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नई दिल्ली: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अधिकारियों द्वारा सोमवार को हड़ताल पर जाने की चेतावनी के बीच भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने शुक्रवार को कहा कि उसके कर्मचारियों का एक वर्ग 29 फरवरी की हड़ताल में शामिल हो सकता है। इसी दिन वित्त मंत्री अरुण जेटली आम बजट पेश करेंगे। बंबई शेयर बाजार को भेजी सूचना में एसबीआई ने कहा कि ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफिसर्स फेडरेशन इस हड़ताल में शामिल होगी। इसी तरह अलग से भेजी सूचना में सार्वजनिक क्षेत्र के एक अन्य बैंक इंडियन बैंक ने कहा है कि उसके कर्मचारियों का एक वर्ग भी इस प्रस्तावित हड़ताल में शामिल हो सकता है।

नई दिल्ली: ट्रेनों में रेल यात्रियों को मिलने वाले चादरों, तकियों और कंबलों से बदबू आने की शिकायतों के बीच आज (शुक्रवार) रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि उन कंबलों की धुलाई दो महीने में एक बार की जाती है। मनोज सिन्हा ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न सदस्यों के पूरक सवालों के जवाब में कहा कि चादरों, तकियों के खोलों को हर दिन साफ किया जाता है जबकि कंबलों को दो महीनों में धोया जाता है। कुछ सदस्यों ने ट्रेनों में रेलवे द्वारा दिए जाने वाले चादरों, कंबलों आदि की सफाई को लेकर शिकायतें की थीं। सभापति हामिद अंसारी ने कहा कि अपना बिस्तरबंद ले जाने का पुराना चलन ही अच्छा था। सिन्हा ने कहा कि यह अच्छी सलाह है और रेलवे को कोई समस्या नहीं होगी अगर यात्री उस चलन को स्वीकार करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यात्रियों से बेडरॉल की गुणवत्ता के संबंध में समय समय पर पत्र प्राप्त होते रहते हैं और उन उचित कार्रवाई की जाती है।

नई दिल्ली: गरीबों को दी जाने वाली सब्सिडी पर नीतिगत नजरिये से सबका ध्यान चला जाता है लेकिन सरकार की कई ऐसी नीतियां हैं जिससे संपन्न वर्ग को भी अच्छा-खासा लाभ होता है। लघु बचत योजनाओं तथा रसोई गैस, रेलवे, बिजली, विमान ईंधन, सोना तथा केरासिन पर कर राहत या सब्सिडी से करीब एक लाख करोड़ रुपये का फायदा हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा धनाढ्यों को मिलने वाली कर छूट का मामला उठाये जाने के बाद समीक्षा में यह बात कही गयी है। प्रधानमंत्री ने पिछले महीने गरीबों को मिलने वाली सब्सिडी तथा धनी लागों को मिलने वाली कर छूट की तुलना करते हुए कहा था, ‘जब लाभ किसानों या गरीबों को दिया जाता है, विशेषज्ञ एवं सरकारी अधिकारी इसे आम तौर पर सब्सिडी कहते हैं। लेकिन जब इसका लाभ उद्योग या वाणिज्य को मिलता है तो उसे सामान्य रूप से ‘प्रोत्साहन’ या ‘सहायता’ कहते हैं।

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज (शुक्रवार) संसद में आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश किया। इस रिपोर्ट में आम आदमी को प्रभावित करने वाले सातवें वित्त आयोग की सिफारिशों पर कहा गया है कि इसके लागू करने से बाजार की कीमतों से अस्थिरता नहीं आएगी। रिपेार्ट में कहा गया है कि वेतन वृद्धि लागू करने से महंगाई पर थोड़ा असर तो होगा लेकिन कीमतें अस्थिर हो जाएंगी ऐसी कोई संभावना नहीं है। संसद में वित्त वर्ष 2015-16 के लिए पेश आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि वैश्विक वित्तीय बाजारों में भारी उतार चढ़ाव के बावजूद भारतीय शेयर बाजार में विपरीत परिस्थितियों से उबरने की क्षमता समकक्ष वैश्विक शेयर बाजारों से अधिक है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्मण्यम द्वारा तैयार आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है, ‘बाजार में कई बार गिरावट के बाद फिर तेजी आई है।’

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