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मुंबई: मुंबई में एसआईआर के खिलाफ और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बड़ा और आक्रामक प्रदर्शन देखने को मिला है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान 'कॉकरोच जनता पार्टी' के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर जमकर नारेबाजी की और अपना कड़ा आक्रोश जताया। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी देते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा, "यह तो अभी सिर्फ एक ट्रेलर है, पूरी पिक्चर अभी बाकी है।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार दोपहर मुंबई के शिवाजी पार्क में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) की अगुवाई वाले प्रदर्शन में हजारों लोग जुटे। पुलिस द्वारा प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद नारे लिखी तख्तियां और तिरंगा लिए बड़ी संख्या में युवा राजनीतिक रैलियों के लिए प्रसिद्ध इस मैदान में पहुंचे। अभिनेता नसीरुद्दीन शाह भी प्रदर्शन स्थल पर मौजूद थे। इस प्रदर्शन में दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी भी शामिल हुईं।

मुंबई: शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने निर्वाचन आयोग में मतभेद की खबर सामने आने पर बुधवार को तीखी प्रतिक्रिया देते हुए मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को उनके पद से बर्खास्त किया जाए और लोकतंत्र की हत्या करने के लिए उन्हें जेल भेजा जाए।

साथ ही ठाकरे ने यह भी मांग की कि महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हाल में हुए चुनावों को रद्द किया जाए और इन राज्यों में मतपत्रों का उपयोग करके दोबारा मतदान कराया जाए।

उद्धव ठाकरे एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक खबर पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान उनकी जानकारी के बिना जारी किए गए आदेशों और निर्णयों पर बार-बार आपत्ति जताई थी। इनमें फॉर्म-छह में बदलाव और मतदाता सूची आंकड़ा आधार (डेटाबेस) पर नियंत्रण का केंद्रीकरण भी शामिल था।

मुंबई: आईआईटी बॉम्बे के हॉस्टल में 20 वर्षीय छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के बाद पिछले तीन दिनों से छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। छात्रों की मांगों को लेकर अब आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे ने प्रदर्शनकारियों के साथ लंबी चर्चा की। कैंपस में 20 सितंबर (रविवार) को देर रात हुई बैठक में छात्रों की ओर से रखे गए 18 सूत्रीय मांगों को लेकर बातचीत हुई।

प्रोफेसर डुल्ला को किया निलंबित

खबरें हैं कि संस्थान प्रशासन ने छात्रों द्वारा रखे गए 18 सूत्रीय मांगों के चार्टर पर हस्ताक्षर कर दिया है। छात्रों की मांग में फैकल्टी टीचर सूर्यनारायण डुल्ला के खिलाफ कार्रवाई भी शामिल थी। इसके बाद 20 सितंबर की शाम आईआईटी बॉम्बे के प्रो. डुल्ला को निलंबित कर दिया गया।

अब समझौते के तहत लिए गए फैसलों के विस्तृत क्रियान्वयन और आगे की कार्रवाई को लेकर आगामी ओपन हाउस में आधिकारिक घोषणा किए जाने की उम्मीद है।

मुंबई: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि यदि निर्वाचन आयोग दबाव में फैसले ले रहा है तो देश में लोकतंत्र खतरे में है। राउत ने यह टिप्पणी आयोग द्वारा तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद की। राउत ने पत्रकारों से कहा कि तृणमूल कांग्रेस पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तृणमूल कांग्रेस को विभाजित करने का आरोप लगाया।

निर्वाचन आयोग ने क्या कहा?

निर्वाचन आयोग ने ममता बनर्जी और अरूप रॉय के नेतृत्व वाले दोनों गुटों के नेताओं का पक्ष सुनने के बाद बृहस्पतिवार रात जारी अपने अंतरिम आदेश में कहा कि इस मामले में ‘चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश 1968’ के प्रावधानों के तहत आयोग की ओर से ठोस निर्णय लिए जाने की आवश्यकता है।

आयोग ने कहा कि छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनावों में किसी भी गुट को अंतिम फैसला होने तक ‘अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस’ नाम या पार्टी के आरक्षित ‘पुष्प और तृण’ चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी।

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