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शिलांग: मेघालय के पूर्व जैंतिया हिल्स में पानी से भरे कोयला खदान में 13 खनिक फंस गए हैं, उन्हें अभी तक सुरक्षित नहीं निकाला जा सका है। जिले के पुलिस प्रमुख ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने पहले ही कह दिया है कि फंसे मजदूरों के जीवित होने की संभावना बहुत कम है। पूर्व जैंतिया हिल्स के जिला पुलिस प्रमुख सिलवेस्टर नौंगटन्गर ने बताया, हमारे द्वारा खदान से शवों को अभी बरामद किया जाना बाकी है। उन्होंने कहा, बचाव कार्य जोरों पर है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा मोचन बल को बचाव कार्य में लगाया गया है।

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने 17 अप्रैल, 2014 से राज्य में असुरक्षित और अवैज्ञानिक तरीके से कोयला खनन पर अंतरिम प्रतिबंध लगा दिया था। सिल्वेस्टर ने कहा कि गुरुवार देर शाम जो मौखिक जानकारी मिली थी, उसके मुताबिक, लुमथरी इलाके के तीन स्थानीय निवासियों सहित कुल 13 खनिक फंसे हैं। पुलिस अधिकारी ने कहा, ऐसा मालूम पड़ता है कि खनिकों ने तीन-चार दिन पहले फिर से खनन शुरू किया था। हमारा पहला काम फंसे लोगों को बचाना है। हम जेनरेटर की मदद से खदान से पानी बाहर निकाल रहे हैं लेकिन पानी का स्तर कम नहीं हुआ है।

शिलांग: मेघालय में कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए पांच बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके डोनवा देथवेल्सन लपांग ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। लपांग ने पार्टी नेतृत्व पर वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को गुरुवार रात भेजे इस्तीफे में लपांग ने कहा कि मुझे लगता है कि अब वरिष्ठ एवं बुजुर्ग लोगों की सेवा और योगदान पार्टी के लिए उपयोगी नहीं रह गया है। इसलिए वह अनिच्छा और भारी मन से इस्तीफा दे रहे हैं।

मेघालय प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एमपीसीसी) के पूर्व प्रमुख ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) पर वरिष्ठ एवं बुजुर्ग लोगों को दरकिनार करने की नीति पर चलने का आरोप लगाया। एआईसीसी के मेघालय के प्रभारी महासचिव लुइजिन्हो फलेरो ने कहा कि वह पिछले तीन साल से लपांग से नहीं मिले हैं। वहीं एमपीसीसी के अध्यक्ष सेलिस्टिन लिंग्दोह ने लपांग के पार्टी छोड़ने के निर्णय पर आश्चर्य व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि हम कोशिश करेंगे और देखेंगे अगर जल्द से जल्द मामले को निपटाया जा सके।

शिलांग: मेघालय में दक्षिण तुरा और रानीकोर विधानसभा सीटों पर हुए उप-चुनाव मुख्यमंत्री और एनपीपी के अध्यक्ष कोनराड के संगमा दक्षिण तुरा सीट से उपचुनाव में 8,400 मतों से जीत गए हैं। मेघालय में दक्षिण तुरा और रानीकोर विधानसभा सीटों पर हुए उप-चुनाव के लिए आज कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना शुरू हुई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) एफआर खारकोंगोर ने यह जानकारी दी।

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने सत्तारूढ़ नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के उम्मीदवार के तौर पर दक्षिण तुरा सीट से चुनाव लड़ थे। जबकि रानीकोर सीट से एनपीपी के उम्मीदवार हैं मार्टिन एम डांगगो। वह कांग्रेस के पूर्व विधायक हैं और विधानसभा से इस्तीफा दे चुके हैं। खारकोंगोर ने बताया कि मतगणना के पहले दो चरण के बाद संगमा अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के उम्मीदवार शारलोट डब्ल्यू मोमिन से करीब 5800 मतों से आगे चल रहे थे।

शिलांग: मेघालय में गुरुवार को दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है। सभी राजनीतिक दलों की नजरें दक्षिणी तुरा सीट पर हैं, जहां से प्रदेश के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा उम्मीदवार हैं। अभी वह लोकसभा में तुरा संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। दोनों सीटों पर मतों की गिनती 27 अगस्त को होगी। लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष पीए संगमा के बेटे कोनराड इस साल छह मार्च को मुख्यमंत्री बने थे। उनकी पार्टी नेशनल पीपुल्स पार्टी ने क्षेत्रीय दलों और भाजपा के साथ मिलकर राज्य में सरकार का गठन किया है।

मुख्यमंत्री संगमा का इस उपचुनाव में कांग्रेस के शार्लोट डब्ल्यू मोमिन से मुकाबला है और इस सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार भी विधानसभा में जाने की कोशिश में हैं। इनमें जान लेस्ली के संगमा और क्रिस काबुल ए संगमा शामिल हैं। इसके अलावा प्रदेश के दक्षिण पश्चिम खासी हिल्स जिले के रोनीकोर विधानसभा क्षेत्र में भी उपचुनाव कराए जा रहे हैं।

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