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वॉशिंगटन: तुर्की में अमेरिकी राष्ट्रपति की जान को खतरा था और इसके लिए उन्होंने ट्रक में छिपकर अपना प्लेन बदल लिया। दुनिया को लगा कि ट्रंप अपने एयर फोर्स वन प्लेन में बैठकर जा रहे हैं, लेकिन ट्रंप चकमा देते हुए किसी और प्लेन से अमेरिका पहुंचे। मीडिया में इस खबर के सामने आने के बाद आखिरकर ट्रंप ने भी इसे स्वीकार कर लिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने माना है कि पिछले महीने तुर्की में हुए नाटो सम्मेलन से लौटते समय उन्होंने चुपचाप अपना प्लेन बदल लिया था। यह फैसला सीक्रेट सर्विस और अमेरिकी सेना की सलाह पर लिया गया था, क्योंकि उन्हें लेकर एक खतरा था।

ट्रंप ने यह बात वॉशिंगटन पोस्ट की इस घटना पर रिपोर्ट आने के कुछ ही समय बाद मान ली है।

मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने सीक्रेट सर्विस और सेना की बात मानी और दूसरे प्लेन में बैठ गए। ट्रंप ने कहा, “यह पूरी तरह सीक्रेट सर्विस पर निर्भर है। मैं वही करता हूं जो वे चाहते हैं। मैं सीक्रेट सर्विस और सेना की बात मानता हूं। वे चाहते थे कि मैं दूसरी फ्लाइट और दूसरे प्लेन से जाऊं।"

दमिश्क: सीरिया की एक अदालत ने मंगलवार को देश के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद और उनके छोटे भाई माहेर अल-असद को मौत की सजा सुनाई। दोनों पर सीरिया में करीब 14 वर्षों तक चले संघर्ष के दौरान मानवता के खिलाफ अपराध और युद्ध अपराध (वॉर क्राइम) करने के आरोप थे। इस संघर्ष में लगभग पांच लाख लोगों की जान गई थी। अदालत ने दोनों को उनकी गैरमौजूदगी में यह सजा सुनाई। बताया गया है कि जब दिसंबर 2014 में विद्रोहियों ने दमिश्क में प्रवेश किया था, तब बशर अल-असद और उनके भाई माहेर रूस चले गए थे।

असद के रिश्तेदार को भी मिली मौत की सजा

इसी मामले में बशर अल-असद के ममेरे भाई आतिफ नजीब को भी मौत की सजा सुनाई गई। नजीब पर दक्षिणी सीरिया के दारा प्रांत में उस कार्रवाई की अगुवाई करने का आरोप था, जिसे 2011 में शुरू हुए विद्रोह की प्रमुख घटनाओं में से एक माना जाता है। बाद में यही संघर्ष व्यापक गृह युद्ध में बदल गया था। कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में नजीब को कैदी की पोशाक में एक पिंजरे के भीतर खड़ा किया गया था। न्यायाधीश ने इसी दौरान उनके खिलाफ मौत की सजा सुनाई।

लंदन: पाकिस्तान कब्‍जे वाले कश्मीर (पीओके) में हुए प्रदर्शनों के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की फायर‍िंग में एक ब्रिटिश नागरिक की मौत हो गई। यह जानकारी मीडिया रिपोर्टों में सामने आई है। ब्रिटिश अखबार द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन के पीटरबरो शहर के रहने वाले 50 वर्षीय मोहम्मद अख्तर की 9 जून को मौत हो गई थी। उनके परिजनों का कहना है कि आर्थिक और चुनाव सुधारों की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की ओर से की गई गोलीबारी के दौरान उन्हें गोली लगी थी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि एक अन्य ब्रिटिश नागरिक दो महीने से अधिक समय से पीओके की एक जेल में बंद है। परिवार की ओर से ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय की मदद से उनकी रिहाई की कोशिशों के बावजूद अब तक उन्हें रिहा नहीं किया गया है।

इन मामलों से पता चलता है कि पीओके में हुए हिंसक घटनाक्रमों का असर उन ब्रिटिश नागरिकों पर भी पड़ा है, जिनके पारिवारिक संबंध इस क्षेत्र से जुड़े हैं।

बोगोटा: कोलंबिया में सोमवार को आए शक्तिशाली भूकंप ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी। 7.4 तीव्रता वाले इस भूकंप में 132 लोगों की मौत होने और करीब 570 लोगों के घायल होने की खबर है। भूकंप के तेज झटकों से कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है। हालात को देखते हुए बड़ी संख्या में लोगों को अपने घरों और इमारतों से बाहर निकलना पड़ा।

बोगोटा समेत कई शहरों में महसूस हुए झटके

यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सिस्मोलॉजिकल सेंटर (ईएमएससी) के मुताबिक, भूकंप की शुरुआती तीव्रता 7.4 दर्ज की गई थी। इसका केंद्र जमीन से करीब 115 किलोमीटर नीचे बताया गया है। हालांकि, कोलंबियाई जियोलॉजिकल सर्विस के शुरुआती आंकड़ों में भूकंप की तीव्रता 6.7 बताई गई। अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़ों में अंतर के बावजूद, भूकंप के झटकों ने बड़े इलाके को प्रभावित किया। भूकंप का केंद्र राजधानी बोगोटा से करीब 400 किलोमीटर पश्चिम में सैन होजे डेल पालमार के पास बताया गया है।

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