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नई दिल्ली/हल्द्वानी: हल्द्वानी के बनभूलपुरा में रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई टल गई है। अब मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी। पूर्व में यह सुनवाई दो दिसंबर को होनी थी लेकिन समयाभाव के कारण इसे टालते हुए 10 दिसंबर की तारीख मुकर्रर की गई थी।

16 दिसंबर मिली अगली तारीख

यह मामला सीधे 4365 मकानों में रह रही बड़ी आबादी से जुड़ा है। बीते साल अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई हिंसा के बाद पुलिस और जिला प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। संभावित फैसले से पहले प्रशासन ने क्षेत्र की संवेदनशीलता और तनाव की आशंका को ध्यान में रखकर सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया था। दरअसल रेलवे भूमि से जुड़ी इस याचिका के फैसले का असर ना सिर्फ हल्द्वानी बल्कि पूरे देश में देखने को मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए 16 दिसंबर की तारीख तय की है।

इस दिन रेलवे भूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आ सकता है।


क्या है पूरा मामला

रेलवे ने बनभूलपुरा की गफूर बस्ती, इंदिरा नगर, नई बस्ती और रेलवे पटरी से सटे इलाकों की करीब 29 हेक्टेयर जमीन पर दावा किया है। रेलवे के अनुसार यहां रह रही बड़ी आबादी ने अवैध रूप से निर्माण किया है। स्थानीय लोगों की मानें तो वे लोग यहां 40 से 50 साल से रह रहे हैं। मामले में हल्द्वानी निवासी रविशंकर जोशी ने साल 2022 में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। इस पर कोर्ट ने भूमि को अतिक्रमणमुक्त करने के निर्देश दिए। इसके खिलाफ क्षेत्रीय लोगों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

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