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दावोस: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने निजी क्षेत्र से झिझक छोड़ने तथा निवेश बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की विश्वसनीयता बढ़ाने की बेहद जरूरत है क्यों कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में संकट के बीच दुनिया भारत को आशा की किरण के रूप में देख रही है। जेटली ने कहा, ‘दुनिया भारत को एक आशा की किरण के रूप में देखती है, क्योंकि सिर्फ हम ही ऐसे हैं जो सात प्रतिशत से अधिक की दर से वृद्धि दर्ज कर रहे हैं। निवेशक भारत में निवेश कर रहे हैं और भारत की ओर सकारात्मक तरीके से देख रहे हैं।’ जेटली यहां विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक में शामिल होने आए थे। यह बैठक कल रात संपन्न हो गई। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र को सतर्कता छोड़कर निवेश करना चाहिए।

नई दिल्ली: देश की अर्थव्यवस्था में आगामी छह महीनों में सुधार की उम्मीद है। उद्योग मंडल एसोचैम बिजकॉन सर्वेक्षण के अनुसार क्षमता के कम इस्तेमाल तथा मुनाफा मार्जिन पर दबाव की वजह से निजी क्षेत्र का निवेश चिंता का विषय बना हुआ है। सर्वेक्षण में शामिल 63 प्रतिशत लोगों का विचार है कि अर्थव्यवस्था की स्थिति में आगामी छह महीने में सुधार होगा। हालांकि, इसमें कहा गया है कि क्षमता के कम इस्तेमाल की वजह से निजी क्षेत्र का निवेश, अतिरिक्त आपूर्ति और मुनाफे पर दबाव अगली कुछ तिमाहियों में चिंता का विषय बने रहेंगे। घरेलू निवेश के मामले में 58.3 प्रतिशत लोगों की राय थी कि व्यक्तिगत कंपनी के स्तर पर निवेश योजना में कोई बदलाव नहीं होगा।

नई दिल्‍ली: सरकार अगले महीने पेश होने वाले बजट से पहले पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में और वृद्धि करने की संभावना तलाश रही है ताकि राजस्व बढ़ाया जा सके और 2015-16 के लिए राजकोषीय घाटे के लक्ष्य पर कायम रहा जा सके। एक आधिकारिक सूत्र ने कहा, ‘कच्चे तेल की घटती कीमतों से पेट्रोल व डीजल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाने की गुंजाइश बनी है। इससे चालू वित्त वर्ष के लिए 3.9 प्रतिशत के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलेगी। राजकोषीय घाटे का लक्ष्य अटल है और लक्ष्य पूरा करने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे।’

दावोस: सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर को उच्च स्तर पर ले जाने और सुधार एजेंडे को जारी रखने को लेकर आश्वस्त वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज (शनिवार) को कहा कि एक मुख्य सुधार जिसपर भारत में अभी काम चल रहा है वह है कारोबार सुगमता और उसके लिये कदम उठाये जा रहे हैं। जेटली ने यह भी कहा कि राजनीतिक विरोध प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर सुधार समेत सुधार प्रक्रिया में बाधा पैदा नहीं कर सकता है और उन्हें उम्मीद है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) भी पारित हो जाएगा। जीएसटी उन कुछ सुधारों में शामिल है जो अटके पड़े हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में कारोबार सुगमता में भारत की रैंकिंग सुधरी है लेकिन इस क्षेत्र में अभी भी काफी कुछ करने की जरूरत है।

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