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जयपुर: राजस्थान के भावी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार शाम को यहां राजभवन में राज्यपाल कलराज मिश्र से मुलाकात की। इस दौरान पार्टी की ओर से राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया गया। राजभवन के बयान के अनुसार, ‘‘राजनाथ सिंह के नेतृत्व में भाजपा के उच्चस्तरीय शिष्टमंडल ने मंगलवार शाम यहां राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने राज्यपाल को राजस्थान में मुखयमंत्री के रूप में भजन लाल शर्मा के नाम का पत्र प्रस्तुत किया। उन्हें विधायक दल का नेता चुने जाने संबंधी पत्र भी सौंपा गया।''

इसी के साथ भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक राजनाथ सिंह ने अपने 115 विधायकों की सूची भी राज्यपाल को सौंपी। इस अवसर पार्टी के चुनाव प्रभारी प्रहलाद जोशी तथा पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी मौजूद रहीं।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भाजपा विधायक दल की यहां हुई बैठक में शर्मा को विधायक दल का नेता चुना गया। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे विधायक दल ने स्वीकार कर लिया।

जयपुर: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ की तरह बीजेपी ने राजस्थान के नए मुख्यमंत्री को लेकर भी चौंकाया है। बीजेपी ने भजनलाल शर्मा को नए सीएम के लिए चुना है। मंगलवार की मीटिंग में उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने भजनलाल शर्मा के नाम का प्रस्ताव रखा। भजनलाल शर्मा सांगानेर से विधायक हैं। बीजेपी ने मध्य प्रदेश की तरह राजस्थान में भी दो डिप्टी सीएम बनाए हैं। दीया कुमारी सिंह और प्रेमचंद बैरवा को डिप्टी सीएम बनाया गया है। जबकि वासुदेव देवनानी को विधानसभा का स्पीकर बनाया गया है। दीया कुमारी जयपुर की विद्याधर नगर सीट से जीती हैं। जबकि प्रेमचंद बैरवा जयपुर जिले की दूदू सीट से विधायक बने हैं।

राजस्थान के नए सीएम भजनलाल शर्मा पहली बार विधायक बने हैं। वह 4 बार महामंत्री रहे हैं और आरएसएस-एबीवीपी से जुड़े रहे हैं। वो आरएसएस की फेवरेट लिस्ट में हैं। बीजेपी ने सांगानेर से मौजूदा विधायक अशोक लाहोटी का टिकट काटकर भजन लाल शर्मा को टिकट दिया था। भजनलाल शर्मा के नाम का एलान करने के बाद बीजेपी नेता सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए राजभवन पहुंचे।

जयपुर (जनादेश ब्यूरो): भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) छत्तीसगढ़ के बाद मध्य प्रदेश में भी सीएम के नाम का एलान कर चुकी है। अब सिर्फ राजस्थान को ही नए सीएम का इंतजार है। क्या यहां वसुंधरा को पार्टी फिर मौका देगी या रेस में शामिल किसी एक नाम पर सहमति बनेगी? या फिर यहां भी एमपी और छत्तीसगढ़ की तरह अचानक ऐसा नाम सामने आएगा जो अब तक रेस में नहीं है, इन तमाम सवालों के जवाब आज मिल जाएंगे।

दरअसल, राजस्थान में बीजेपी विधायक दल की बैठक आज (12 दिसंबर) होगी। यहां के लिए नियुक्त तीनों पर्यवेक्षक सुबह 11 बजे जयपुर पहुंचेंगे और विधायकों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद सीएम के नाम पर चर्चा होगी और फिर पार्टी की तरफ से नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की जाएगी।

तीन दिसंबर को आए नतीजों के बाद से ही राजस्थान में सीएम को लेकर घमासान मचा हुआ है। वसुंधरा राजे 6 दिसंबर को दिल्ली पहुंची थीं और यहां तीन दिनों तक रहीं। इस दौरान वह जेपी नड्डा, अमित शाह और पार्टी के कई सीनियर लीडर से मिली थीं।

जयपुर: कांग्रेस विधायक दल की मंगलवार सुबह 11 बजे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में बैठक होगी। बैठक में प्रतिपक्ष के नेता चयन का अधिकार कांग्रेस आलाकमान को सौंपने को लेकर प्रस्ताव पारित होगा। कांग्रेस आलाकमान ने राष्ट्रीय महासचिव मुकुल वासनिक व हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा को पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया है।

प्रतिपक्ष के नेता पद के लिए पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और पूर्व स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल के नामों पर विचार किया जा रहा है। जाट मतदाओं को साधने के लिए प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को भी प्रतिपक्ष का नेता बनाया जा सकता हैं। ऐसी स्थिति में पायलट को प्रदेशाध्यक्ष पद का जिम्मा सौंपा जा सकता है।

राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को भाजपा ने हराकर राज्य में स्पष्ट बहुमत हासिल किया। इस्तीफा सौंपने के बाद बाद निवर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि पार्टी हार के कारणों का विश्लेषण करेगी।

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