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भुवनेश्वर: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और उपमुख्यमंत्री प्रवाती परिदा ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन और बेमौसम बारिश के कारण किसानों की फसल के नुकसान के मद्देनजर नये साल के अवसर पर किसी भी समारोह में शामिल नहीं होने का सोमवार को फैसला किया। माझी ने यह निर्णय आज लिया क्योंकि राज्य में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर सात दिवसीय राजकीय शोक मनाया जा रहा है और कई जिलों में असमय बारिश के कारण किसानों को हुए नुकसान को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।

ओडिशा के मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन और बेमौसम बारिश के कारण विभिन्न जिलों में किसानों की फसलों के नुकसान के बाद सात दिवसीय राष्ट्रीय शोक की अवधि के मद्देनजर आगामी अंग्रेजी नव वर्ष के अवसर पर किसी भी समारोह/बधाई कार्यक्रम में आधिकारिक रूप से भाग नहीं लेंगे।’’ मुख्यमंत्री ने शुभचिंतकों और समर्थकों से अनुरोध किया है कि वे नये साल पर कोई फूल, डायरी या अन्य सामान न लाएं।

भुवनेश्वर: ओडिशा के कोरापुट जिला स्थित प्रसिद्ध शैवपीठ गुप्तेश्वर के पास सुकनाल घाटी में तीर्थयात्रियों से भरी एक बस के पलट जाने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 28 लोग घायल हो गए। घटना रविवार की सुबह साढ़े पांच बजे की है। बस में 40 से अधिक श्रद्धालु सवार थे।

बस कटक के नियाली से तीर्थयात्रियों को लेकर शैवपीठ के लिए निकली थी। इधर, मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने इस घटना पर शोक प्रकट किया। साथ ही मृतक के आश्रितों को दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि व घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की है।

10 लोगों की हालत गंभीर, एक नाबालिग के कटे हाथ-पैर

बताया गया कि सभी तीर्थयात्री कटक और उसके आसपास के क्षेत्र के थे और शनिवार को कालाहांडी में मां माणिकेश्वरी का दर्शन करने के बाद शैवपीठ गुप्तेश्वर मंदिर जा रहे थे कि यह घटना घटी। घायलों में से 10 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इसमें एक नाबालिग भी है, जिसका एक पैर एवं एक हाथ कट गया है।

भुवनेश्वर: ओडिशा में भीषण चक्रवाती तूफान ‘दाना' के तटीय क्षेत्र से टकराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रक्रिया के शुक्रवार सुबह तक जारी रहने की संभावना है। आईएमडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तूफान पिछले छह घंटों में 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ा और फिर केंद्रपाड़ा जिले के भीतर कनिका और भद्रक जिले के धामरा के बीच पहुंचा। हवा की गति करीब 110 किलोमीटर प्रति घंटे थी।

भद्रक में भारी तबाही, कई इलाकों में उखड़े पेड़

दाना तूफान के दस्तक देने के बाद से ओडिशा के कई इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश का सिलसिला जारी है। इस कारण कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए हैं। तेज हवाओं और भारी बारिश से ओडिशा के धामरा भद्रक में भारी तबाही मची है। कई जगह पेड़ गिरे हुए हैं। दाना तूफान की वजह से ओडिशा के बांसडा में भारी तबाही हुई। ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्र में चक्रवाती तूफान दाना के आने का सिलसिला जारी है।

भुवनेश्वर: चक्रवाती तूफान दाना ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल सरकार और स्थानीय जिला प्रशासन की नींद उड़ा रखी है। फिलहाल दोनों ही राज्यों में तटीय इलाकों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। तूफान से बचाव के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। एनडीआरएफ की 288 टीमें ओडिशा में तैनात की गई हैं। इसके अलावा राज्य के 14 जिलों से 10 लाख लोगों को सुरक्षित शिविरों तक पहुंचाया गया है।

समुद्री तटों पर धारा 144 लागू

मौसम विभाग की मानें तो इस चक्रवाती तूफान का असर पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और झारखंड में दिखाई देगा। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यह तूफान राष्ट्रीय उद्यान और धामरा बंदरगाह के बीच सतह से टकरा सकता है।

"दाना चक्रवाती तूफान" को सीवियर साइक्लोन की श्रेणी में रखा गया है। यह अब ओडिशा के तट से करीब 200 किलोमीटर की दूरी पर फिलहाल 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ओडिशा की ओर आगे बढ़ रहा है। तूफान के साथ घने बादल भी समुद्र से तट की तरफ बढ़ रहे हैं। 

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