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नई दिल्ली: दिल्ली में ऑड-ईवन योजना समाप्त होने के बाद कामकाज के शुरुआती तीन दिनों में हवा की गुणवत्ता में तेजी से गिरावट आई और योजना खत्म होने के बाद पहले दिन ही पार्टिकुलेट मैटर (पीएम 2.5) का स्तर 57 फीसदी से अधिक हो गया। यह दावा एक हरित निकाय 'सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट' (सीएसई) ने एक अध्ययन में किया है। अध्ययन में कहा गया है कि ऑड-ईवन योजना की वजह से हासिल हुई वायु की गुणवत्ता को दिल्ली खो चुकी है। अगर समय रहते वायु की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कदम न उठाए गए तो ठंड देर से पड़ने की वजह से प्रदूषण और भी हानिकारक रूप ले लेगा। अध्ययन में दिल्ली सरकार से जाड़े के मौसम के शेष हिस्से के बारे में और टिकाऊ आधार पर यातायात घटाने एवं सार्वजनिक वाहनों को ज्यादा प्रभावी तरीके से चलाने की अनुमति देने के लिए उसकी योजना का शीघ्र खुलासा करने का आग्रह किया है जनवरी माह के शुरुआती दो सप्ताह में चलाई गई ऑड-ईवन योजना के कारण सड़कों पर वाहनों का यातायात कम हो गया था।
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नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार सुबह घने कोहरे के कारण दृश्यता कम रही। सर्द हवाओं के कारण ठंड का सितम अभी भी जारी है। जनवरी का आखिरी सप्ताह दिल्लीवालों को कड़ाके की ठंड का एहसास कराएगा। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का सीधा असर मैदानी इलाके के तापमान पर पड़ेगा। इसके कारण न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जाएगी। 26 जनवरी को धूप नहीं होगी, जबकि 24 से 25 जनवरी की सुबह घनी धुंध भरी होगी। मौसम विभाग के वैज्ञानिक डीपी यादव ने बताया कि पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों के न्यूनतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की कमी के साथ ही आद्रता का स्तर भी बढ़ा हुआ देखा गया है।
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नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने विवाहेतर संबंध रखने वाले एक व्यक्ति की खिंचाई करते हुए कहा कि उसे बलात्कार के मामले में जेल में बिताई अवधि को अपने ‘बुरे और शातिराना कृत्य’ के लिए सबक के रूप में लेना चाहिए। अदालत ने हालांकि उसे यह कहते हुए बलात्कार के आरोप से बरी कर दिया कि आरोपी व्यक्ति और आरोप लगाने वाली महिला के बीच आपसी सहमति से शारीरिक संबंध थे। बलात्कार का आरोप 24 वर्षीय एक महिला ने लगाया था। उसने कहा था कि व्यक्ति ने अपनी शादी की बात छिपाकर उससे धोखे से शादी कर ली। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट्ट ने कहा, ‘यद्यपि आरोपी अपराध का दोषी नहीं है, फिर भी उसका आचरण साफ नहीं रहा है। उसने विवाहेतर संबंध रखकर अपनी पत्नी और अपने बच्चों को धोखा दिया है। उसने अपनी पत्नी का विश्वास तोड़ा है।’
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नई दिल्ली: दिल्ली मेट्रो ट्रेनों के और अधिक फेरे बढ़ाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। दिल्ली मेट्रो के मुताबिक अब और फेरे बढ़ाना संभव नहीं है, क्योंकि इसमें बहुत अधिक लागत आएगी। दिल्ली मेट्रो ने अपना यह पक्ष सुप्रीम कोर्ट में रखा रहा है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के मुताबिक हर स्टेशन पर दो से तीन मिनट में एक ट्रेन की फ्रीक्वेंसी है। इससे ज्यादा फ्रीक्वेंसी नहीं की जा सकती क्योंकि इससे पूरे सिस्टम पर फर्क पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले सुनवाई में मेट्रो से पूछा था कि क्या और जल्दी फेरे लगाए जा सकते हैं। मेट्रो में अभी औसतन 24-26 लाख लोग प्रतिदिन यात्रा करते हैं। दिल्ली मेट्रो ने सर्वोच्च अदालय को बताया है कि लोगों को परेशानी न हो इसलिए मेट्रो में डिब्बों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
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