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मुंबई: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में पांच जुलाई से ‘राम रक्षा’ आंदोलन शुरू करने की शुक्रवार को घोषणा की और लोगों से अयोध्या के प्रतिष्ठित राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन के मामले में बीजेपी को जवाबदेह ठहराने के लिए इस आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया।

ठाकरे ने कहा कि रविवार (पांच जुलाई) को लोग मध्य मुंबई के दादर स्थित हनुमान मंदिर में एकत्र होंगे, जहां ‘हनुमान स्तोत्र’ और ‘हनुमान चालीसा’ का पाठ करेंगे तथा अयोध्या के राम मंदिर में हुई कथित ‘‘चोरी’’ की जिम्मेदारी लेने के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर दबाव बनाएंगे।

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं राम मंदिर में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर हुई इस चोरी से आक्रोशित सभी लोगों से अपील करता हूं कि वे हमारे साथ जुड़ें और इसके लिए बीजेपी को जवाबदेह ठहराएं।’’

ठाकरे ने दावा किया कि देशभर में लोग अनेक समस्याओं का सामना कर रहे हैं, लेकिन केंद्र और कई राज्यों में बीजेपी की सरकार होने के बावजूद जनसरोकारों के मुद्दों के प्रति ‘‘अराजकता’’ और ‘‘उदासीनता’’ का माहौल है।

मुंबई: महाराष्ट्र में एक बार फिर परीक्षा व्यवस्था चर्चा में आ गई है। जानकारी के मुताबिक टेट परीक्षा का पेपर लीक होने की आशंका के कारण प्रशासन ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) जो कि 28 जून 2026 को होनी थी। उसको रद्द कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि ठाणे इलाके से प्रश्न पत्र बाहर आने के की जानकारी संबंधित विभाग तक पहुंची थी। जिसके बाद प्रशासन ने 28 जून को होने वाली परीक्षा को रद्द कर दिया है।

लाखों उम्मीदवारों पर पड़ेगा इसका असर

शिक्षा विभाग के फैसले के बाद राज्य वर्ष के बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को झटका लगा है। कई उम्मीदवार लंबे समय से परीक्षा की तैयारी कर रहे थे और परीक्षा केंद्र जाने की तैयारी पूरी कर चुके थे। अचानक आये इस फैसले से उम्मीदवारों के बीच में निराशा देखने को मिल रही है। पेपर लीक होने की जानकारी के बाद प्रशासन ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है कि पेपर लीक की आशंका कैसे बनी और इसके पीछे कौन लोग हो सकते हैं। अब अभ्यर्थियों को नई परीक्षा तारीख की घोषणा का इंतजार है।

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में आखिरकार वही हुआ, जिसकी अटकलें पिछले कई दिनों से लगाई जा रही थी। सोमवार को डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के 6 लोकसभा सांसद औपचारिक रूप से शिवसेना में शामिल हो गए। इन सांसदों का पार्टी में स्वागत करते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा कि इसी के साथ “ऑपरेशन टाइगर अब पूरा हो गया है”। इस घटनाक्रम से उद्धव ठाकरे के गुट में एक और विभाजन की प्रक्रिया पूरी हो गई।

शिवसेना (यूबीटी) की संसदीय दल की एक अहम बैठक में शामिल न होने के पांच दिन बाद आज एकनाथ शिंदे और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में एक कार्यक्रम में बागी सांसद शिवसेना में शामिल हुए। शिवसेना (यूबीटी) संसदीय दल की बैठक में केवल तीन लोकसभा सदस्य शामिल हुए थे। पाला बदलने वाले शिवसेना (यूबीटी) के लोकसभा सदस्य हैं- संजय देशमुख (यवतमाल), संजय जाधव (परभणी), संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर पूर्व), नागेश पाटिल-आष्टीकर (हिंगोली), ओमप्रकाश राजे निंबालकर (धाराशिव) और भाऊसाहेब वाकचौरे (शिरडी)।

मुंबई: शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने रविवार को दावा किया कि कुछ बागी सांसद पार्टी के संपर्क में हैं, क्योंकि वे अपने चुनाव क्षेत्रों में जनता के आक्रोश से डरे हुए हैं। राउत ने कहा कि ऐसे सांसदों में से कम से कम दो के साथ अभी बातचीत चल रही है। पत्रकारों से बात करते हुए राज्यसभा सदस्य ने कहा कि अगर सांसदों को लगता है कि उनसे गलती हुई है, तो उनसे बातचीत की जा सकती है। राउत ने दावा किया कि दो सांसदों के साथ अभी बातचीत चल रही है।

संजय राउत ने कहा, ‘‘कुछ सांसद अब भी संपर्क में हैं। वे अपने चुनाव क्षेत्र में लोगों के आक्रोश के कारण डरे हुए हैं।’’

संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर भी निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा है कि अब कोई गुट नहीं बचा है, और केवल एक ही शिवसेना है, जिसके प्रमुख एकनाथ शिंदे हैं। उन्होंने शाह पर शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे और महाराष्ट्र का अपमान करने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि केवल एक ही शिवसेना है, जिसके प्रमुख अभी उद्धव ठाकरे हैं।

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