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मुंबई: दिसंबर में खत्म हुई साल की तीसरी तिमाही के दौरान अधिकतर सरकारी बैंकों द्वारा खराब प्रदर्शन करने के परिणामस्वरूप शेयर बाज़ारों में भी जोरदार गिरावट दर्ज की गई, और बीएसई सेंसेक्स औंधे मुंह गिरते हुए 807 से भी ज़्यादा अंक लुढ़क गया, तथा निफ्टी भी मई, 2014 के बाद पहली बार 7,000 अंक से नीचे बंद हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में गुरुवार को जोरदार गिरावट दर्ज की गई, और उसके संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में कारोबार के दौरान 849.34 अंक की गिरावट आई, हालांकि 30-शेयरों पर आधारित सूचकांक आखिरकार 807.07 अंक (या 3.40 फीसदी) की गिरावट के साथ 22,951.83 पर बंद हुआ। वैसे, कारोबार के दौरान सूचकांक ने 23,758.46 दिन का उच्चतम स्तर छुआ, जबकि दिन का निम्नतम स्तर 22,909.12 रहा। उधर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के संवेदी सूचकांक निफ्टी में भी गुरुवार को कारोबार के दौरान 248.70 अंक की गिरावट आई। 50-शेयरों पर आधारित निफ्टी दिन के अंत में 239.35 अंक (या 3.33 फीसदी) की गिरावट के साथ 6,976.35 पर बंद हुआ।

नई दिल्ली: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) अपनी तरह के पहले समझौते के तहत भारत की रणनीतिक तेल भंडार सुविधाओं में अपना कच्चा तेल रखने पर सहमत हो गया है। रणनीतिक तेल भंडार में रखे कच्चे तेल में से दो तिहाई तेल भारत को मुफ्त मिलेगा। भारत को अपनी कुल जरूरत का 79 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करना पड़ता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में आने वाली घटबढ़ को ध्यान में रखते हुए आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम, कर्नाटक के पाडुर और मंगलोर में भूमिगत रणनीतिक तेल भंडार बनाये जा रहे हैं। इनमें 53.30 लाख टन कच्चे तेल का भंडारण किया जा सकेगा। वैश्विक उठापटक और आपातस्थिति में इन भंडारों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि अबु धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (एडनोक) ने कर्नाटक की मंगलौर स्थित 15 लाख टन की भंडारण सुविधा का आधा हिस्सा लेने में रुचि दिखाई है।

वाशिंगटन: फेसबुक बोर्ड के सदस्य मार्क एंड्रेसन को हाल ही में किए गए अपने एक ट्वीट के चलते अच्छी खासी नाराजगी का सामना करना पड़ा। उनके द्वारा किए गए ट्वीट से ऐसा लगा रहा था जैसे कि वह भारत को उपनिवेशवाद स्वीकार लेने की सलाह दे रहे हों। बाद में उन्होंने यह ट्वीट डिलीट कर दिया। जाने माने पूंजीपित मार्क भारत के फेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्ग द्वारा जोर शोर से चलाए जा रहे फ्री बेसिक्स इंटरनेट स्कीम को स्वीकार न करने के फैसले के बाद यह प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्वीट किया था- दशकों तक गैर उपनिवेशवाद के चलते भारतीय लोगों को आर्थिक रूप से काफी क्षति हुई। अब रोकने की क्या जरूरत? उनके इस ट्वीट के बाद खूब हंगामा हो गया।

नई दिल्ली: वित्त मंत्रालय ने आगामी बजट (2016-17) को लेकर ट्विटर का इस्तेमाल करने वालों से राय मांगी है। वित्त मंत्रालय ने लोगों से पूछा है कि आगामी बजट - किसान, मध्यम वर्ग, महिला या वंचित तबका- में से किस पर केंद्रित होना चाहिए। अपनी तरह की इस अनूठी पहल में ट्विटर का इस्तेमाल करने वाले लोग मतदान कर सकते हैं। लोग अगले छह दिन तक वित्त मंत्रालय के आधिकारिक ट्विटर एकाउंट में उक्त मतदान में भाग ले सकते हैं। मंत्रालय इस बारे में भी लोगों की राय जानना चाहता है कि आगामी बजट में कृषि, उद्योग या सेवा में से किस क्षेत्र को प्राथमिकता दी जाए।

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