- Details
जयपुर: एनआईए की विशेष अदालत आज 2007 के अजमेर दरगाह बम विस्फोट मामले में अपना फैसला सुनाते हुए स्वामी असीमानंद को बरी कर दिया है। अदालत ने इस मामले में तीन को दोषी और पांच को बरी कर दिया है। अदालत दोषी की सजा पर फैसला 16 मार्च को सुनाएगी। अदालत ने इस मामले में आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार को क्लीन चिट दी है। अदालत ने इस मामले में सुशील जोशी, भावेश और देवेंद्र गुप्ता को दोषी करार दिया है। आपको बता दें कि सुनील जोशी की मौत हो चुकी है। गौरतलब है कि 11 अक्टूबर 2007 को हुए इस धमाके में तीन लोगों की मौत हो गयी थी जबकि 17 से अधिक लोग घायल हो गए थे। 2011 में इस केस को एनआईए को सौंप दिया गया था। उसके बाद एनआईए ने आरोप पत्र दाखिल किया था, जिसमें असीमानंद को मास्टरमाइंड बताया गया था। इस केस में तब एक नया मोड़ आ गया था जब गवाह भावेश पटेल ने तत्कालीन गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह समेत कई कांग्रेसी नेताओं पर यह आरोप लगाया था कि वे लोग आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और इंद्रेश कुमार को फंसाने का उस पर दवाब डाल रहे हैं।
- Details
कोटा: राजस्थान के कोटा शहर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया. भाजपा कार्यकर्ता हेलमेट न लगाने वालों का चालान काट रहे पुलिसकर्मियों का विरोध करने महावीर नगर पुलिस थाने तक जा पहुंचे.कार्यकर्ताओं के साथ कोटा से विधायक चंद्रकांता मेघवाल के पति नरेंद्र मेघवाल भी शामिल थे। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तक़रार बढ़ गई और हंगामा होने लगा, जिसके बाद पुलिस को सख्ती करनी पड़ी। वहीं सरकार की तरफ से मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने कहा है कि किसी को भी कानून को अपने हाथों में लेने का अधिकार नहीं है।.मामले की जांच कराकर दोषियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, पुलिसवाले हेलमेट न पहनने को लेकर चालान कर रहे थे। सुनने में आया है कि पुलिसवालों ने किसी भाजपा कार्यकर्ता का भी चालान किया, जिसे लेकर विधायक के पति नरेंद्र मेघवाल और अन्य भाजपा कार्यकर्ता थाने में हंगामा करने पहुंच गए। हंगामा बढ़ने लगा तो नरेंद्र मेघवाल सीआई को थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद बवाल मच गया। पत्थर बाजी और लाठीचार्ज शुरू हो गया। सूचना मिलने पर सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने थाना अधिकारी और तीन अन्य को लाइन हाजिर कर दिया और विधायक के पति और अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई।
- Details
जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट के द्वारा आरक्षण रद्द करने के दो महीने बाद गुर्जर नेताओं ने आंदोलन करने की चेतावनी दी है। सरकार की तरफ से कोई कारगर कानूनी कदम नहीं उठाने से गुर्जर एक बार फिर सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं। गुर्जर संघर्ष समिति के नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने 25 फरवरी को करौली जिले के गुडला में समाज की महापंचायत बुलाई है। इसमें ही आंदोलन की रणनीति तैयार करने का ऐलान किया गया है। बैंसला द्वारा ये मांग रखी गई है कि 50 प्रतिशत के बाहर गुर्जरों को आरक्षण दिलाया जाएं और इसके लिए राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में प्रभावी पैरवी कराएं। बैंसला और उनके साथियों ने आरक्षण मुद्दे पर मंत्रिमंडल की उप समिति की बैठक में हिस्सा नहीं लिया। इस बैठक में गुर्जर नेताओं को