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हुगली: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा कि चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने और विपक्ष की रणनीति तय करने के लिए ‘इंडिया’ गठबंधन की अगली बैठक दिल्ली में होने की संभावना है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने हुगली जिले के श्रीरामपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को संदेश भेजकर कहा है कि विपक्षी दलों को साथ बैठकर चर्चा करनी चाहिए।

उन्होंने यह बात मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच कही।

ममता ने कहा, “मैंने राहुल गांधी को संदेश भेजकर कहा है कि हमें साथ बैठना चाहिए। ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक 30 सितंबर को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होने की संभावना है।”

प्रस्तावित बैठक ऐसे समय में हो रही है जब विपक्षी दल निर्वाचन आयोग के कामकाज और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया को लेकर आपसी समन्वय की कोशिश कर रहे हैं।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा है कि वह तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह से जुड़े विवाद पर अंतिम फैसला कब तक करेगा। पार्टी के नाम और चिन्ह 'जोड़ा फूल और घास' को फ्रीज किए जाने के खिलाफ ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह सवाल किया है। मामले की अगली सुनवाई सोमवार, 28 सितंबर को होगी।

तृणमूल कांग्रेस के दो गुटों के बीच पार्टी के नाम, चुनाव चिन्ह और संगठन पर नियंत्रण को लेकर विवाद है। एक गुट का नेतृत्व ममता बनर्जी कर रही हैं, दूसरे का नेतृत्व पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी कर रहे हैं। ऋतब्रत गुट का कहना है कि पार्टी की पुराने संगठन का कार्यकाल खत्म हो चुका है। उसे जारी रखना अवैध है।

इस मामले में चुनाव आयोग का अंतिम फैसला आना बाकी है। फिलहाल आयोग ने 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनावों को देखते हुए एक अंतरिम आदेश जारी किया है। इसके तहत दोनों गुटों को पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल से रोक दिया गया।

कोलकाता: कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को दोहराया कि गिरफ्तार कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को नंदीग्राम उपचुनाव में उचित तरीके से चुनाव लड़ने की अनुमति दी जाए। अदालत ने कहा कि निचली अदालत द्वारा जिस मामले में उन्हें सात अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, उसमें उन्हें गिरफ्तार नहीं माना जाएगा। नंदीग्राम में उपचुनाव छह अक्टूबर को होना है और चुनाव प्रचार चार अक्टूबर को समाप्त होगा। इससे पहले उनकी पार्टी की उम्मीदवार संचिता प्रधान ने चुनाव से नाम वापस ले लिया था।

प्रधान के वकील की दलीलों का संज्ञान लेते हुए न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य की ओर से ऐसा कोई दस्तावेज पेश नहीं किया गया, जिससे यह साबित हो कि प्रधान के खिलाफ पेशी वारंट तामील किया गया था। याचिका में कहा गया है कि 22 सितंबर को अदालत के समक्ष बताए गए 11 मामलों के अलावा 2007 के एक आपराधिक मामले में उन्हें गिरफ्तार दिखाया गया और सात अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

कोलकाता: कलकत्ता उच्च न्यायालय ने गुरुवार को ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न को राजनीतिक दल आईएसएफ से वापस लेकर ममता बनर्जी से बगावत करने वाले ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले टीएमसी के गुट को आवंटित किए जाने को लेकर निर्वाचन आयोग को फटकार लगाई और कहा कि आयोग को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए।

चुनाव आयोग को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए

हाईकोर्ट ने कहा कि निर्वाचन आयोग के पास 183 मुक्त चुनाव चिह्न उपलब्ध हैं और सवाल किया कि पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में एक नयी पार्टी को ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न देने की क्या वजह थी, जबकि आईएसएफ ने भी वहां अपना उम्मीदवार उतारा है। अदालत ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि इस चुनाव चिह्न को सुरक्षित रखा जाना चाहिए था।

न्यायमूर्ति कृष्ण राव ने कहा, ‘‘प्राधिकरण को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए।’’ न्यायमूर्ति राव ने सवाल किया कि आयोग नयी पार्टी को ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न आवंटित कर विवाद क्यों खड़ा कर रहा है।

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