ताज़ा खबरें
एसआईआर के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन आजादी की दूसरी लड़ाई: खड़गे
जेडीयू से बाहर निकाले जाने पर अनंत सिंह बोले- बनाऊंगा अपनी पार्टी
रामलीला मैदान की रैली से पहले राहुल बोले- बीजेपी का दिल से धन्यवाद

देहरादून: दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के मुद्दे को लेकर छात्रों के आंदोलन के बीच उत्तराखंड से एक और कथित पेपर लीक का मामला सामने आया है। वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) ने इंजीनियरिंग के दो विषयों की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। विश्वविद्यालय का कहना है कि एक शिक्षक पर परीक्षा से मिलते-जुलते सवाल छात्रों तक पहुंचाने का आरोप है। मामले में आरोपी शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई है।

व्हाट्सएप ग्रुप में भेजे गए थे परीक्षा से मिलते-जुलते सवाल

जानकारी के मुताबिक, आरोपी शिक्षक आशीष कुमार, शिवालिक कॉलेज में प्रोफेसर हैं और विश्वविद्यालय के लिए पेपर सेटर के रूप में प्रश्नपत्र तैयार कर रहे थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने परीक्षा से पहले एक कॉलेज के व्हाट्सएप ग्रुप में परीक्षा से मिलते-जुलते सवाल छात्रों को भेज दिए। आरोप सामने आने के बाद विश्वविद्यालय ने दोनों विषयों की परीक्षाएं तत्काल रद्द कर दीं। इस पूरे मामले में कॉलेज की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

विश्वविद्यालय ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के साथ ही पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। ऐसे समय में, जब देशभर में छात्र लगातार पेपर लीक की घटनाओं को रोकने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, उत्तराखंड से सामने आया यह मामला नई बहस छेड़ सकता है।

वाइस चांसलर ने कहा- आरोपी शिक्षक कार्रवाई की मांग की गई है

विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर तृप्ता ठाकुर ने कहा कि जिस कॉलेज से आरोपी शिक्षक जुड़े हैं, उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने अपनी ओर से आरोपी शिक्षक को आगामी 7 वर्षों तक किसी भी परीक्षा संबंधी गतिविधि में शामिल होने से रोक दिया है।

उन्होंने कहा कि शिक्षक ने अपने 22 छात्रों के भविष्य के साथ समझौता किया है। विश्वविद्यालय की नैतिक जिम्मेदारी है कि ऐसे शिक्षकों को भविष्य में किसी भी परीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा न बनाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित कॉलेज को आरोपी शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कराना चाहिए और विश्वविद्यालय कॉलेज की अब तक की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है।

पहले भी मिली थी शिकायत

वाइस चांसलर ने बताया कि जांच के दौरान यह भी सामने आया कि एक पेपर पहले ही लीक हो चुका था। इसी कारण उस परीक्षा को भी रद्द करने का फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि दोनों परीक्षाएं अब अगस्त में दोबारा कराई जाएंगी और नई परीक्षा तिथि जल्द जारी की जाएगी।

जानकारी के मुताबिक, 8 जुलाई को आयोजित मशीन लर्निंग फार इंटरनेट आफ थिंग्स विषय की परीक्षा को लेकर छात्रों ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि परीक्षा के लगभग 90 फीसदी सवाल पहले ही छात्रों तक पहुंच चुके थे। छात्रों का दावा है कि शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता ने परीक्षा से पहले यही सवाल व्हाट्सएप के जरिए साझा किए थे। इसी शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू हुई और बाद में दोनों पेपर रद्द करने का फैसला लिया गया।

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख