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मुंबई: कच्चे तेल की वैश्विक कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बने रहने और बैंकों एवं वित्तीय शेयरों में बिकवाली के दबाव के बीच शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार में दो दिनों की तेजी थम गयी। सेंसेक्स 456 अंक टूट गया जबकि निफ्टी में 65 अंकों की गिरावट रही।

बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 455.59 अंक यानी 0.58 प्रतिशत टूटकर 78,499.17 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 577.69 अंक यानी 0.73 प्रतिशत तक लुढ़ककर 78,377.07 अंक तक आ गया था।

एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 65.35 अंक यानी 0.27 प्रतिशत गिरकर 24,570.65 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 113.25 अंक यानी 0.45 प्रतिशत टूटकर 24,522.75 अंक तक आ गया था।

सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से बजाज फाइनेंस में सर्वाधिक 5.90 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि बजाज फिनसर्व 4.18 प्रतिशत के नुकसान में रहा।

नई दिल्ली: देश का विदेशी मुद्रा भंडार 31 जुलाई को समाप्त सप्ताह में 10.51 अरब डॉलर बढ़कर 692.87 अरब डॉलर हो गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इससे एक सप्ताह पहले विदेशी मुद्रा भंडार 6.12 अरब डॉलर की बढ़त के साथ 682.35 अरब डॉलर रहा था।

इस साल 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 728.49 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। इसके बाद पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने और रुपये पर दबाव बढ़ने के कारण कई सप्ताह तक इसमें गिरावट आई, क्योंकि केंद्रीय बैंक को डॉलर की बिक्री कर बाजार में हस्तक्षेप करना पड़ा।

समीक्षाधीन सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखने वालीं विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 8.75 अरब डॉलर बढ़कर 564.68 अरब डॉलर हो गईं। डॉलर के संदर्भ में इन परिसंपत्तियों में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं के उतार-चढ़ाव का प्रभाव भी शामिल होता है।

नई दिल्ली: रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दो पैसे की मामूली बढ़त के साथ 95.20 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी बातचीत के नतीजों को लेकर अनिश्चितता से वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की धारणा के बीच रुपये में हल्की गिरावट आई।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि ईरान और ओमान के बीच समझौते को लेकर अनिश्चितता तथा कच्चे तेल की कीमतों में हाल की तेजी से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.27 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 95.19 से 95.28 प्रति डॉलर के दायरे में रहा और अंत में दो पैसे की बढ़त के साथ 95.20 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। रुपया बृहस्पतिवार को 14 पैसे की गिरावट के साथ 95.22 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

नई दिल्ली: भारत में खुदरा महंगाई दर जुलाई 2026 में 4.5 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। हालांकि, खाद्य वस्तुओं की अधिक कीमतों के कारण इसके ऊपर जाने का जोखिम बना हुआ है। यह जानकारी गुरुवार को जारी रिपोर्ट में दी गई। बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट के अनुसार, जरूरी चीजों (जैसे प्याज, खाने का तेल, चावल और दाल) की कीमतों में महंगाई का असर व्यापक बना हुआ है, हालांकि मुख्य सब्जियों की बेहतर आवक और सामान्य मानसून से कुछ राहत मिली है।

मुख्य महंगाई (जिसमें खाने-पीने की चीजें और ईंधन शामिल नहीं हैं) के 4–4.1 प्रतिशत के आसपास सीमित रहने की उम्मीद है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में नरमी से मदद मिलेगी। हालांकि, आगे चलकर इनपुट लागत बढ़ने से महंगाई बढ़ सकती है। बैंक ने बताया कि उसका 'एसेंशियल कमोडिटीज इंडेक्स' (बीओबी ईसीआई) जुलाई 2026 में सालाना आधार पर 4.1 प्रतिशत बढ़ा, जो इस पूरी सीरीज में सबसे तेज बढ़ोतरी थी। अगस्त 2026 में (शुरुआती 5 दिनों में) यह बढ़ोतरी और भी अधिक, यानी 5.4 प्रतिशत रही।

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