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नई दिल्ली: डॉलर सूचकांक में मामूली बढ़त और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी के बीच रुपया बृहस्पतिवार को 16 पैसे कमजोर होकर 95.24 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि अमेरिकी डॉलर सूचकांक में मामूली सुधार और विदेशी कोषों की निकासी से रुपये पर दबाव रहा। हालांकि, कच्चे तेल की अपेक्षाकृत नरम कीमतों ने रुपये को कुछ हद तक समर्थन दिया।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.13 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 95.12 से 95.24 प्रति डॉलर के दायरे में रहा। अंत में यह 95.24 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर आ गया जो पिछले बंद भाव की तुलना में 16 पैसे की गिरावट है।

रुपया बुधवार को 20 पैसे मजबूत होकर 95.08 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘अमेरिकी डॉलर सूचकांक में मामूली बढ़त और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में मामूली वृद्धि के कारण आज भारतीय रुपया कमजोर हुआ।’’

मुंबई: वैश्विक बाजारों के मिले-जुले संकेतों के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे सत्र में बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ। इस बीच सेंसेक्स में 374 अंकों की बढ़त दर्ज की गई, तो वहीं निफ्टी 24,600 से ऊपर बंद हुआ। इससे पहले मंगलवार की गिरावट से पहले भी घरेलू बाजार ने लगातार चार सत्रों में तेजी दर्ज की थी।

बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 373.76 अंक यानी 0.48 प्रतिशत बढ़कर 78,954.76 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी50 11.35 अंक या 0.05 प्रतिशत बढ़कर 24,636.00 पर बंद हुआ। व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप में 0.44 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप में 0.48 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी पीएसयू बैंक सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाला सेक्टर रहा, जिसमें 2.20 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसके बाद निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.8 प्रतिशत की तेजी आई। इसके साथ ही निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.17 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में बृहस्पतिवार को सोने की कीमतों में लगातार तीसरे सत्र में बढ़त देखी गई। रुपये की कीमत में गिरावट और मजबूत वैश्विक रुख की वजह से सोना 3,800 रुपये महंगा होकर सात सप्ताह के सबसे ऊंचे स्तर 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।

99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना बुधवार के 1,50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के बंद स्तर से 3,800 रुपये बढ़कर 1,53,800 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) हो गया।इससे पहले सोना 18 जून को 1,53,440 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर के आसपास बंद हुआ था। चांदी की कीमत भी पिछले सत्र के 2,32,700 रुपये प्रति किलोग्राम से 2,100 रुपये बढ़कर 2,34,800 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) हो गई।

कारोबारियों ने कहा कि रुपये में कमजोरी के कारण घरेलू बाज़ार में आयातित सर्राफा महंगा हो गया, जबकि कमजोर डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में नरमी के बीच विदेशी बाज़ार में सोने की कीमतों में बढ़त ने कीमती धातुओं को और सहारा दिया।

मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को व्यापक उम्मीदों के अनुरूप लगातार तीसरी बार प्रमुख नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण ऊर्जा कीमतों में अनिश्चितता और आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं को देखते हुए केंद्रीय बैंक ने यह फैसला लिया। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने सर्वसम्मति से नीतिगत ब्याज दर (रेपो रेट) को 5.25 प्रतिशत रखने का फैसला किया है।

समिति ने अपनी मौद्रिक नीति का रुख भी तटस्थ बनाए रखा है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मजबूत घरेलू मांग के कारण आर्थिक वृद्धि को लगातार समर्थन मिल रहा है।उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर लगातार बनी अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूती दिखाई है। अप्रैल-जून तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन आरबीआई के अनुमान से बेहतर रहा है।

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