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हैदराबाद: होली को लेकर हैदराबाद पुलिस की एक गाइडलाइन पर विवाद खड़ा हो गया है। इस गाइडलाइन के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति को जबरन रंग लगाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

आदेश के मुताबिक, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी अनिच्छुक व्यक्ति और उनके वाहनों पर रंग या रंगीन पानी फेंकने पर बैन है। इसके साथ ही सड़कों पर टोलियों में बाइक और अन्य वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। अगर कोई ऐसा करते देखा गया तो उस पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसी तरह का आदेश हैदराबाद से सटे साइबराबाद में भी निकला है।

हैदराबाद और साइबराबाद पुलिस ने यह कदम इस वजह से उठाया है ताकि शांति व्यवस्था भंग न हो और लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। हैदराबाद में यह आदेश 13 मार्च की शाम 6 बजे से 15 मार्च सुबह 6 बजे तक लागू रहेगा। वहीं, साइबराबाद में यह 14 मार्च को सुबह 6 बजे से 15 मार्च सुबह 6 बजे तक लागू रहेगा। होली के दिन ही जुमा भी पड़ रहा है। ऐसे में पुलिस प्रशासन ज्यादा सतर्कता बरत रहा है।

हैदराबाद: तेलंगाना में ‘श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल’ (एसएलबीसी) की आंशिक रूप से ध्वस्त सुरंग में फंसे आठ लोगों को निकालने के लिए दो सप्ताह से प्रयासरत बचाव दलों ने रविवार को एक व्यक्ति का शव बरामद किया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि शव को बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया।

7 लोगों के जीवन की आस बाकी

इससे पहले, राज्य सरकार ने बचाव अभियान में केरल पुलिस के श्वान दस्तों को भी शामिल किया था और बचाव कर्मियों ने उन स्थानों पर खुदाई की जहां श्वान दस्तों ने मानव मौजूदगी का पता लगाया था। इन कुत्तों को लापता लोगों और शवों का पता लगाने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।

एसएलबीसी परियोजना सुरंग में 22 फरवरी से इंजीनियर और मजदूरों समेत आठ लोग फंसे हुए हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), भारतीय सेना, नौसेना तथा अन्य एजेंसियों के विशेषज्ञ उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

नगरकुरनूल: तेलंगाना में पिछले पांच दिन से अधिक समय से सुरंग में फंसे 8 मजदूरों को बाहर निकालने का अभियान तेज कर दिया गया है। सेना, नौसेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें युद्धस्तर पर अभियान में जुटी हैं। हालांकि अभी तक मजदूरों से किसी भी प्रकार का संपर्क नहीं हो पाया है। अब बचाव दल ने टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) और अन्य मलबे को काटना शुरू कर दिया है। मशीन को काटने के बाद टीम सुरंग में आगे बढ़ेगी।

नगरकुरनूल के पुलिस अधीक्षक वैभव गायकवाड़ ने कहा कि सुरंग में कन्वेयर बेल्ट के क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक कर दिया गया है। इसके माध्यम से मलबे को अंदर से बाहर निकाला जा सकेगा। जब अधिकारी से पूछा गया कि क्या गैस कटर ने काम करना शुरू कर दिया है तो उन्होंने कहा कि रात में ही गैस कटर से कुछ हिस्सा काटा गया है। कटाई का काम कल रात से ही शुरू हो चुका है। एसपी ने कहा कि वह इस बात का जवाब नहीं दे सकते कि फंसे हुए लोगों का आज पता चल पाएगा या नहीं।

हैदराबाद: तेलंगाना के नागरकुरनूल जिले में श्रीसैलम सुरंग नहर परियोजना (एसएलबीसी) का निर्माणाधीन हिस्सा ढह जाने के कारण 8 श्रमिक अंदर ही फंसे हैं। सुरंग में फंसे श्रमिकों के रेस्क्यू के लिए एनडीआरएफ के साथ सेना भी जुटी है। श्रमिक करीब 14 किलोमीटर अंदर मौजूद हैं।

कीचड़-मलबे की वजह से रेस्क्यू अटका

टनल में मजदूरों के फंसे होने के 45 घंटे से ज्यादा का वक्त बीत चुका है। रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर एजेंसियां हर तरीका आजमा रही हैं। तमाम कोशिशों के बाद भी अभी सफलता नहीं मिल पाई है।

सुरंग के आखिरी 200 मीटर के हिस्से में पानी और कीचड़ भर गया है, जिससे बचाव दल को वहां तक पहुंचने में भारी कठिनाइयां हो रही है।

सुरंग के अंदर भारी मशीनरी को ले जाना संभव नहीं है। इसलिए अन्य तरीकों से मलबा हटाने की कोशिश की जा रही है। बचावकर्मी मलबे में से गुजरने के लिए रबर ट्यूब और लकड़ी के तख्तों का उपयोग कर रहे हैं।'

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