भी बुलाया गया था। संघर्ष समिति के नेताओं का कहना है कि गुर्जर आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को भी सरकार ने वापस नहीं लिया है। सरकार ने इन्हें वापस लेने का भी समझौता किया था। कोटा जिले के रामगंजमंडी में 18 गुर्जर आंदोलनकारियों को 5-5 साल की सजा हो गई। दूसरी तरफ यहां शासन सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की उप समिति की बैठक में फैसला किया गया कि विशेष पिछड़ा वर्ग की भर्तियों के लिए कानूनी राय लेकर सरकार फैसला करेगी। इसमें आरक्षण निरस्त होने के पहले और बाद के बारे में कानूनी राय ली जाएगी। बैठक की अध्यक्षता ग्रामीण विकास मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने की।
- Details
जयपुर: बांग्लादेश की लेखिका और मानवाधिकार कार्यकर्ता तस्लीमा नसरीन ने सोमवार को समान नागरिक संहिता की वकालत करते हुए कहा कि लोगों को अपने अधिकार दिलाने के लिए यह कदम ‘तुरंत’ उठाने की जरूरत है। जयपुर साहित्य उत्सव के एक सत्र में लेखिका ने कहा कि इस्लामिक समाज को प्रगति करने के लिए आलोचनाओं के प्रति ज्यादा सहिष्णु होना चाहिए। कट्टरपंथियों के निशाने पर आने के बाद से वह 1994 से निर्वासन में रह रही हैं। उन्होंने कहा, ‘इस्लामिक समाज के लिए सहिष्णु बनना आवश्यक है और आलोचनाओं को स्वीकार किए बगैर प्रगति नहीं हो सकती। लोगों के मानवाधिकारों की रक्षा के लिए समान नागरिक संहिता अत्यंत आवश्यक है।’ लेखिका ने धार्मिक कट्टरपंथियों की आलोचना करते हुए कहा कि वह ‘राष्ट्रवाद’ या ‘धार्मिक कट्टरता’ जैसे शब्दों पर विश्वास नहीं करतीं। उन्होंने कहा, ‘मैं राष्ट्रवाद, धार्मिक कट्टरपंथ में विश्वास नहीं करती। मैं एक विश्व में विश्वास करती हूं। मैं अधिकारों, स्वतंत्रता, मानवता और समानता में विश्वास करती हूं। जब तक इस्लाम आलोचनाओं को स्वीकार नहीं करता तब तक किसी भी इसलामिक देश को धर्मनिरपेक्ष नहीं माना जा सकता।
- देश
- प्रदेश
- आलेख
- ज्ञानेश कुमार को हटवाइए, 30 सेकंड में रुक जाएगा आंदोलन: राहुल
- रामलीला मैदान की रैली से पहले राहुल बोले- बीजेपी का दिल से धन्यवाद
- 'आतंकवाद के आरोपी अमेरिकी नागरिक को इतनी छूट क्यों': कांग्रेस
- सोनिया ने किताब की दिखाई झलक, राजीव से मुलाकात को किया याद
- नहीं साइन करूंगी पीस बॉन्ड, हाईकोर्ट से झटके के बाद बोलीं नेहा बोरा
- हाईकोर्ट ने नेहा बोरा की याचिका खारिज की, एसईएम को दिया निर्देश
- दिल्ली में एसआईआर के खिलाफ किसानों और कई संगठनों का मार्च
- 'जेल के अंदर हों या बाहर, आंदोलन रहेगा जारी': सीजेपी का एलान
- अरुणाचल बॉर्डर पर चीन से तनाव पर खड़गे ने मोदी से पूछे तीन सवाल
- अरुणाचल में भारत-चीन के बीच टकराव, डीजी आईटीबीपी का खुलासा
- देश की अर्थव्यवस्था को सिर्फ उत्पादन नहीं, रोजगार और मांग भी चाहिए
- हंगामें में निपटा मॉनसून सत्र पीएम मोदी के खिसकते जनाधार का संकेत
- संसद का मॉनसून सत्र विपक्ष के हंगामें की भेंट चढ़ता नज़र आ रहा है
- इथेनॉल: क्या भारत सही दिशा में बढ़ रहा है या कोई गलती कर रहा है?
- यूपी में अखिलेश दोहराएंगे मुलायम सिंह का 40 साल पुराना इतिहास
- जंतर मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत मोदी सरकार के लिए सिरदर्द बनी
- यूपी विधानसभा चुनाव होगा 'लोकसभा चुनाव 2029' का सेमी फाइनल
- क्या प्रधानमंत्री तेलंगाना सुरंग हादसे की ज़िम्मेदारी लेंगे, या फिर किसी..?
- अमेरिका में रह रहे अवैध भारतीय प्रवासियों से जुड़े यक्ष प्रश्न
- दिल्ली यानि "मिनी इंडिया" का चुनाव बना 'पीएम मोदी बनाम केजरीवाल'






