ताज़ा खबरें
एसआईआर के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन आजादी की दूसरी लड़ाई: खड़गे
जेडीयू से बाहर निकाले जाने पर अनंत सिंह बोले- बनाऊंगा अपनी पार्टी
रामलीला मैदान की रैली से पहले राहुल बोले- बीजेपी का दिल से धन्यवाद

पुरी: ओडिशा के पुरी में श्री गुंडिचा मंदिर के पास रविवार (29 जून, 2025 ) की सुबह भगदड़ मच गई, जिसमें कम से कम तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई। इसके साथ ही करीब 50 श्रद्धालु घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसमें से 5-6 लोगों की हालत काफी नाजुक है।

रथ यात्रा देखने को उमड़ी थी भीड़

यह घटना उस समय हुई जब भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी शुभद्रा की मूर्तियों वाले तीन रथ श्री गुंडिचा मंदिर से गुजर रहे थे, जो जगन्नाथ मंदिर से करीब तीन किलोमीटर दूर है, जहां से यात्रा शुरू हुई थी।

रविवार की सुबह करीब 4.30 बजे पवित्र रथ श्री गुंडिचा मंदिर से गुजर रहे थे। दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ी थी। जैसे ही रथ पास पहुंचा तो भीड़ और तेजी से बढ़ने लगी। कुछ लोग गिर गए और भगदड़ मच गई। इस घटना में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मरने वाले लोग ओडिशा के ही रहने वाले हैं और रथ यात्रा के लिए पुरी आए थे।

नई दिल्ली: कांग्रेस ने मंगलवार को ओडिशा के गंजाम जिले में गो-तस्करी के संदेह में दो दलित पुरुषों के साथ हुए कथित अमानवीय व्यवहार पर नाराजगी जताई और मामले की जांच के लिए एक जांच समिति का गठन किया।

पुलिस के अनुसार, गो-तस्करी के आरोप में दो दलित पुरुषों के बाल जबरन मुंडवा दिए गए, उन्हें पीटा गया और घुटनों के बल रेंगने, घास खाने और नाली का पानी पीने के लिए मजबूर किया गया। इस मामले में अब तक नौ लोगों को हिरासत में लिया गया है।

ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने सोमवार रात को इस घटना की जांच के लिए एक पांच सदस्यीय समिति गठित की जिसकी अध्यक्षता कांग्रेस विधायक दल के नेता रामचंद्र कदम करेंगे।

समिति के अन्य सदस्यों में ओपीसीसी के उपाध्यक्ष लालतेंदु महापात्र, विधायक रमेश जेना, महासचिव सुबर्णा नायक और सचिव तुलेश्वर नायक शामिल हैं।

घटना रविवार को धारकोट थाना क्षेत्र के अंतर्गत खरिगुमा गांव के जहादा में हुई।

भुवनेश्वर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को ओडिशा के दौरे पर रहे। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भुवनेश्वर में रोड शो भी किया। इस रोड शो में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा था। इसके बाद पीएम मोदी ने एक बड़ी जनसभा को भी संबोधित किया। दरअसल, ओडिशा सरकार के एक वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भुवनेश्वर में राज्य स्तरीय समारोह का खास आयोजन किया गया। ओडिशा में पीएम मोदी ने राज्य को 18,600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी। 

ओडिशा में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अभी दो दिन पहले मैं जी7 समिट के लिए कनाडा में था। उस दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुझे फोन किया और बड़े आग्रह के साथ निमंत्रण दिया। मैंने, अमेरिका के राष्ट्रपति से कहा, निमंत्रण के लिए आपका धन्यवाद, लेकिन मुझे तो महाप्रभु की धरती पर जाना जरूरी है। इसलिए मैंने उनका निमंत्रण विनम्रता से मना किया। आपका प्रेम मुझे महाप्रभु की धरती तक खींच लाया है।

भुवनेश्वर: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि विश्व आज भारत की बात सुनता है और देश अपनी विरासत के कारण अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह बताने में सक्षम है कि भविष्य ‘युद्ध’ में नहीं, बल्कि ‘बुद्ध’ में निहित है।

भुवनेश्वर में आयोजित ‘18वें प्रवासी भारतीय दिवस-2025’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत सिर्फ लोकतंत्र की जननी ही नहीं है बल्कि लोकतंत्र हमारे जीवन का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत को सुनती है, जो न केवल अपने विचार रखता है बल्कि ‘ग्लोबल साउथ’ के विचार भी पेश करता है। ‘ग्लोबल साउथ’ शब्द का इस्तेमाल आम तौर पर आर्थिक रूप से कम विकसित देशों को संदर्भित करने के लिए किया जाता है।

मोदी ने कहा, ‘‘अपनी विरासत की ताकत के कारण ही भारत दुनिया को यह बताने में सक्षम है कि भविष्य ‘युद्ध’ में नहीं, बल्कि ‘बुद्ध’ (शांति) में निहित है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम संकट की स्थिति में अपने प्रवासी समुदाय की मदद करना अपनी जिम्मेदारी समझते हैं, चाहे वे कहीं भी हों।’’

  • देश
  • प्रदेश
  • आलेख