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मुंबई: शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने बुधवार को दावा किया कि वह दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान को नहीं जानते थे और न ही दिशा से कभी उनकी मुलाकात हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक मंशा से उनका नाम इस मामले से जोड़कर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

आदित्य की यह टिप्पणी सीबीआई द्वारा 2020 के दिशा सालियान मौत मामले में प्राथमिकी दर्ज किए जाने के कुछ दिन बाद आई है।

मुंबई उच्च न्यायालय के निर्देश और दिशा के पिता की ओर से दायर याचिका के अनुपालन में दर्ज प्राथमिकी में किसी आरोपी का नाम नहीं है। शिवसेना (यूबीटी) के विधायक ने कहा कि राजनीतिक मंशा से किया जा रहा ऐसा दुष्प्रचार उन्हें सच्चाई के लिए लड़ने से नहीं रोक पाएगा। आदित्य ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आइए एक बार फिर शोर से अलग होकर तथ्यों की बात करें : मैं दिशा सालियान से कभी नहीं मिला और न ही उन्हें जानता था।"

मुंबई: शिवसेना नेता उद्धव बालासाहेब ठाकरे ने सोमवार को राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए महाराष्ट्र के बढ़ते सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक संकट के लिए सत्तारूढ़ महायुति सरकार की कड़ी आलोचना की।

उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार पर साधा निशाना

ठाकरे खेमे ने पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में एक संपादकीय में राज्य की भयावह तस्वीर पेश की, जो "मुद्रास्फीति, व्यवस्थागत भ्रष्टाचार, कृषि संकट और बढ़ते सांप्रदायिक ध्रुवीकरण से ग्रस्त" है - यह तर्क देते हुए कि वर्तमान शासक स्वयं महाराष्ट्र और राष्ट्र के सामने सबसे बड़ा "विघ्न" (बाधा) बन गए हैं।

संपादकीय में त्योहारों के मौसम से पहले जनता की परेशानी बढ़ाने के लिए सरकार की कड़ी आलोचना की गई। चीनी, दूध, सीएनजी, घरेलू एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि का हवाला देते हुए अखबार ने कहा कि आम आदमी के त्योहारी बजट पर भले ही बुरा असर पड़ा हो, लेकिन भक्त भगवान गणेश का श्रद्धापूर्वक स्वागत करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

मुंबई: शिवसेना (यूबीटी) ने शनिवार को चुनाव के समय मुफ्त तोहफे बांटने की बढ़ती ग्लोबल संस्कृति की कड़ी आलोचना की। पार्टी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रस्तावित "ट्रंप डिविडेंड" योजना और भारत में राजनीतिक पार्टियों द्वारा शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं के बीच समानताएं बताईं।

शिवसेना (यूबीटी) ने की ट्रंप और मोदी की राजनीति की तुलना

पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में छपे एक संपादकीय में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट ने आरोप लगाया कि अमेरिका में ट्रंप और भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बढ़ावा दिए गए "मुफ्त की चीजें बांटने के कल्चर" (फ्रीबी कल्चर) ने लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया है और इंसानी गरिमा को नुकसान पहुंचाया है।

संपादकीय में कहा गया है कि जहां भारत में "लाडकी बहिन" और राज्यों में इसी तरह के कल्याणकारी कार्यक्रम चल रहे हैं। वहीं, अगर रिपब्लिकन कांग्रेस के दोनों सदनों पर नियंत्रण हासिल कर लेते हैं तो हर वयस्क अमेरिकी के बैंक खाते में 5,000 डॉलर जमा करने का ट्रंप का प्रस्ताव भी चुनाव के समय लुभाने वाला कदम ही है।

नई दिल्ली: 1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे गैंगस्टर अबू सलेम की समय से पहले रिहाई की उम्मीदों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उसकी जल्द रिहाई की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। इसके साथ ही फिलहाल जेल से बाहर आने की उसकी कोशिशों पर रोक लग गई है।

1993 के मुंबई धमाकों से जुड़ा है मामला

अबू सलेम का नाम देश के सबसे भयावह आतंकी हमलों में शामिल 1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले से जुड़ा है। 12 मार्च 1993 को मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। शहर के 12 अलग-अलग इलाकों को निशाना बनाया गया था। इन धमाकों में 257 लोगों की मौत हुई थी, जबकि करीब 800 लोग घायल हुए थे। इस हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, मुंबई धमाकों की साजिश बाबरी मस्जिद विध्वंस का बदला लेने के मकसद से रची गई थी। जांच में अबू सलेम की भूमिका भी सामने आई और उसे इस साजिश का अहम किरदार माना गया।

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