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नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कल अमरीका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बातचीत की, जिसमें व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों, परमाणु ऊर्जा और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया। विदेश मंत्री जयशंकर और मार्को रुबियो के बीच यह बातचीत नव-नियुक्त अमरीकी राजदूत सर्जियो गोर के उस बयान के एक दिन बाद हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि व्यापार मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच कुछ बातचीत होगी।

फोन पर दोनों नेताओं ट्रेड डील को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि रुबियो के साथ उनकी अच्छी बातचीत हुई और वे संपर्क में रहने पर सहमत हुए। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में जयशंकर ने कहा कि उन्होंने अमरीका के विदेश मंत्री रुबियो के साथ एक अच्छी बातचीत पूरी की। दोनों ने व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों, परमाणु सहयोग, रक्षा और ऊर्जा पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि दोनों इन और अन्य मुद्दों पर संपर्क में रहने पर भी सहमत हुए।

वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसे बिल को मंजूरी दे दी है, जिससे रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर सख्त कार्रवाई की जा सकेगी। इसके बाद भारत और चीन पर अमेरिकी टैरिफ बहुत ज्यादा बढ़ सकता है, कुछ मामलों में यह 500 फीसदी तक पहुंच सकता है। यह कदम यूक्रेन युद्ध के बीच रूस पर दबाव बनाने के लिए उठाया गया है।

अगले हफ्ते बिल पर हो सकती है वोटिंग

रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने सोशल मीडिया पर बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बिल को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि ट्रंप के साथ बैठक अच्छी रही और इस बिल पर अगले हफ्ते संसद में वोटिंग हो सकती है।

रूस से तेल खरीदने वालों पर कार्रवाई का प्रावधान

यह बिल लिंडसे ग्राहम और डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने मिलकर पेश किया है। इसके तहत ऐसे देशों पर सख्ती लगाई जा सकेगी, जो जानबूझकर रूस से तेल और यूरेनियम खरीद रहे हैं।

नई दिल्ली: रुपये में सोमवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट आई और यह आठ पैसे टूटकर 90.28 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। मजबूत अमेरिकी मुद्रा और घरेलू शेयर बाजारों में सुस्ती से रुपये पर दबाव पड़ा। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप के बाद उत्पन्न हुई भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने विश्व स्तर पर डॉलर की मांग को बढ़ावा दिया। हालांकि कच्चे तेल की गिरती कीमतों ने भारतीय मुद्रा को निचले स्तर पर थोड़ा समर्थन दिया।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, 90.21 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 90.50 प्रति डॉलर के निचले स्तर तक पहुंचा। अंत में डॉलर के मुकाबले 90.28 (अस्थायी) पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से आठ पैसे की गिरावट है। रुपया शुक्रवार को 22 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.20 पर बंद हुआ था। भारतीय मुद्रा में लगातार चौथे सत्र में गिरावट दर्ज की गई। 30 दिसंबर 2025 को यह 89.75 डॉलर प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। तब से इसमें 53 पैसे की गिरावट आई है।

मुंबई: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारतीय उत्पादों पर शुल्क और बढ़ाने की ताजा चेतावनी के बीच सोमवार को घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 322 अंक के नुकसान में रहा जबकि निफ्टी में 78 अंक की गिरावट रही।

विश्लेषकों ने कहा कि वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के बाद ट्रंप की ताजा चेतावनी से धारणा प्रभावित हुई और बैंकिंग, आईटी एवं रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे दिग्गज शेयरों में बिकवाली से बाजार पर दबाव रहा।

बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 322.39 अंक यानी 0.38 प्रतिशत गिरकर 85,439.62 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 446.68 अंक फिसलकर 85,315.33 अंक के निचले स्तर पर आ गया था।

वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 26,373.20 अंक के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने के बाद बढ़त कायम नहीं रख सका और 78.25 अंक यानी 0.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,250.30 अंक पर बंद हुआ।

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