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मुंबई: मुंबई में जिन लोकल ट्रेनों को करोड़ों लोग रोजमर्रा की जिदगी की “लाइफलाइन” कहते हैं, वही शनिवार की शाम एक परिवार के लिए मौत की वजह बन गई। मलाड रेलवे स्टेशन पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब चलती ट्रेन से उतर रहे एक यात्री पर चाकू से हमला कर दिया गया। इस हमले में 33 वर्षीय प्रोफेसर आलोक कुमार सिंह की जान चली गई।

जानकारी के मुताबिक, आलोक कुमार सिंह पेशे से प्रोफेसर थे और एक निजी कॉलेज में पढ़ाते थे। शनिवार शाम वह लोकल ट्रेन से घर लौट रहे थे। यात्रा के दौरान किसी बात को लेकर ट्रेन में एक सह-यात्री से उनकी कहासुनी हो गई। बताया जा रहा है कि बहस के दौरान आरोपी ने आलोक को धमकी भी दी थी।

जैसे ही ट्रेन मलाड स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचने वाली थी और आलोक दरवाजे के पास उतरने के लिए खड़े हुए, उसी वक्त आरोपी ने अचानक उनके पेट में चाकू घोंप दिया। हमला इतना तेज था कि आसपास मौजूद यात्री कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आरोपी चलती ट्रेन से कूदकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गया।

मुंबई: बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में आरोपी सामाजिक कार्यकर्ताओं सागर गोरखे और रमेश गाइचोर को इस आधार पर जमानत दे दी कि अन्य आरोपियों को भी इसी तरह की राहत दी गई है। मामले में गिरफ्तार 16 लोगों में से 14 को जमानत मिल गई है, अब केवल एक आरोपी सुरेंद्र गाडलिंग ही जेल में हैं क्योंकि उनका मामला उच्चतम न्यायालय में लंबित है। एक आरोपी फादर स्टेन स्वामी की जुलाई 2021 में मौत हो गई थी।

न्यायमूर्ति ए एस गडकरी और न्यायमूर्ति एस सी चंदक की पीठ ने सागर गोरखे और रमेश गाइचोर को रिहा करने का आदेश दिया और उन्हें एक लाख रुपये का जमानत बांड प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। गोरखे और गाइचोर को सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था और इसके बाद से उन्हें मुंबई के तालोजा जेल में रखा गया। इन दोनों पर प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) समूह का सक्रिय सदस्य होने का आरोप है।पीठ ने इस बात पर गौर किया कि इस मामले में कई अन्य आरोपियों को लंबी कैद और निकट भविष्य में मामले की सुनवाई शुरू नहीं होने की संभावना के आधार पर जमानत दे दी गई है।

मुंबई: महानगरपालिका चुनावों के नतीजों के बाद से महाराष्ट्र का सियासी पारा गरमाया हुआ है। चुनाव से पहले, चुनाव के दौरान और चुनाव के बाद जो सियासी तस्वीरें उभरी उसने कइयों को चौंका दिया। जैसे एक दूसरे के सियासी विरोधी अजित पवार और शरद पवार साथ आ गए। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच गठबंधन हुआ। अब परभणी लोकसभा सीट से उद्धव ठाकरे गुट के सांसद संजय जाधव ने कहा है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को एक साथ आना चाहिए, जैसा कि पवार परिवार ने किया।

शिंदे को 'हजम' करने की कोशिश कर रही बीजेपी: जाधव

जाधव ने दावा किया कि पुणे और पिंपरी चिंचवड महानगरपालिका चुनावों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख एवं उपमुख्यमंत्री अजित पवार और उनके चाचा तथा एनसीपी (एसपी) अध्यक्ष शरद पवार के बीच हुए गठबंधन से प्रेरणा लेते हुए, शिवसेना के दोनों गुटों को हाथ मिला लेना चाहिए, क्योंकि बीजेपी शिंदे को ‘हजम’ करने की कोशिश कर रही है।

मुंबई: बीएमसी चुनाव के नतीजों के बाद मुंबई के महापौर पद को लेकर चल रही खींचतान के बीच, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने मंगलवार को दावा किया कि बीजेपी अपने और शिवसेना के नवनिर्वाचित पार्षदों के फोन टैप करा रही है। राउत ने कहा कि बीजेपी के पार्षदों पर उसी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा नजर रखी जा रही है।

मुंबई के महापौर का फैसला दिल्ली से किया जा रहा है: संंजय राउत

मुंबई के महापौर पद के लिए दौड़ तेज होने और शिवसेना के रुख को लेकर अनिश्चितता बढ़ने के बीच शिवसेना (यूबीटी) सांसद संंजय राउत ने दावा किया कि मुंबई के महापौर का फैसला दिल्ली से किया जा रहा है, जो महाराष्ट्र का अपमान है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की कड़ी आलोचना की। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “बीजेपी कार्यकर्ता पार्टी के हर पार्षद की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। बीजेपी अपने ही पार्षदों के फोन भी टैप कर रही है।" उन्होंने कहा कि एक आलीशान होटल में "बंद" शिवसेना पार्षदों के फोन भी टैप किए जा रहे हैं।

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