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नई दिल्ली: रुपया बुधवार को शुरुआती बढ़त गंवाता हुआ छह पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.29 (अस्थायी) पर बंद हुआ। डॉलर में मजबूती, विदेशी पूंजी की निकासी और घरेलू बाजारों में गिरावट के कारण केंद्रीय बैंक के संभावित हस्तक्षेप का प्रभावी असर नहीं रहा।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति और भू-राजनीतिक तनाव के कारण रुपये के नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करने के आसार हैं। हालांकि मुद्रास्फीति में नरमी के बीच ब्याज दर में कटौती की कम होती संभावना एवं केंद्रीय बैंक द्वारा किसी भी हस्तक्षेप से रुपये को निचले स्तर पर समर्थन मिल सकता है।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, 90.26 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले 90.30 के निचले और 89.94 के उच्च स्तर पर पहुंचा। अंत में डॉलर के मुकाबले 90.29 (अस्थायी) पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से छह पैसे की गिरावट है। रुपया मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.23 पर बंद हुआ था।

नई दिल्ली: चांदी की कीमत बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में 15,000 रुपये की जबर्दस्त उछाल के साथ 2,86,000 रुपये प्रति किलोग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गयी जबकि सोने की कीमत भी वैश्विक बाजार में मजबूत रुझानों के अनुरूप 1,46,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं।

अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने कहा कि चांदी ने लगातार चौथे दिन जोरदार तेजी जारी रखी। मंगलवार को 2,71,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई चांदी बुधवार को 5.5 प्रतिशत यानी 15,000 रुपये की अभूतपूर्व तेजी के साथ 2,86,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों समेत) पर पहुंच गई। यह चांदी के भाव का अब तक का सर्वोच्च स्तर है।

पिछले चार सत्रों में ही यह धातु 17.45 प्रतिशत यानी 42,500 रुपये की जबर्दस्त बढ़त हासिल कर चुकी है। आठ जनवरी को चांदी की कीमत 2,43,500 रुपये थी। सर्राफा कारोबारियों ने कहा कि चांदी ने हाल के समय में सोने की तुलना में बेहतर रिटर्न दिया है।

मुंबई: घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट जारी रही। वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ने के बीच आईटी और चुनिंदा बैंक शेयरों में बिकवाली से सेंसेक्स 245 अंक टूटा जबकि निफ्टी में 66 अंक की गिरावट आई। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी और शुल्क संबंधी नई अनिश्चितताओं ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।

तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 244.98 अंक यानी 0.29 प्रतिशत टूटकर 83,382.71 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 442.49 अंक यानी 0.52 प्रतिशत फिसलकर 83,185.20 अंक पर आ गया था।

एनएसई निफ्टी 66.70 अंक यानी 0.26 प्रतिशत फिसलकर 25,665.60 अंक पर बंद हुआ।सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एशियन पेंट्स, मारुति, सन फार्मा, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक और लार्सन एंड टुब्रो के शेयर प्रमुख रूप से नुकसान में रहे।

नई दिल्ली: बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, थोक कीमतों पर आधारित भारत की महंगाई दर दिसंबर 2025 में 0.83 प्रतिशत रही। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से विनिर्मित वस्तुओं (मैन्यूफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स) और खनिजों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण हुई है।

दिसंबर में खाने-पीने की चीजों की थोक कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई, इसलिए खाद्य महंगाई दर शून्य प्रतिशत रही। इसका मतलब है कि पिछले साल की तुलना में खाने की चीजें महंगी नहीं हुईं।

थोक महंगाई (डब्ल्यूपीआई) में सबसे बड़ा हिस्सा रखने वाले विनिर्मित वस्तुओं के समूह की हिस्सेदारी 64.23 प्रतिशत है, जिसकी कीमतों में दिसंबर में 0.41 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस समूह के 22 उत्पादों में से 13 की कीमतें बढ़ीं, 8 उत्पादों की कीमतें घटीं और एक की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ।

दिसंबर में जिन वस्तुओं की कीमतें बढ़ीं, उनमें मूल धातुएं, रसायन और रासायनिक उत्पाद, वस्त्र और अन्य गैर-धातु खनिज उत्पाद शामिल हैं।

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