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नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। कई जगहों से हिंसा, झड़प और तोड़फोड़ की खबरें सामने आ रही हैं। इसी को देखते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ निर्देश दिया है कि जो भी लोग हिंसा भड़काने या तोड़फोड़ में शामिल हैं, उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।

सीईसी ने राज्य के बड़े अधिकारियों को किया अलर्ट

सीईसी ने राज्य के बड़े अधिकारियों जैसे मुख्य सचिव, डीजीपी, कोलकाता पुलिस कमिश्नर और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रमुख महानिदेशकों (डीजी) को अलर्ट रहने को कहा है। साथ ही सभी जिलों के डीएम, एसपी और पुलिस अधिकारियों को लगातार गश्त करने का आदेश दिया गया है ताकि हालात काबू में रहें। चुनाव आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि चुनाव के बाद किसी भी तरह की हिंसा को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हिंसा भड़काने और तोड़फोड़ करने वाले तुरंत गिरफ्तार होंगे।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की भारी जीत के बाद राज्य भर में हिंसा का दौर शुरू हो गया है और टीएमसी के दफ्तरों और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।

इसी कड़ी में मंगलवार को बीरभूम जिले में एक झड़प में टीएमसी के एक कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई। वहीं कई जिलों में टीएमसी के दफ्तरों पर हमला हुआ और तोड़फोड़ कर भगवा झंडा लहरा दिया गया।

राज्य में करीब 36 घंटे से जारी हिंसा और सोशल मीडिया पर टीएमसी कार्यालयों पर हमले के वीडियो वायरल होने के बाद जागे चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, डीजपी और केंद्रीय बल को राज्य में चुनाव पश्चात हिंसा पर जीरो टॉलरेंस सुनिश्चित करने का निर्देश जारी किया है।

निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि तोड़फोड़ और हमले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और आगे की कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस से रिपोर्ट मांगी गई है।

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में 5 मई 2026 की सुबह आने वाले वक्त का संदेश लेकर आई। उत्तर 24 परगना जिले के बारासात में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मस्जिद पारा रोड का नाम बदलकर नेताजी पल्ली रोड कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि बीजेपी कार्यकर्ता गेट पर लिखे नाम को तोड़ रहे हैं। इसके लिए सड़क पर बकायदा सीढ़ी लगाकर तोड़फोड़ की गई। इस दौरान सुरक्षा बल सड़क किनारे खड़े तमाशा देख रहे हैं।

हिंसा, नफरत, बेशर्मी ही बीजेपी की असलियत: श्रीनेत

एक अन्य वीडियो में बीजेपी कार्यकर्ता एक व्यक्ति को सफेद साड़ी पहनाकर लात घूसों से पीट रहे हैं, उसे बंधक बनाकर सड़क पर जुलूस निकालते हुए 'जय श्री राम' के नारे लगा रहे हैं। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा कि 'बंगाल में एक आदमी को ममता बनर्जी जैसा दिखाकर, उसको बांधकर जयश्री राम के नारे लगाए जा रहे हैं। यह हिंसा, यह नफरत, यह बेशर्मी ही बीजेपी की असलियत है।'

कोलकाता: पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े कर दिए। ममता बनर्जी ने दावा किया कि इस चुनाव में न सिर्फ प्रशासनिक स्तर पर गड़बड़ियां हुईं, बल्कि काउंटिंग के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। टीएमसी ने चुनाव परिणामों की समीक्षा के लिए 10 सदस्यीय टीम बनाई है। पार्टी हार के कारणों और कथित अनियमितताओं की जांच करेगी।

जब मीडिया ने उनसे लोकभवन जाकर इस्तीफा देने के बारे में सवाल किया तो ममता भड़क गईं। उन्होंने कहा, ''मैं क्यों जाऊंगी? हम तो हारे नहीं हैं, जो जाएंगे। अगर मैं जीत गई होती तो शपथ से पहले इस्तीफा देने जाती। लोकभवन जाने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। चोरी करके जीतने से उन्हें अगर लगता है कि मुझे इस्तीफा देना होगा तो ऐसा नहीं होगा।'' उन्होंने कहा, मैं स्पष्ट कहती हूं कि हम हारे नहीं हैं। उन्होंने जबरन हमें हराया है। चुनाव आयोग के साथ मिलकर वो जीते हैं, लेकिन नैतिक तौर पर मेरी जीत हुई है।

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