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प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हाल ही में हत्या के एक दोषी के कन्विक्शन और उम्रकैद की सजा पर रोक लगा दी है। दोषी का कहना है कि वह 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में एक निर्दलीय उम्मीदवार या भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहता है। जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस विनय कुमार द्विवेदी की बेंच ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी कई नेताओं के कन्विक्शन पर रोक लगाई है। कोर्ट ने माना कि नेताओं का अपने वोटरों के प्रति एक विशेष कर्तव्य होता है और अगर कन्विक्शन पर रोक नहीं लगती है तो उनके चुनाव लड़ने का मौका छीन सकता है।

इस आधार पर हाई कोर्ट ने नंदलाल राय को जमानत दे दी। वाराणसी की एक कोर्ट ने अप्रैल 2025 में उन्हें हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए हमारा मानना है कि इस अपील के लंबित रहने के दौरान कन्विक्शन और सजा पर रोक लगाई जानी चाहिए।

अदालत ने यह आदेश हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए नंदन लाल राय की ओर से दायर जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान दिया। राय की अपील अभी लंबित है।

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को घोषणा की कि उनकी पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र 26 नवंबर को जारी करेगी, जिस दिन संविधान दिवस भी है।

उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीट के लिए चुनाव अगले वर्ष की शुरुआत में होने हैं। चुनाव कार्यक्रम की अभी घोषणा नहीं की गई है।

'सत्ताईस का संकल्प: पीडीए का प्रणपत्र’

अखिलश यादव ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, "सत्ताईस का संकल्प: पीडीए का प्रणपत्र।’’ उन्होंने कहा, ''संविधान दिवस 26 नवंबर, 2026 के लोकतांत्रिक और पावन अवसर पर हम जारी करेंगे 'जन-मन का मैनीफेस्टो’ (घोषणापत्र)।’’

पीडीए अखिलेश यादव द्वारा गढ़ा गया संक्षिप्त नाम है, जिसमें ‘पिछड़े’, दलित और ‘अल्पसंख्यक’ शामिल हैं। यह समाजवादी पार्टी की राजनीतिक पहुंच की रणनीति का एक प्रमुख आधार है। अखिलेश ने पहले कहा था कि पार्टी उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में से प्रत्येक पर केंद्रित अलग-अलग घोषणापत्र भी तैयार करेगी।

प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर बुधवार को अहम फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को तीन महीने के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी कराने का आदेश दिया। अदालत ने ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद निवर्तमान प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने के राज्य सरकार के फैसले को वैध ठहराया है। इसके साथ ही अदालत ने प्रशासकों की नियुक्ति और संबंधित कानूनी प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज कर दीं।

निवर्तमान प्रधान बने रहेंगे प्रशासक

न्यायमूर्ति अजीत कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने इस मामले में एक साथ सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि निवर्तमान ग्राम प्रधान प्रशासक के रूप में काम करते रहेंगे। अदालत के आदेश के अनुसार, राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग को निर्धारित तीन महीने की अवधि के भीतर पंचायत चुनाव संपन्न कराने होंगे।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में गठबंधन को लेकर दोनों ओर से नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रहीं हैं। इस बीच आज (रविवार) को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा, "बात सीट की नहीं जीत की है।"

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आज सुबह अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर इसको लेकर एक पोस्ट लिखा, जिसके जरिए उन्होंने एक बार फिर गठबंधन पर अपनी राय दोहराई और सीट को लेकर टकराव की बात को नकारने की कोशिश की है।

हम सबको ये सुनिश्चित करना है कि जीत गठबंधन की हो

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शायरी के साथ शुरुआत करते हुए लिखा, "मकसद जब साफ हो तो हाथ-में-हाथ होता है, निगाह मंजिल पर हो तो सफ़र आसान होता है! बात बड़ी ये नहीं है कि गठबंधन में कितनी सीटें या कौन सी सीट किसके पास जा रही है, बात बड़ी ये है कि हम सबको ये सुनिश्चित करना है कि जीत गठबंधन की हो।"

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