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नई दिल्ली: रेल बजट से पहले उद्योग मंडल एसोचैम ने रेल मंत्री सुरेश प्रभु से राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाते हुए यात्री किराये बढ़ाने को कहा है। एसोचैम ने कहा कि यात्री किराये को मालभाड़े की कीमत पर निचले स्तर पर रखा जाता रहा है। रेल मंत्री को दिए ज्ञापन में एसोचैम ने कहा, 'यात्री किराया बढ़ाने को लेकर राजनीतिक इच्छाशक्ति का अभाव रहा है। हालांकि, यात्री ऐसा नहीं चाहते हैं। वे चाहते हैं कि किराया बढ़ोतरी के साथ उन्हें बेहतर सुविधाएं भी मिलें। मसलन ट्रेनें समय पर आएं, स्टेशनों पर साफ-सफाई और सुरक्षा हो और खाने की गुणवत्ता बेहतर हो। एसोचैम ने कहा कि किराये में बढ़ोतरी से यात्री ट्रैफिक पर होने वाले नुकसान में कमी की जा सकेगी।

नई दिल्ली: कल्पना कीजिए कि आप किसी ऐसी ट्रेन में सफर कर रहे हों, जहां धीमे संगीत के बीच कोई होस्टेस आपको गुलाब का फूल दे। यह कल्पना अब सच्चाई में बदलने जा रही है, क्योंकि रेलवे ने जल्द शुरू की जाने वाली दिल्ली-आगरा गतिमान एक्सप्रेस सेवा में ट्रेन होस्टेस तैनात करने का फैसला किया है। यह ट्रेन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली पहली ट्रेन होगी। रेल मंत्री सुरेश प्रभु रेल बजट पेश करने के दौरान अगले महीने चलने वाली देश के पहले सेमी-हाई स्पीड ट्रेन की विशेषताओं की घोषणा करेंगे। ट्रेन में एक उच्च क्षमता वाली आपातकालीन ब्रेक प्रणाली, स्वचालित फायर अलार्म, जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली और डिब्बों में स्लाइडिंग दरवाजे होंगे। साथ ही उसमें लाइव टीवी सेवा भी मौजूद होगी। रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हम उड़ान सेवाओं की तर्ज पर गतिमान एक्सप्रेस में सर्वश्रेष्ठ संभव सेवाएं मुहैया कराने की कोशिश कर रहे हैं।

नई दिल्ली: देश की विकास दर बढ़ने का प्रमुख कारण सरकारी खर्च की गुणवत्ता है, जिसमें वर्तमान वित्त वर्ष में काफी सुधार हुआ है। यह बात केंद्रीय वित्त सचिव रतन पी. वटल ने कही। उन्होंने माह के अंत में पेश होने वाले आम बजट से पहले मंत्रालय के यूट्यूब चैनल पर दिए गए अपने एक साक्षात्कार में कहा, 'मौजूदा वित्त वर्ष में संपत्ति निर्माण में हुए हमारे पूंजीगत खर्च में राजस्व खर्च से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है, जिसका उपयोग वेतन भुगतान और किराए में होता है। इसके कारण विकास दर बढ़ी है।' उन्होंने कहा, 'कई साल बाद ऐसा हुआ है। इस कारण से भी अधिक विकास दर दर्ज की गई है।' उन्होंने कहा, 'खर्च की गुणवत्ता भी बेहतर हुई है।' आधिकारिक आंकड़े के मुताबिक, अप्रैल-दिसंबर अवधि में योजना मद में खर्च बजट अनुमान का 74.4 फीसदी हुआ, जबकि एक साल पहले समान अवधि में यह 61.3 फीसदी था।

मुंबई: देश के शेयर बाजारों में अगले सप्ताह रेल बजट और आर्थिक सर्वेक्षण पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी। फरवरी महीने के वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) सौदे की गुरुवार 25 फरवरी को परिपक्वता के कारण अगले सप्ताह बाजार में उतार-चढ़ाव का आलम बना रह सकता है। इसके साथ ही वैश्विक संकेतों, विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) और घरेलू संस्थागत निवेश (डीआईआई) के आंकड़ों तथा डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल व तेल की कीमतों पर भी निवेशकों की नजर बनी रहेगी। संसद का बजट सत्र मंगलवार 23 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। रेल बजट गुरुवार 25 फरवरी को पेश होगा और आर्थिक सर्वेक्षण शुक्रवार 26 फरवरी को पेश होगा। आम बजट 29 फरवरी को पेश होगा। रेल बजट को देखते हुए इस्पात, सीमेंट, कोयला, लौह अयस्क और ऊर्वरक शेयरों पर निवेशकों की विशेष नजर रहेगी। इन कमोडिटी की ढुलाई आम तौर पर रेलवे से हुआ करती है।

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