नई दिल्ली: नई दिल्ली के आईटीओ स्थित स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) के कैंपस में आग लग गई, इसे शिक्षा मंत्रालय का ऑफिस बताया जा रहा है। अब केंद्र सरकार की ओर से इस पर स्पष्टीकरण आया है। शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि ये एसपीए का कैंपस है, शिक्षा मंत्रालय कर्तव्य भवन-2, डॉ. राजेंद्र प्रसाद रोड, नई दिल्ली में स्थित है।
शिक्षा मंत्रालय ने जारी किया स्पष्टीकरण
शिक्षा मंत्रालय ने कहा, 'यह यह स्पष्ट किया जाता है कि शिक्षा मंत्रालय कर्तव्य भवन-2, डॉ. राजेंद्र प्रसाद रोड, नई दिल्ली में स्थित है. जबकि आग लगने की घटना स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) के परिसर में हुई, जो आईटीओ, नई दिल्ली में स्थित है।' मंत्रालय ने आगे कहा, 'आग लगने की घटना के संबंध में किसी भी प्रकार की गलत सूचना के प्रसार को रोकने के लिए यह स्पष्टीकरण जारी किया जा रहा है। इसके अलावा, आग मामूली थी और उस पर जल्द ही काबू पा लिया गया। किसी भी तरह की जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है।'
सोमवार सुबह बिल्डिंग में लगी थी आग
दिल्ली के आईटीओ इलाके में सोमवार (1 जून) सुबह 'स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर' की इमारत में आग लगी थी। इस घटना से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने की कोशिश की।
लोगों को निकाला गया बाहर
आईटीओ स्थित 'स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए)' इमारत की दूसरी मंजिल पर आग लगी। आग लगते ही बिल्डिंग के अंदर मौजूद सभी लोगों को बाहर निकाला गया। इसके बाद आनन-फानन में दमकल विभाग की सूचना दी गई। दिल्ली अग्निशमन सेवा को इस घटना की जानकारी सुबह 9:37 बजे मिली। इस पर तुरंत कदम उठाते हुए मौके पर करीब 8 गाड़ियों को भेजा गया।
शुरुआती जांच में पता चला है कि इस इमारत की दूसरी मंजिल से धुआं निकलता हुआ दिखाई दिया। फिलहाल किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। वहीं, आग कैसे लगी, इसकी वजह अभी सामने नहीं आई है।
कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
घटना को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'शिक्षा मंत्रालय में लगी आग का पता नहीं चल पाया है, लेकिन असली आग तो भाजपा ने अपने कुकर्मों से हमारी शिक्षा व्यवस्था में लगाई है। भाजपा ने पेपर लीक माफियाओं के जरिए शिक्षा को लूट का धंधा बना दिया है। व्यापम घोटाले से शुरू हुई इस कहानी का खामियाजा अब सीबीएसई के छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।'






