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मुंबई: शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की बात नहीं सुनकर और उनसे गठबंधन के संबंध में वार्ता ना करके ‘बड़ी गलती’ की, वर्ना बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे कुछ और होते।

बंगाल में बीजेपी की जीत लोकतंत्र की जीत नहीं: राउत

मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए संजय राउत ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत लोकतंत्र की जीत नहीं है, क्योंकि एसआईआर के माध्यम से लाखों मतदाताओं के नाम हटा दिए गए। राउत ने कहा, मेरा मानना ​​है कि यह डेमोक्रेसी की जीत नहीं है। यह पक्का पीएम मोदी और अमित शाह की जीत है। जैसे पश्चिम बंगाल और दूसरे राज्यों में एसआईआर के जरिए लाखों वोटर्स के नाम काट दिए गए और उन्हें वोट देने का अधिकार नहीं मिला। जीत और हार में 11 लाख वोटों का फर्क है। अगर 9 लाख वोट कट गए तो यह पीएम मोदी और अमित शाह की जीत कैसे हो सकती है?

उन्होंने कहा, "मैंने इस तरह का चुनाव पाकिस्तान, रूस और अज़रबैजान में देखा है। इस तरह का चुनाव, चुनाव भी नहीं है। पहले रिज़ल्ट तय होते हैं, और फिर चुनाव होते हैं।"

शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता ने कहा, ‘‘लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जो कुछ भी कहा था (पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के चुनावों में धांधली के बारे में), वह सच साबित हुआ। वह एक दूरदर्शी नेता हैं।’’ उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन जैसे प्रमुख विपक्षी नेताओं की हार के बावजूद, विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ का भविष्य उज्ज्वल है। राउत ने कहा कि बीजेपी भी इस समय शिखर पर है और भविष्य में उसे भी हार का सामना करना पड़ेगा।

एक दिन पहले 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 207 सीटें जीतकर निर्णायक बहुमत हासिल किया और बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 15 साल के शासन का अंत हो गया। ममता बनर्जी को प्रतिष्ठित भवानीपुर सीट पर बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा।

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