- Details
नई दिल्ली/बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार ने कावेरी का पानी तमिलनाडु को छोड़े जाने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पुनर्विचार के लिए शनिवार को शीर्ष न्यायालय का रुख किया। वहीं, राज्य सरकार किसी भी कीमत पर पानी नहीं छोड़ने की विपक्षी पार्टियों की सख्त मांग का सामना कर रही है। कर्नाटक सरकार ने कावेरी का पानी तमिलनाडु को छोड़े जाने के तीन आदेशों और कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड का गठन करने का केंद्र को निर्देश देने के खिलाफ शीर्ष न्यायालय में एक पुनर्विचार याचिका दायर की है। राज्य सरकार ने कहा कि इससे राज्य को मुश्किल का सामना करना पड़ेगा। याचिका में कहा गया है कि बोर्ड के गठन का निर्देश देने में शीर्ष न्यायालय ने एक गलती की है। न्यायालय ने इस तथ्य को संज्ञान में नहीं लिया कि बोर्ड का गठन विधायी प्रकृति का है। इस बीच, बेंगलुरु में तीन घंटे से अधिक समय तक चली एक सर्वदलीय बैठक से बाहर आने पर भाजपा और जदयू नेताओं ने कहा कि उन्होंने सरकार से कहा है कि राज्य विधानमंडल में 23 सितंबर को पारित प्रस्ताव पर सरकार अडिग रहे।
- Details
बेंगलुरु: पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा ने कावेरी नदी का पानी छोडने को लेकर तमिलनाडु के साथ जारी विवाद में कर्नाटक के लिये ‘न्याय’ की मांग को लेकर आज अपना अनशन शुरू किया। जनता दल (सेक्युलर) के 83 वर्षीय सुप्रीमो यहां राज्य सचिवालय में विधान सौध के सामने महात्मा गांधी की प्रतिमा के निकट अनशन पर बैठे हैं। उच्चतम न्यायालय के कल आये आदेश की पृष्ठभूमि में गौड़ा का यह निर्णय अचानक सामने आया। उच्चतम न्यायालय ने कर्नाटक को छह अक्तूबर तक तमिलनाडु को कावेरी नदी का 6000 क्यूसेक पानी छोड़ने और केन्द्र से कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड का गठन करने को कहा है। अनशन शुरू करने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री देवगौड़ा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘हम न्याय चाहते हैं। इंसानों के जीवित रहने के लिए पेयजल आवश्यक है।’ केन्द्र सरकार से कर्नाटक को न्याय मिलने तक अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखने पर जोर देते हुये गौड़ा ने कहा कि उनका अभी भी प्रधानमंत्री में ‘भरोसा’ है कि वह मुद्दे को सुलझा लेंगे। गौड़ा ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश को लेकर आज दिन में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया द्वारा बुलायी गयी सर्वदलीय बैठक में वह हिस्सा नहीं लेंगे। उच्चतम न्यायालय का फैसला राज्य के लिए एक झटका के रूप में सामने आया है। गौड़ा से मिलने के लिए आये गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने हमेशा राज्य के हितों के लिए लड़ाई लड़ी है। उन्होंने कहा कि ‘मैं उम्मीद करता हूं कि (भूख हड़ताल) न्यायपालिका की आंखे खोलेगा।’
- Details
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु को कावेरी जल की आपूर्ति करने संबंधी न्यायिक आदेशों की बार बार ’अवहेलना करने’ के लिये कर्नाटक सरकार को शुक्रवार को आड़े हाथ लिया और उसे आदेश दिया कि कल से छह अक्तूबर तक वह छह हजार क्यूसेक जल छोड़े। न्यायालय ने साथ ही कर्नाटक को चेतावनी दी कि किसी को पता नहीं चलेगा कि वह कब कानून के कोप का शिकार हो जायेगा। शीर्ष अदालत ने कर्नाटक विधान सभा द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किये जाने के तथ्य के बावजूद राज्य सरकार को एक से छह अक्तूबर के दौरान तमिलनाडु के लिये छह हजार क्यूसेक जल छोड़ने का अंतिम अवसर दिया। न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति उदय यू ललित की पीठ ने कहा कि राज्य होने के बावजूद कर्नाटक उसके आदेश की अवहेहना करके ऐसी स्थिति पैदा कर रहा है जिससे कानून के शासन को धक्का पहुंच रहा है। हमने अपने आदेश पर अमल के लिये कठोर कार्रवाई की दिशा में कदम उठा लिये होते लेकिन हमने कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड को निर्देश दिया है कि पहले वह वस्तुस्थिति का अध्ययन करे और एक रिपोर्ट पेश करे।
- Details
