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नई दिल्ली: त्रिपुरा में लगातार बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच शनिवार को बिप्लब कुमार देव के इस्तीफे के बाद अब मानिक साहा त्रिपुरा के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे। गौरतलब है कि बिप्लब देब की कार्यशैली से कई विधायक नाराज रहे हैं, तीन विधायकों ने इस कारण इस्तीफा दे दिया था। मानिक साहा को एक महीने पहले ही राज्यसभा के लिए चुना गया था। उनके मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद राज्य में एक राज्यसभा सीट भी खाली होगी। यह भी कहा जा रहा है कि बिप्लब देब को राज्यसभा की इस सीट से उम्मीदवार बनाया जा सकता है।

पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देव ने ट्वीट कर मानिक साहा को बधाई दी है। उन्होंने लिखा है कि बधाई एवं शुभकामनाएं मानिक साहा जी विधायक दल के नेता के रूप में चुने जाने पर।

भाजपा नेता भूपेंदर यादव ने तस्वीर ट्वीट कर मानिक साहा को बधाई देते हुए लिखा है कि मानिक साहा जी को त्रिपुरा भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने की बहुत-बहुत बधाई। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और आपके नेतृत्व में त्रिपुरा विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा।

अगरतला: त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देव ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राज्य के गवर्नर एसएन आर्य को त्यागपत्र सौंप दिया है। मीडिया रिर्पोटस के मुताबिक, देव ने किन वजहों से त्यागपत्र दिया है, इसका अभी तक कोई पता नहीं चला है। बिप्लब कुमार देव ने अपने त्यागपत्र पर कहा कि पार्टी चाहती है कि वो संगठन की मजबूती के लिए काम करें। पार्टी नेताओं का कहना है कि भाजपा विधायक दल की बैठक त्रिपुरा में शनिवार को ही होगी और इसमें नए नेता का चुनाव किया जाएगा। भाजपा विधायक दल की बैठक में नए नेता के चुनाव के लिए भूपेंद्र यादव, विनोद तावड़े को पर्यवेक्षक बनाकर भेजा जाएगा।

त्रिपुरा में अगले साल यानी मार्च 2023 में विधानसभा चुनाव होने हैं। जबकि पिछला विधानसभा चुनाव फरवरी 2018 में हुआ था। त्रिपुरा में 60 सदस्यों वाली विधानसभा है। तब 43 फीसदी वोट हासिल करने के साथ भाजपा ने 36 सीटें जीतकर पहली बार राज्य में सरकार बनाई थी और वहां लंबे समय से चले आ रहे वामपंथी शासन को खत्म किया था।

अगरतला: त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर पूर्वोत्तर को "बहिष्कृत" करने का आरोप लगाया और कहा कि क्षेत्र में कांग्रेस नेता की "अज्ञानता" के कारण ही "पार्टी का सफाया" हो गया। राहुल गांधी ने भारत को संघ बताते हुए एक ट्वीट किया था। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए त्रिपुरा के सीएम ने कहा कि वह पूर्वोत्तर राज्यों को "भूल गए" हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी अपने ट्वीट में उत्तर पूर्वी क्षेत्र का उल्लेख नहीं करने के लिए गांधी की खिंचाई की।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी ने अपने परदादा और भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की तरह इस क्षेत्र को "बहिष्कृत" किया था। देब ने अपने ट्वीट में कहा, "प्रचार करने के लिए राहुल गांधी हमारे खूबसूरत पूर्वोत्तर के राज्यों को भूल गए हैं। अपने परदादा की तरह ही उन्होंने हमारे क्षेत्र को बहिष्कृत कर दिया? हम भी भारत के गौरवशाली अंग हैं। आपकी अज्ञानता के कारण आपकी पार्टी का पूर्वोत्तर से पूरी तरह सफाया हो गया है।"

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को त्रिपुरा पुलिस को राज्य में कथित सांप्रदायिक हिंसा के बारे में एक पत्रकार के ट्वीट के संबंध में ट्विटर इंक को दिए गए नोटिस पर कार्रवाई करने से रोक दिया। जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और ए एस बोपन्ना की पीठ ने याचिका पर नोटिस जारी किया और समीउल्लाह शब्बीर खान की याचिका को अन्य लंबित मामलों के साथ सुनवाई के लिए जोड़ दिया।

बेंच ने कहा कि नोटिस जारी करें। पीठ ने कहा कि आगे के आदेश लंबित होने तक पहले प्रतिवादी (पुलिस अधीक्षक साइबर अपराध)) को इन कार्यवाही में याचिकाकर्ता के संबंध में 22 नवंबर 2021 के निर्देश पर कार्रवाई करने से रोकने के लिए एक अंतरिम निर्देश होगा।

खान की ओर से पेश अधिवक्ता शारुख आलम ने कहा कि त्रिपुरा पुलिस के पुलिस अधीक्षक (साइबर अपराध) सेल द्वारा सीआरपीसी की धारा 91 के तहत ट्विटर इंक को जारी नोटिस में याचिकाकर्ता का ब्राउजिंग इतिहास, उसका टेलीफोन नंबर और आईपी पता मांगा गया है। साथ ही याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले की जांच के लिए ट्वीट को सुरक्षित रखने को कहा है।

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