लखनऊ: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘घुसपैठियों’ संबंधी टिप्पणी पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी राजनीतिक लाभ के लिए समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश करती है। उन्होंने सवाल किया कि भाजपा जिन लोगों को घुसपैठिया बता रही है, उनकी सूची कहां है और उन्हें घुसपैठिया घोषित करने का आधार क्या है।
अखिलेश यादव ने सपा के प्रदेश मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, ‘‘कौन सा चुनाव है, जो बीजेपी घुसपैठियों के बिना लड़ती है? आप किसी को घुसपैठिया कैसे करार दे सकते हैं? आपने कहा कि बिहार में घुसपैठिए हैं, फिर मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी उनके होने की बात कही। आखिर उनकी सूची कहां है? आप उन्हें कैसे परिभाषित करेंगे?’’
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने कहा, ‘‘हमारे मुख्यमंत्री भी तो घुसपैठिये हो सकते हैं। हम तो अपने मुख्यमंत्री के बारे में बात कर रहे हैं। वह दूसरे प्रदेश (उत्तराखंड) से उत्तर प्रदेश आए हैं। अब लखनऊ वाले कहें कि इटावा वाले घुसपैठिए हो गए? कौन है यह तय करने वाला?’’
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीयत समाज में ‘दरार पैदा करने की’ है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बातें कथित तौर पर ‘अंडरग्राउंड, अनरजिस्टर्ड और सुरंगवादी लोगों की कार्यशाला’ से निकलती हैं और बाद में उन्हें राजनीतिक मंचों पर उठाया जाता है।
सपा प्रमुख ने देश की सीमाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि यदि पिछले 10 वर्षों में सीमाएं असुरक्षित हुई हैं, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है।
उन्होंने चीन की सीमा से जुड़े मामलों और अरुणाचल प्रदेश तथा लद्दाख सहित विभिन्न क्षेत्रों से सामने आने वाली खबरों का जिक्र करते हुए पूछा कि सरकार घुसपैठ की परिभाषा क्या तय करना चाहती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर कानपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में अखिलेश यादव पर बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया था। आदित्यनाथ ने पूछा था, ‘‘अखिलेश जी, आपको बांग्लादेशी घुसपैठियों से इतना प्यार क्यों है?’’
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया था कि सपा और उसके समर्थक मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे गरीबों के अधिकार प्रभावित होते हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया था कि घुसपैठियों के आने पर उन्हें राशन कार्ड बनवाने में मदद की जाती है और गरीबों के हिस्से का राशन उन तक पहुंचाया जाता है।