बेंगलुरु: न्यायपालिका के साथ टकराव की स्थिति पैदा करने वाला कदम उठाते हुए कर्नाटक ने शुक्रवार को वस्तुत: इस बात से इंकार कर दिया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुरूप वह तमिलनाडु को कावेरी नदी का शेष पानी देगा। राज्य विधानसभा के विशेष सत्र में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें कहा गया है कि पानी का उपयोग सिर्फ पेयजल की जरूरतों के लिए होगा और इसे किसी दूसरे मकसद के लिए नहीं दिया जाएगा। इस एक सदी से पुराने विवाद में अप्रत्याशित कदम उठाते हुए कर्नाटक विधानसभा और विधान परिषद ने एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें कहा गया है कि पेयजल की जरूरतों के अलावा किसी दूसरे मकसद के लिए पानी नहीं दिया जाएगा। सदन में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने अपने जवाब में कहा, ‘यह असंभव परिस्थति पैदा हो गई है जहां अदालती आदेश का पालन संभव नहीं है।’ उन्होंने यह भी कहा कि राज्य ‘गंभीर तनाव’ में है और कावेरी से पेयजल की जरूरतों को पूरा करने के लिए ही संघर्ष कर रहा है। विधानसभा में पारित प्रस्ताव में उच्चतम न्यायालय के आदेश का उल्लेख नहीं है, लेकिन कर्नाटक न्यायपालिका के साथ टकराव की स्थिति में आ सकता है। देश की शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि कनार्टक 21 से 27 सितम्बर तक रोजाना 6,000 क्यूसेक पानी तमिलनाडु के लिए छोड़े। कांग्रेस ने कहा कि कर्नाटक विधानसभा की ओर से पारित किये गए प्रस्ताव में कुछ भी गलत नहीं है। पार्टी प्रवक्ता टॉम वडक्कन ने कहा, ‘विधानसभा में हुई चर्चा लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। मैं नहीं सोचता कि यह संवैधानिक रूप से गलत है।
- देश
- प्रदेश
- आलेख
- रामलीला मैदान की रैली से पहले राहुल बोले- बीजेपी का दिल से धन्यवाद
- 'आतंकवाद के आरोपी अमेरिकी नागरिक को इतनी छूट क्यों': कांग्रेस
- सोनिया ने किताब की दिखाई झलक, राजीव से मुलाकात को किया याद
- नहीं साइन करूंगी पीस बॉन्ड, हाईकोर्ट से झटके के बाद बोलीं नेहा बोरा
- हाईकोर्ट ने नेहा बोरा की याचिका खारिज की, एसईएम को दिया निर्देश
- दिल्ली में एसआईआर के खिलाफ किसानों और कई संगठनों का मार्च
- 'जेल के अंदर हों या बाहर, आंदोलन रहेगा जारी': सीजेपी का एलान
- अरुणाचल बॉर्डर पर चीन से तनाव पर खड़गे ने मोदी से पूछे तीन सवाल
- अरुणाचल में भारत-चीन के बीच टकराव, डीजी आईटीबीपी का खुलासा
- छात्र नेता नेहा बोरा की याचिका पर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
- एसआईआर के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन आजादी की दूसरी लड़ाई: खड़गे
- जेडीयू से बाहर निकाले जाने पर अनंत सिंह बोले- बनाऊंगा अपनी पार्टी
- अनंत सिंह को जेडीयू ने पार्टी से निकाला, पत्नी पर भी लिया एक्शन
- जामिया में छात्रसंघ चुनाव को लेकर हंगामा, क्लासेज ऑनलाइन चलेंगी
- दिल्ली में सीएपीएफ की 273 कंपनियों की तैनाती 31 अक्टूबर तक बढ़ी
- एमसीडी में पार्षदों का बवाल, मेयर के आसन पर रखे कागज फेंके
- दिल्ली में प्रदूषण के चलते ग्रेप-1 के प्रतिबंध लागू, एक्यूआई स्तर 'खराब'
- मोदी सरकार सत्ता में बनी रही तो अराजकता फैलना तय: संजय राउत
- दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए व्यापक विंटर एक्शन प्लान तैयार
- मणिपुर में तनाव जारी: घाटी के जिलों में बंद, जनजीवन पूरी तरह ठप
- देश की अर्थव्यवस्था को सिर्फ उत्पादन नहीं, रोजगार और मांग भी चाहिए
- हंगामें में निपटा मॉनसून सत्र पीएम मोदी के खिसकते जनाधार का संकेत
- संसद का मॉनसून सत्र विपक्ष के हंगामें की भेंट चढ़ता नज़र आ रहा है
- इथेनॉल: क्या भारत सही दिशा में बढ़ रहा है या कोई गलती कर रहा है?
- यूपी में अखिलेश दोहराएंगे मुलायम सिंह का 40 साल पुराना इतिहास
- जंतर मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत मोदी सरकार के लिए सिरदर्द बनी
- यूपी विधानसभा चुनाव होगा 'लोकसभा चुनाव 2029' का सेमी फाइनल
- क्या प्रधानमंत्री तेलंगाना सुरंग हादसे की ज़िम्मेदारी लेंगे, या फिर किसी..?
- अमेरिका में रह रहे अवैध भारतीय प्रवासियों से जुड़े यक्ष प्रश्न
- दिल्ली यानि "मिनी इंडिया" का चुनाव बना 'पीएम मोदी बनाम केजरीवाल'






