नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार अपराह्न छात्रों के ‘पीजी’ के तौर पर इस्तेमाल की जा रही पांच मंजिला इमारत ढह गई, जिससे चार लोगों की मौत हो गई जबकि कई लोग अभी भी मलबे में फंसे हुए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अतिरिक्त डीसीपी-I, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली अभिमन्यु पोसवाल ने कहा, "करीब 1:30 बजे हमारे पास पीसीआर कॉल आई कि एक इमारत गिर गई है... हालात को देखते हुए एनडीआरएफ को बुलाया गया था। अभी तक बचाव अभियान चल रहा है। 9 बच्चों को बचाया गया था, जिनमें से 6 बच्चों को अलग-अलग अस्पताल पहुंचाया गया और 3 बच्चों की मृत्यु हो गई है। जो भी वैधानिक कार्रवाई होगी वह की जाएगी।
यह इलाका दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के ‘साउथ कैंपस’ के प्रमुख हिस्से के पास स्थित है और यहां की संकरी एवं भीड़भाड़ वाली गलियों में कई छात्रावास तथा भोजनालय हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इमारत करीब 20 साल पुरानी थी और घटना के समय, अपराह्न करीब 1.30 बजे, बेसमेंट में निर्माण कार्य जारी था।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के सूत्रों ने बताया कि अस्पताल में लाए गए चार घायलों में से दो की हालत अब भी गंभीर है, जबकि एक को मृत अवस्था में लाया गया था। एक बचावकर्मी को भी अस्पताल लाया गया था, जिसे उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि स्थानीय पुलिसकर्मी, दमकल विभाग, ‘कैट’ एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाएं मौके पर मौजूद हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई है और बचाव एवं राहत अभियान जारी है।
पुलिस ने एक बयान में बताया कि अपराह्न 1.34 बजे साउथ कैंपस थाने में नानकपुरा गुरुद्वारे के पास एक इमारत ढहने के संबंध में पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) को सूचना मिली।
बयान में कहा गया, ‘‘मलबे में फंसे या घायल लोगों की सटीक संख्या फिलहाल ज्ञात नहीं है। अब तक कुछ लोगों को मलबे से निकाला गया गया है। पुष्टि होने पर आगे की जानकारी साझा की जाएगी।’’
पुलिस ने बताया कि उन्होंने इमारत के मालिक की पहचान कर ली है और उसे पकड़ने के लिए कई टीम गठित की गई हैं।
अधिकारियों के अनुसार, ढही हुई इमारत को ‘हॉस्टल डेज’ के नाम से जाना जाता था।
पीएम मोदी ने जताया गहरा दुख
इस दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। चार लोगों की मौत की पुष्टि के बाद, प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (एक्स) पर दुख जताते हुए लिखा, 'दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत के ढहने की घटना बेहद दुखद है। जिन लोगों ने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। अधिकारी घटनास्थल पर मुस्तैदी से काम कर रहे हैं और इस हादसे से प्रभावित लोगों की हर संभव मदद कर रहे हैं।'
राहुल गांधी बोले- हर स्टूडेंट की जान कीमती
दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की खबर बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है। कई लोगों के मलबे में दबे होने की खबर है, जिनमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई छात्र भी शामिल हैं। मेरी अपील है कि एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस और सभी बचाव दल हर संभव प्रयास करके हर एक छात्र तक पहुँचें, घायलों को तुरंत सर्वोत्तम संभव इलाज मिले, ताकि किसी को भी बचाने में कोई कसर न छोड़ी जाए। कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ता मौके पर मौजूद हैं और हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। इस मुश्किल घड़ी में हम सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं। छात्रों का जीवन पहले ही संघर्षों से भरा था - अब हालात जानलेवा हैं.।कॉलेज या विश्वविद्यालय में अच्छे हॉस्टल न होने के कारण छात्र PG में एक छत के नीचे 40-40 की संख्या में, अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं। हर छात्र की जान कीमती है और उसकी रक्षा हर हाल में होनी चाहिए।






