बाद भी पडिक्कल ने इस स्थान के लिए अपना मजबूत दावा पेश किया है।

पंत और राहुल जल्दी लौटे

भारत को दिन की शुरुआत में ऋषभ पंत के रूप में बड़ा झटका लगा। पंत 39 रन बनाकर केशरा नुवांथा की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में आउट हुए। सोनल दिनूषा ने दौड़ते हुए उनका कैच लपका।

इसके बाद पिछले दिन 77 रन पर मांसपेशियों में खिंचाव के कारण रिटायर हुए केएल राहुल दोबारा बल्लेबाजी करने उतरे। हालांकि वह केवल चार रन और जोड़ सके। नुवांथा की घूमती और उछाल लेती गेंद पर राहुल शॉर्ट लेग पर निशान मधुष्का को आसान कैच दे बैठे। इन दो विकेटों ने श्रीलंकाई गेंदबाजों में नया जोश भर दिया।

जुरेल ने संभाली पारी

चाय के समय भारत का स्कोर पांच विकेट पर 364 रन था। इसके बाद रवींद्र जडेजा नुवांथा की गेंद पर एलबीडब्ल्यू होकर 377 के स्कोर पर छठे बल्लेबाज के रूप में आउट हुए।

इसके बाद ध्रुव जुरेल ने जिम्मेदारी संभाली। वह पिछले कुछ समय से रनों के लिए संघर्ष कर रहे थे, लेकिन इस मुकाबले में उन्होंने शानदार वापसी की।

29 रन के स्कोर पर जयसूर्या की गेंद पर उनका एज स्लिप में श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डी सिल्वा के हाथों से छूट गया।

इस जीवनदान का जुरेल ने पूरा फायदा उठाया और आठ पारियों के बाद अपना पहला अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने नुवांथा को मिडविकेट के ऊपर से छक्का लगाया और लाहिरू कुमारा की गेंद पर चौका भी जड़ा।

जुरेल ने मानव सुथार के साथ सातवें विकेट के लिए 55 रन जोड़े। हालांकि, वह अपने अर्धशतक को बड़ी पारी में नहीं बदल सके और जयसूर्या की गेंद पर डी सिल्वा ने स्लिप में शानदार कैच पकड़कर अपनी पिछली गलती की भरपाई की।

निचले क्रम ने भी दिया अहम योगदान

जुरेल के आउट होने के बाद भी भारत के निचले क्रम ने श्रीलंकाई गेंदबाजों को परेशान किया। मानव सुथार ने 24 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि मोहम्मद सिराज ने भी कुछ आक्रामक शॉट लगाए।

भारतीय टीम प्रबंधन के लिए सुथार की पारी खास तौर पर सकारात्मक रही। कप्तान शुभमन गिल ने पहले ही निचले क्रम के बल्लेबाजों से योगदान की जरूरत पर जोर दिया था, खासकर वॉशिंगटन सुंदर जैसे चोटिल ऑलराउंडरों की गैरमौजूदगी में।

श्रीलंका की ओर से स्पिनरों ने दिन में बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि तेज गेंदबाज लाहिरू कुमारा और असिता फर्नांडो प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। दोनों गेंदबाज न तो नियमित अंतराल पर विकेट ले सके और न ही रन गति पर पर्याप्त अंकुश लगा पाए।

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