नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में आज (2 जनवरी) प्रदूषण स्तर में सुधार के मद्देनजर GRAP-3 के तहत लगी पाबंदियां हटाई गईं. अब सिर्फ़ ग्रैप 1 और 2 के तहत लगी पाबंदियां जारी रहेंगी. वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के मुताबिक, दिल्ली में एक्यूआई 1 जनवरी को 380 दर्ज किया था और इसमें आज (2 जनवरी) को सुधार देखा गया। 2 जनवरी की शाम 4 बजे ये 236 दर्ज किया गया। ऐसे में एक्यूआई में सुधार को देखते हुए ग्रेप-3 की पाबंदियों को हटाने का फैसला लिया गया। स्टेज-3 तब लागू किया जाता है, जब एक्यूआई 401 से 450 के बीच पहुंच जाता है।
ग्रेप के अलग-अलग स्टेज को समझें
दिल्ली-एनसीआर में खुले में कचरा अब भी नहीं जलाया जा सकेगा। इमरजेंसी की स्थिति में डीजल वाले जेनेरेटर चलाए जा सकेंगे। ग्रेप का पहला चरण एक्यूआई 201–300, दूसरा चरण एक्यूआई 301–400 और चौथा चरण एक्यूआई 450 के ऊपर लागू किया जाता है।
ग्रेप-3 की पाबंदियों में गैर-जरूरी कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन एक्टिविटीज़ को रोक दिया जाता है। स्टोन क्रशिंग और माइनिंग ऑपरेशन भी बंद कर दिए जाते हैं। वर्क फ्रॉम होम की सलाह जारी की जाती है। इसके साथ ही दूसरे राज्यों से दिल्ली आने वाली डीजल बसों पर भी रोक लगा दी जाती है।
ग्रेप-2 के दौरान क्या होता है?
गौरतलब है कि दिल्ली में जब प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगता है तब ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू किया जाता है। ग्रैप के दूसरे चरण की पाबंदियों में मुख्य सड़कों पर रोजाना मैकेनिकल स्वीपिंग और पानी का छिड़काव, निर्माण स्थलों पर सख्त जांच और धूल नियंत्रण उपाय, आपात सेवाओं को छोड़कर डीजल जेनरेटर के उपयोग पर प्रतिबंध, ट्रैफिक जाम कम करने के लिए भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी, निजी वाहनों को कम करने के लिए पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे उपाय किए जाते हैं। इस दौरान दिल्ली में इलेक्ट्रिक, सीएनजी या बीएस-VI मानक की डीजल बसों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाती है। आप लोगों से अपील की जाती है कि वो सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें।






