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नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के दौरान हिंसा और चुनावी नियमों के उल्लंघन पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने जीत के बाद निकाले जाने वाले विजय जुलूस पर रोक लगा दी है।

140 उम्मीदवारों को जारी किया नोटिस 

साथ ही चुनाव लड़ रहे सभी छात्र संगठनों और 140 उम्मीदवारों को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि चुनाव नियमों के उल्लंघन के लिए सामूहिक चुनावी हर्जाना क्यों न लगाया जाए। कोर्ट ने सभी से दो सप्ताह में जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई 6 नवंबर को होगी।

चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा की घटनाओं पर सुनवाई की। एक तस्वीर में छात्र को बंदूक लहराते हुए दिखाए जाने पर कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई और सवाल किया कि ऐसे लोग छात्र कैसे हो सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि खुलेआम हथियार दिखाने वाले वास्तविक छात्रों के अवसरों को प्रभावित कर रहे हैं।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करने पर सहमत हो गया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि याचिका पर 21 सितंबर को सुनवाई होगी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने कहा कि वह सोमवार को इस मामले पर सुनवाई करेगी क्योंकि एसआईआर से जुड़े अन्य मामले भी अगले सप्ताह सूचीबद्ध हैं।

याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने दलील दी कि दिल्ली में मतदाता सूची से जिन 47 लाख लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनमें से निर्वाचन आयोग ने 33 लाख लोगों को नोटिस जारी किया है।

भूषण ने दलील दी, ‘‘आयोग ने न तो उन लोगों के नाम सार्वजनिक किए हैं, जिन्हें नोटिस जारी किए गए हैं और न ही यह बताया है कि किन आधारों पर उनके नाम हटाए गए हैं। यह भी नहीं बताया गया है कि किन लोगों को नोटिस जारी किया गया है। तार्किक विसंगतियां क्या हैं और उनका मिलान क्यों नहीं हो पा रहा है।’’

नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए बिल्डिंग हादसे के मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। इस मामले में फरार चल रहे एक आरोपी शुभम त्यागी ने गुरुवार को पटियाला हाउस कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस ने कोर्ट से उसकी कस्टडी की मांग की थी, जिसके बाद कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है।

जानकारी के अनुसार, आरोपी शुभम त्यागी को बिल्डिंग के मालिक हरिराम गुप्ता ने एक फ्लोर लीज पर दे रखा था। उसी फ्लोर पर अवैध रूप से पीजी चलाया जा रहा था। आरोप है कि बिल्डिंग में क्षमता से ज्यादा लोगों को रखा गया था और बिना किसी सुरक्षा मानकों के निर्माण कार्य भी कराया जा रहा था, जिसके चलते यह हादसा हुआ। हादसे के बाद से शुभम त्यागी फरार चल रहा था।

पुलिस ने कोर्ट में दलील दी कि इस पूरे मामले में गहरी साजिश और लापरवाही की जांच करनी है, इसलिए आरोपी से पूछताछ जरूरी है। पुलिस ने शुभम त्यागी की दो दिन की पुलिस रिमांड मांगी। पटियाला हाउस कोर्ट ने सुनवाई के बाद दो आरोपियों को पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया।

नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए दर्दनाक पीजी हादसे की जांच में अब तक पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। बुधवार को पुलिस ने पीजी संचालक सुधांशु को गिरफ्तार किया। उसका पार्टनर शुभम त्यागी अभी फरार है।

पुलिस के मुताबिक, दोनों ने अगस्त 2025 में हादसे वाली बिल्डिंग को लीज पर लिया था और इसके बाद वहां पीजी का संचालन शुरू किया था। इससे पहले पुलिस ने मंगलवार को लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज को उत्तर प्रदेश के कासगंज से गिरफ्तार किया था। वहीं, बिल्डिंग मालिक हरिराम, उनकी पत्नी उर्मिला और बेटे महेश को भी पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

महेश ने पुलिस को क्या बताया?

पुलिस रिमांड के दौरान महेश ने जांच अधिकारियों को बताया कि बिल्डिंग को पीजी संचालित करने वाली कंपनी को लीज पर दिया गया था। उसके मुताबिक, पीजी संचालकों की शिकायत के बाद बेसमेंट में जमा पानी और सीलन की समस्या को दूर करने के लिए मरम्मत का काम कराया जा रहा था।

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