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तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब खुली सैन्य कार्रवाई में बदलता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही ईरान पर “अब तक का सबसे विध्वंसक हमला” करने की चेतावनी दी थी, और अब अमेरिकी सेना ने ईरान के कई इलाकों पर हमला बोल दिया है। इन हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है।

अबू मूसा द्वीप, चाबहार और कोनारक में विस्फोटों की आवाज सुनाई दी

ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी सेना ने बंदर अब्बास, सीरिक, चाबहार और कोनारक समेत कई क्षेत्रों को निशाना बनाया। ईरानी समाचार एजेंसी मेहर के अनुसार चाबहार और कोनारक के आसपास तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जबकि ताजा हमलों के बाद ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम भी सक्रिय हो गया।

सरकारी समाचार एजेंसी इरना ने बताया कि चाबहार के कुछ हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। वहीं, अक्काला इलाके में अमेरिका ने एक रेलवे ब्रिज को भी निशाना बनाया है।

कोलंबो: श्रीलंका के पश्चिमी तटीय शहर नेगोंबो की एक जेल में सोमवार को कैदियों के दो समूहों के बीच हुई खूनी झड़प में 25 लोगों की मौत हो गई है और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घायलों और मृतकों में कैदी और जेल अधिकारी दोनों शामिल हैं। इस हिंसक झड़प के बाद हालात संभालने के लिए श्रीलंकाई सेना से सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया गया है।

नेगोंबो की क्षमता से अधिक कैदियों वाली इस जेल में रविवार को दोषी कैदियों और हिरासत में रखे गए लोगों के दो गुटों के बीच झड़पें शुरू हुईं थीं। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को उस समय फिर से हिंसा भड़क गई, जब उपद्रवी कैदियों ने जेल के हथियारों पर कब्जा कर लिया। अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह हिंसा जेल के भीतर मादक पदार्थों की तस्करी का समर्थन करने वाले गुट और उसका विरोध करने वाले गुट के बीच हुई।

पुलिस ने बताया कि स्थिति पर काबू पाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और दंगा नियंत्रण इकाइयों को तैनात किया गया है।

दोहा: कतर की राजधानी दोहा में बुधवार को अमेरिका और ईरान के बीच कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में अप्रत्यक्ष बातचीत जारी रही। फिलहाल बातचीत अप्रत्यक्ष तरीके से हो रही है। दोनों देशों के प्रतिनिधि आमने-सामने नहीं मिल रहे हैं। बैठकें बंद कमरे में हो रही हैं और मध्यस्थ देश दोनों पक्षों के बीच बातचीत आगे बढ़ा रहे हैं।" स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी ने एक सूत्र के हवाले से बताया क‍ि अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का मुख्य मुद्दा 17 जून को इस्लामाबाद में हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) को लागू करना है। इसमें ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों और होर्मुज स्‍ट्रेट की समुद्री सुरक्षा जैसे विषय शामिल हैं।

मंगलवार को कतर ने पुष्टि की थी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर दोहा पहुंच चुके हैं लेकिन वे ईरानी अधिकारियों से सीधे मुलाकात नहीं करेंगे। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल सीधे ईरान से बात करने के बजाय मध्यस्थों से मुलाकात करेगा।

वॉशिंगटन: अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने जन्मजात नागरिकता (बर्थराइट सिटिजनशिप) के सिद्धांत को बरकरार रखते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के खिलाफ फैसला सुनाया है। ट्रंप के ऑर्डर में जन्म के आधार पर अमेरिकी नागरिक माने जाने वाले लोगों की संख्या को बदलने की कोशिश की गई थी।

अदालत ने मंगलवार (30 जून 2026) को ट्रंप के उस कार्यकारी आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें अमेरिका में अवैध रूप से या अस्थायी रूप से रह रहे माता-पिता के बच्चों को नागरिकता देने से इंकार करने बात कही गई थी। अदालत ने अपने सत्र के अंतिम दिन 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया कि अमेरिका की धरती पर पैदा हुए लगभग सभी लोगों को अमेरिकी नागरिकता का अधिकार हासिल रहेगा।

जन्मसिद्ध नागरिकता यानि बर्थराइट सिटीजनशिप वह कानूनी अधिकार है, जिसके तहत अमेरिका में जन्मे बच्चे को अमेरिकी नागरिकता प्राप्त होती है।

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