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भोपाल: एनडीए के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद ने भोपाल में मध्यप्रदेश के विधायक, सांसद और मंत्रियों से शनिवार को मुलाकात की। बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान, संगठन महामंत्री सुहास भगत, केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज, नरेंद्र सिंह तोमर, थावरचंद गहलोत भी शामिल थे। कोविंद के भोपाल आगमन पर स्टेट हैंगर पर भाजपा ने डोम और टैंट तान दिया, इस पर सवाल भी उठे। इस मुद्दे पर मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने ट्वीट कर कहा गोवा एयरपोर्ट के बाद भोपाल के स्टेट हैंगर पर भाजपा ने टेंट व डोम तानकर साबित कर दिया कि जनता के पैसे को "विरासती" समझ रहे हैं। कोविंद से मिलने मध्यप्रदेश में जनसंपर्क और संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा भी पहुंचे। पेड न्यूज़ के मामले में चुनाव आयोग ने नेताजी की विधायकी शून्य कर दी है, हाईकोर्ट ने भी इनकी याचिका पर राहत नहीं दी है, फिर भी मंत्रीजी ने मीडिया के सवाल पर साफ कहा मैं राष्ट्रपति चुनाव में वोट दूंगा। कांग्रेस मंत्रीजी का इस्तीफा मांग चुकी है, उसका कहना है आयोग से योग्य लोगों की लिस्ट आने पर मंत्रीजी सबक सीखेंगे।

मंदसौर: मध्यप्रदेश के मंदसौर में 6 जून को किसान आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के लिए अफीम तस्कर जिम्मेदार थे। इसका खुलासा शुक्रवार को राज्य पुलिस ने किया। इसके साथ ही 32 फरार आरोपियों की सूची जारी की है। बता दें कि इस हिंसा में पांच किसानों की मौत हो गई थी। मध्यप्रदेशके पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला ने मंदसौर में मीडिया से बातचीत में कहा, पिछले माह हुए किसान आंदोलन में हिंसा भड़काने वालों में अफीम की तस्करी करने वाले शामिल थे। संवाददाताओं द्वारा इनकी सूची मांगे जाने पर पुलिस ने गुरुवार को 32 फरार आरोपियों की सूची जारी की। मंदसौर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने पहले कहा था कि अफीम की तस्करी और मादक पदार्थों धंधे में आरोपी रहे जिले के 32 ऐसे लोगों की पहचान की गयी है, जो गत माह किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने में शामिल रहे थे। तब पुलिस ने दावा किया था कि सूची में शामिल लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं, हालांकि पुलिस ने सूची जारी करते हुए शुक्रवार को इस बात का उल्लेख नहीं किया है।

भोपाल: मध्यप्रदेश में गुरुवार (29 जून) को कर्ज से परेशान दो और किसानों ने पेड़ में फंदा डालकर फांसी लगा ली। पहली आत्महत्या मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर और दूसरी होशंगाबाद में हुई। राज्य में 18 दिनों के भीतर 31 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। सीहोर के बिलकिसगंज के इमलीखेड़ा में किसान मारिया बारेला (50) ने गुरुवार सुबह एक पेड़ में फंदा डालकर फांसी लगा ली। पुलिस का कहना है कि आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं है कि किसान ने आत्महत्या क्यों की, पर मृतक के परिजनों का कहना है कि उस पर काफी कर्ज था। मुख्यमंत्री शिवराज के गृह जिले सीहोर में बीते 18 दिनों में किसान की आत्महत्या का यह सातवां मामला है। वहीं, होशंगाबाद के पिपरिया थाना क्षेत्र के साडिया गांव में किसान गुलाब सिंह (52) ने गुरुवार (29 जून) सुबह पेड़ में फंदा डालकर फांसी लगा ली। परिजनों का कहना है कि उस पर दो लाख रुपये का कर्ज था, जिसके चलते वह तनाव में रहता था। पिपरिया थाने के प्रभारी कीरत धुर्वे ने कहा, "किसान का सुसाइड नोट मिला है, लेकिन उसमें उसने आत्महत्या का कारण नहीं लिखा है। पुलिस जांच कर रही है।"

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के मंत्री नरोत्तम मिश्रा को चुनाव आयोग ने अयोग्य घोषित कर दिया है। उन पर 2008 के चुनाव के दौरान पेड न्यूज के आरोप लगाए गए थे। चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद अब नरोत्तम मिश्रा अगले तीन सालों तक कोई चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में 2018 के दिसंबर में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। चुनाव आयोग ने पाया कि उन्होंने साल 2008 के विधानसभा चुनाव में पेड न्यूज पर खर्च की गई रकम को अपने चुनावी खर्च में नहीं दर्शाया था। कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की 2009 में की गई शिकायत पर यह फैसला आया है। उन्होंने नरोत्तम मिश्रा पर 2008 के चुनावों के दौरान करप्ट प्रैक्टिस और पेड न्यूज का आरोप लगाया था। चुनाव आयोग ने जनवरी 2013 में नोटिस जारी कर नरोत्तम मिश्रा से जवाब मांगा था। काफी समय से ये मामला लंबित था जिस पर शनिवार को चुनाव आयोग ने फैसला सुनाया है। गौरतलब है कि नरोत्तम मिश्रा इस मामले के खिलाफ 2015 में हाईकोर्ट भी गए थे लेकिन उनको वहां से कोई राहत नहीं मिली थी। हाईकोर्ट ने नरोत्तम मिश्रा की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद वह सुप्रीम कोर्ट भी गए लेकिन उन्हें वहां से भी राहत नहीं मिल पाई। नरोत्तम मिश्रा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के काफी करीबी माने जाते हैं। उनके पास जल संसाधन, जनसंपर्क और संसदीय कार्य मंत्रालय का जिम्मा है।

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