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कोलकाता: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को टीएमसी के छात्र संगठन के स्थापना दिवस पर कहा कि राज्य की बीजेपी सरकार की ज्यादतियां आने वाले दिनों में तृणमूल कांग्रेस को राज्य में सत्ता वापसी में मदद करेंगी। बहुत जल्द तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में सत्ता में वापस आएगी।

बीजेपी ने चुनावों को “हाईजैक” किया

ममता बनर्जी ने मध्य कोलकाता में टीएमसी के छात्र संगठन, तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर आयोजित एक सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बीजेपी के आम समर्थक जल्द ही अपनी ही पार्टी नेतृत्व को सबक सिखाएंगे। बहुत जल्द तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में सत्ता में वापस आएगी।

ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी ने चुनावों को “हाईजैक” करने के लिए चुनाव आयोग का गलत इस्तेमाल किया और वोटर लिस्ट से लाखों नाम हटाकर “वोट लूटने” के लिए एसआईआर प्रोसेस का गलत इस्तेमाल किया।

नई दिल्ली: लोकसभा सचिवालय ने टीएमसी के 20 बागी सांसदों को अभिषेक बनर्जी की ओर से दायर अयोग्यता याचिकाओं पर नोटिस भेजकर सात दिनों में जवाब मांगा है। इन सांसदों पर आरोप है कि वे टीएमसी से अलग होकर एनसीपीआई के साथ चले गए हैं। टीएमसी इसे स्वेच्छा से पार्टी की सदस्यता छोड़ना बताते हुए दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता का आधार मान रही है, जबकि बागी सांसद अपने कदम को वैध विलय बता रहे हैं। मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, जहां अदालत ने कहा है कि अहम सवाल नोटिस जारी करना नहीं, बल्कि कार्यवाही को तय समयसीमा में पूरा करना है।

सात दिन में देना होगा जवाब

25 अगस्त को जारी इन नोटिसों के साथ अभिषेक बनर्जी की ओर से 18 जून को दायर की गई याचिका की प्रति भी सांसदों को भेजी गई है। यह याचिका लोकसभा सदस्यों के दलबदल के आधार पर अयोग्यता नियम, 1985 के नियम 6 के तहत दाखिल की गई थी।

नई दिल्ली: एनसीपीआई में विलय करने वाले तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों को सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया। तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी की याचिका पर यह नोटिस जारी किया गया है। याचिका में लोकसभा स्पीकर को भी पक्ष बनाया गया है। उनकी तरफ से कोर्ट में मौजूद सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि स्पीकर ने पहले ही मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने सभी सांसदों से जवाब मांगा है।

मेहता ने कहा कि स्पीकर को कोर्ट की तरफ से औपचारिक नोटिस जारी न किया जाए। वह उनकी तरफ से कोर्ट की सहायता करेंगे। जजों ने इसे स्वीकार कर लिया।

अभिषेक ने की ये मांग

अभिषेक बनर्जी की याचिका में कहा गया है कि इन सांसदों के खिलाफ दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए और उनकी संसद सदस्यता रद्द होनी चाहिए। लेकिन लोकसभा स्पीकर ऐसा नहीं कर रहे हैं।

अभिषेक ने कहा है कि इन सांसदों को न तो आधिकारिक रूप से एक अलग गुट के रूप में मान्यता दी गई है और न ही वैसा व्यवहार किया जा रहा है।

कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि वह राजनीतिक ‘संन्यास’ नहीं लेंगी और तब तक नहीं रुकेंगी जब तक वह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को हाशिये पर नहीं धकेल देतीं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘फेसबुक’ पर यह भी कहा कि राज्य की सत्ता में बदलाव के चार महीने के भीतर ही लोगों ने बीजेपी का असली चेहरा देख लिया है।

जनगणना पिछले दरवाजे से एनआरसी लागू करने की कोशिश

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि जनगणना की कवायद राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) लागू करने की एक और ‘पिछले दरवाजे से की गई कोशिश’ है और इसे राजनीतिक दलों से सलाह किए बिना लागू किया गया। उन्होंने लोगों को जनगणना के फॉर्म पर हस्ताक्षर करने और व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले सतर्क रहने को कहा और चेतावनी दी कि इससे उनकी निजी बचत तक खत्म हो सकती है।

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