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अगरतला: त्रिपुरा में बीते दिन गिरफ्तार की गई अभिनेत्री और टीएमसी नेता सायोनी घोष को जमानत मिल गई है। पश्चिम त्रिपुरा में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने उन्हें जमानत दे दी है। अगरतला पुलिस ने रविवार को घोष को हत्या के प्रयास और हिंसा उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

अभिषेक बनर्जी बोले- राज्य में विफल रहा तो राजनीति छोड़ दूंगा

वहीं, अगरतला में टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा त्रिपुरा में लोकतंत्र पर हमले हो रहे हैं। यदि मतदाता स्वतंत्र रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकते हैं, जिसकी मौजूदा स्थिति को देखते हुए काफी कम संभावना है, तो अगले विधानसभा चुनावों में भाजपा अपना खाता खोलने में विफल रहेगी।

उन्होंने कहा कि खुले में न आएं। यदि आपको मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए भाजपा का झंडा लेने करने की आवश्यकता है, तो ऐसा करें। अपने आप को गुंडों से बचाने के लिए उनके राजनीतिक कार्यक्रमों में भाग लें, लेकिन विकास समर्थक टीएमसी को वोट दें।

नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने त्रिपुरा में अपनी नेताओं पर हुए 'हमले' और 'झूठे केसों में गिरफ्तारी' को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात का समय मांगा है। टीएमसी राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने सोमवार को ट्वीट करते हुए कहा है कि हम लोग आपके मुलाकात के लिए इंतजार कर रहे हैं। बता दें, त्रिपुरा में रविवार को टीएमसी नेता सायानी घोष को हत्या के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया है। टीएमसी की पश्चिम बंगाल इकाई की युवा शाखा की सचिव सायानी घोष को पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी के दौरे से 24 घंटे पहले हिरासत में लेने के बाद गिरफ्तार किया गया।

तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया कि पूर्वी अगरतला महिला पुलिस थाने के बाहर उनके कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा समर्थकों ने धक्का-मुक्की की। हालांकि, भाजपा ने आरोप को खारिज किया है। डेरेक ओ ब्रायन ने ट्वीट करते हुए लिखा है, 'गृहमंत्री जी, त्रिपुरा में टीएमसी कार्यकर्ताओं पर क्रूर हमले किए जा रहे हैं और यहां तक कि पत्रकारों के साथ भी मारपीट हुई है।

अगरतला/करीमगंज (असम): त्रिपुरा में हिरासत में ली गईं दो महिला जर्नलिस्‍ट को गोमती जिला सीजेएल ने जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। राज्‍य में हालिया सांप्रदायिक घटनाओं पर रिपोर्ट लिखने के लिए त्रिपुरा आई दो महिला पत्रकारों को असम पुलिस ने रविवार को असम-त्रिपुरा सीमा के करीब करीमगंज के नीलम बाजार में हिरासत में ले लिया था। दोनों राज्यों के पुलिस अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की थी। ‘एचडब्ल्यू न्यूज नेटवर्क' की पत्रकार समृद्धि सकुनिया और स्वर्ण झा को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के एक समर्थक की शिकायत के आधार पर रविवार को त्रिपुरा के फातिक्रोय थाने में दर्ज एक प्राथमिकी में नामजद किया गया था। आरोप लगाया गया कि उन्होंने अपनी खबरों के जरिए त्रिपुरा की छवि खराब की है।

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (ईजीआई) और इंडियन वुमेन प्रेस कॉर्प्स (आईडब्ल्यूपीसी) ने असम पुलिस द्वारा दो महिला पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने की निंदा की थी। असम पुलिस के एक अधिकारी ने बताया था कि दोनों पत्रकारों को रात भर के लिए सरकार द्वारा संचालित महिला आश्रय गृह में रखा गया है।

नई दिल्ली: दक्षिणपंथी समूह विश्व हिंदू परिषद (वीएसपी) की शिकायत के बाद त्रिपुरा में दो महिला पत्रकारों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं, महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर डराने-धमकाने का आरोप लगाया है। पत्रकार समृद्धि सकुनिया और स्वर्णा झा ने आरोप लगाया है कि पुलिस उनके होटल में आई और उन्हें "डराया-धमकाया"। देर शाम उन्हें हिरासत में ले लिया गया है। इन पत्रकारों पर दो धार्मिक आधार पर दो समूहों के बीच वैमनस्यता फैलाने का आरोप लगा है। विहिप नेता कंचन दास द्वारा दर्ज कराई शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई की है।

त्रिपुरा पुलिस के आईजी (लॉ एंड ऑर्डर) अरिंदम नाथ ने कहा कि पुलिस ने दोनों महिला पत्रकारों समृद्धि सकुनिया और स्वर्णा झा के खिलाफ कई केस दर्ज किए हैं। झूठी और बनावटी खबरों को प्रकाशित करने और सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने के मामले में उन पर केस दर्ज किया गया है। जबकि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि त्रिपुरा में एक मस्जिद को नुकसान पहुंचाने और तोड़फोड़ के बारे में सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरें फर्जी हैं और गलतबयानी की गई है।

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