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चेन्नई: चक्रवाती तूफान दित्वा के कारण तमिलनाडु के विभिन्न जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। 30 नवंबर तक तूफान के पहुंचने की संभावना है। फिलहाल यह तूफान नगापट्टिनम जिले में वेदारण्‍यम के 90 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, कारइक्‍काल के 120 किलोमीटर दक्षिण – दक्षिण पूर्व, पुद्दुचेरी के निकट दो सौ अस्‍सी किलोमीटर और चेन्‍नई के तीन सौ तीस किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। इस बीच तमिलनाडु के तिरुचि, तंजावुर, नागपट्टिनम में स्थित स्कूलों ने अवकाश की घोषणा कर दी है।

पुडुचेरी विश्वविद्यालय ने परीक्षाओं को किया स्थगित

वहीं, पुडुचेरी विश्वविद्यालय ने शनिवार 29 नवंबर को होने वाली सभी परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। पुडुचेरी केंद्रीय विश्वविद्यालय की विज्ञप्ति में कहा गया है, 'तटरक्षक जिला, पुडुचेरी से प्राप्त संचार और 27 नवंबर के सलाहकार-परिपत्र के क्रम में, यह अधिसूचित किया जाता है कि 29 नवंबर को निर्धारित सभी कक्षाएं और परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। स्थगित परीक्षाओं के संशोधित कार्यक्रम की सूचना नियत समय पर दी जाएगी।'

नई दिल्ली: तमिलनाडु में सत्तारूढ़ पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर राज्य में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराने के निर्वाचन आयोग के फैसले को चुनौती दी है। पार्टी ने याचिका में इस कवायद को असंवैधानिक, मनमाना और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए खतरा बताया है।

डीएमके के संगठन सचिव आर एस भारती द्वारा दायर याचिका में राज्य में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू करने के लिए 27 अक्टूबर की निर्वाचन आयोग की अधिसूचना को रद्द करने का अनुरोध किया गया है। याचिका में इसे अनुच्छेद 14, 19 और 21 (समानता का अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जीवन का अधिकार) और संविधान के अन्य प्रावधानों तथा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम और 1960 के मतदाता पंजीकरण नियमों का उल्लंघन बताया गया है।

याचिका सोमवार को वकील विवेक सिंह द्वारा उच्चतम न्यायालय की रजिस्ट्री में दायर की गई है और इस सप्ताह इस पर सुनवाई होने की संभावना है।

नई दिल्ली: तमिलनाडु के करूर में अभिनेता-राजनेता विजय के रैली के दौरान मची भगदड़ के मामले में टीवीके ने सुप्रीम कोर्ट में स्वतंत्र जांच की याचिका दाखिल की थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर अपना फैसला सुनाया और मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं।

बता दें कि टीवीके ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की थी कि भगदड़ की जांच एक पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश की निगरानी में हो, क्योंकि पार्टी का कहना है कि सिर्फ तमिलनाडु पुलिस की तरफ से बनाई गई विशेष जांच दल (एसआईटी) से जनता का भरोसा नहीं बनेगा। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि भगदड़ पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा हो सकता है।

पूर्व जज अजय रस्तोगी करेंगे निगरानी

वहीं टीवीके की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व न्यायाधीश अजय रस्तोगी को करूर भगदड़ मामले में सीबीआई जांच की निगरानी करने वाली समिति का प्रमुख नियुक्त किया है। टीवीके के सचिव आधव अर्जुना ने इस याचिका को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया था।

नई दिल्ली: अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने करूर भगदड़ की निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इस भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी और 60 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। टीवीके पार्टी ने याचिका दायर करते हुए इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में स्वतंत्र एजेंसी से कराए जाने की मांग की है। मामले में पहले ही मद्रास हाईकोर्ट विशेष जांच टीम (एसआईटी) से जांच करने का आदेश दे चुका है। हालांकि, हाईकोर्ट के इस आदेश को पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इससे पहले, इसी मामले में एक पीड़िता के परिजनों ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

हाईकोर्ट के आदेश पर गठित हुई एसआईटी

करूर भगदड़ मामले की जांच के लिए मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर एसआईटी का गठन भी किया जा चुका है, जिसका नेतृत्व आईपीएस अधिकारी असरा गर्ग को दिया गया। असरा गर्ग के अलावा नमक्कल की पुलिस अधीक्षक विमला और सीएससीआईडी पुलिस अधीक्षक श्यामला देवी शामिल हैं।

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