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सागर: जिले में कल रात से लगातार हो रही तेज बारिश के कारण राहतगढ़ कस्बे में आज तड़के एक कच्चा मकान ढहने से सात लोगों की मौत हो गई और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गये। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक अग्रवाल ने बताया कि तेज बारिश के चलते राहतगढ़ के वार्ड सात में आज तड़के मेहताब नाम के व्यक्ति का कच्चा मकान ढह गया। इस हादसे में मकान में गहरी नींद में सो रहे सात लोगों की मलबे में दबने से मौत हो गई तथा मकान मालिक मेहताब (59) और उसके दो पुत्र लखन (26) तथा महेन्द्र (26) गंभीर रूप से घायल हो गये। घायलों को इलाज के लिये जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान मेहताब की पत्नी मोनारानी (55), उसके दो पुत्रों विकास (18) और नितिन (14) तथा एक पुत्री संजना (11) के अलावा कल्लू (30), उसकी पत्नी माया (25) और पुत्री तमन्ना (18 माह) के रूप में हुई है। अग्रवाल ने बताया पुलिस मामला दर्ज कर विस्तृत जांच कर रही है।

भोपाल: मध्यप्रदेश में सोमवार को स्वाधीनता दिवस हर्षोल्‍लास से मनाया गया. राजधानी में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने शासनकाल की उपलब्धियों का ब्योरा दिया और कर्मचारियों को कई सौगातें दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले कुछ दिनों में कर्मचारियों व अधिकारियों को सातवें वेतनमान का लाभ दिया जाएगा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारी बनाया जाएगा। राजधानी भोपाल के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित समारोह में चौहान ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। उन्होंने कहा कि दैनिक वेतनभोगियों को स्थायी कर्मियों का दर्जा दिया जाएगा, ताकि उन्हें भी वेतनमान, वेतनवृद्धि और मंहगाई भत्ता जैसी सुविधाएं मिल सकें। साथ ही योग्यतानुसार उनका समायोजन अन्य विभागों में किया जाएगा। शिवराज ने शासकीय कर्मियों को सातवां वेतनमान दिए जाने के साथ सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि बढ़ाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य के नौजवानों को रोजगार की बेहतर सुविधा देने के मकसद से 'रोजगार कैबिनेट' बनाई जाएगी. यह कैबिनेट रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में अहम काम करेगी। इसके साथ ही एक स्थान पर रोजगार के अवसर की समग्र जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य तेजी से बदल रहा है, देश और दुनिया में यहां की छवि बदल रही है। पहले राज्य की गिनती पिछड़े और गरीब राज्य के तौर पर होती थी, मगर अब ऐसा नहीं है।

इंदौर: जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर की जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने जो आजादी देश के अन्य हिस्सों में लोगों को दिलाई है, वही आजादी कश्मीर के लोगों को भी हासिल है। पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं से बंदूक छोड़ने तथा धरती के इस स्वर्ग की जमीन को लाल करने के बजाय हरियाली से परिपूर्ण कर देने का आह्वान किया। क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद की जन्मभूमि पर भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं जयंती के अवसर पर एक आमसभा में प्रधानमंत्री ने कहा, 'देश की आजादी के दीवानों ने जो ताकत हिन्दुस्तान को दी, वही ताकत कश्मीर को भी दी है। जो आजादी हिन्दुस्तान अनुभव करता है, वही आजादी कश्मीर को भी है।' उन्होंने कहा, 'कश्मीर, हमारे देश हिन्दुस्तान का स्वर्ग है. कश्मीर जाना हर देशवासी का सपना होता है. पूरा हिन्दुस्तान कश्मीर को प्यार करता है। लेकिन कुछ मुठ्ठी भर गुमराह हुए लोग कश्मीर की महान परंपरा को कहीं न कहीं ठेस पहुंचा रहे हैं।'मोदी ने कहा, मेरी सरकार अटल बिहारी वाजपेयी के ‘इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत’’ के मंत्र में भरोसा रखती है। उन्होंने अलगाववादियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कश्मीर के युवकों के हाथों में किताब होनी चाहिए लेकिन उनकी हाथों में पत्थर है। मोदी ने कहा कि कश्मीरियों को भी भारत के अन्य हिस्सों के लोगों की तरह आजादी प्राप्त है।

इन्दौर: गुजरात में नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध को करीब 139 मीटर की अधिकतम ऊंचाई तक भरने की सरकारी तैयारी का दावा करते हुए नर्मदा बचाओ आंदोलन की प्रमुख मेधा पाटकर ने आज (शुक्रवार) कहा कि अगर बांध को इस स्तर तक भर दिया गया तो नर्मदा घाटी क्षेत्र में रहने वाले लगभग 45,000 परिवार उजड़ जायेंगे। मेधा ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘हमारे अनुमान के मुताबिक, सरदार सरोवर बांध को फिलहाल 122 मीटर से ज्यादा ऊंचाई तक भरा गया है। लेकिन सरकार इसके गेट बंद कर इसे 139 मीटर की अधिकतम ऊंचाई तक भरने की तैयारी कर रही है। अगर ऐसा किया गया तो मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के करीब 45,000 परिवारों को डूब का सामना करना पड़ेगा।’ उन्होंने कहा, ‘नर्मदा घाटी के सरदार सरोवर बांध प्रभावितों पर डूब के खतरे के खिलाफ मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के राजघाट में कल से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जायेगा।’ मेधा ने मांग दोहरायी कि सरदार सरोवर बांध परियोजना से जुड़े फर्जी रजिस्ट्री कांड और इस परियोजना के पुनर्वास स्थलों की अनियमितताओं की जांच करने वाले न्यायमूर्ति झा आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाये। यह रिपोर्ट जनवरी में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय को सौंपी गयी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश सरकार लगातार कोशिश कर रही है कि यह रिपोर्ट सार्वजनिक न होने पाये, क्योंकि ऐसा होने पर उसके कुछ भ्रष्ट अधिकारियों और इनसे जुड़े दलालों के नामों से परदा उठ सकता है।

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