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कोलकाता: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में सुंदरबन के पास बंगाल की खाड़ी से बड़ी घटना सामने आई है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि इस महीने की शुरुआत में एक मछली पकड़ने वाली लापता हुई नाव में नौ मछुआरे मृत पाए गए हैं, जबकि छह मछुआरे अभी भी लापता हैं। रविवार को पुलिस, वन विभाग और भारतीय तटरक्षक बल के कर्मियों ने चुल्काठी जंगल के पास रक्ताचार इलाके में डूबी हुई नाव का पता लगाया। नाव को बाहर निकाल कर तलाशी ली गई तो नौ मछुआरों के शव मिले।

'एफबी मां काली' नाम का यह नाव 2 जुलाई को पूर्वी मिदनापुर जिले के शंकरपुर फिशरीज पोर्ट से 15 मछुआरों के साथ निकला था। बताया जा रहा है कि इलाके में खराब मौसम के कारण 5 जुलाई के बाद नाव से संपर्क टूट गया था। तब से सुंदरबन टाइगर रिजर्व के डिप्टी फील्ड डायरेक्टर चित्रक भट्टाचार्य के नेतृत्व में पुलिस, तटरक्षक बल, वन विभाग और मछुआरा संगठनों का एक संयुक्त तलाशी अभियान चल रहा था।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए तीन पूर्व राज्यसभा सांसद को बड़ा इनाम मिला है। सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बड़ाईक को भाजपा ने राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। बता दें कि पिछले महीने सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बड़ाईक ने टीएमसी से इस्तीफा देकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी थी।

सुष्मिता-सुखेंदु समेत तीन नेताओं ने भाजपा की सदस्यता ली

तीनों नेताओं ने गुरुवार को ही भाजपा की सदस्यता ली और पार्टी ने कुछ ही घंटों बाद उन्हें टिकट देकर बड़ा राजनीतिक संदेश दे दिया। यह उपचुनाव उन तीन सीटों पर हो रहा है जो इन नेताओं के इस्तीफे के बाद खाली हुई थीं। चुनाव आयोग ने इन सीटों पर 24 जुलाई को मतदान कराने का एलान किया है। दूसरी ओर भाजपा ने गुजरात में विधानसभा उपचुनाव के लिए मंजलपुर से सतीशभाई गोविंदभाई पटेल को अपना उम्मीदवार बनाया है।

कोलकाता: ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने पार्टी को हर दिन के खर्च के लिए बैंक खातों को ऑपरेट करने की इजाजत दे दी है।

ममता बनर्जी को हाईकोर्ट से मिली सशर्त राहत

टीएमसी के बैंक अकाउंट्स को हाल ही में फ्रीज कर दिया गया था। अहम बात यह है कि ममता के नेतृत्व वाली पार्टी को अनुमति के साथ एक शर्त भी माननी पड़ेगी। उसे कोर्ट के द्वारा नियुक्त किए गए एक अधिकारी की कड़ी निगरानी में बैंक अकाउंट ऑपरेट करना होगा।

अदालत ने पुलिस से जल्दबाजी में की गई कार्रवाई को लेकर भी सवाल किया। कोर्ट ने कहा कि वह खातों को फ्रीज करने के आदेश देने के लिए दिखाए गए सबूतों से संतुष्ट नहीं है। पुलिस सबूत ढूंढने में भी सफल नहीं हो पाई। अदालत ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग (ईसीआई) द्वारा निर्णय लिए जाने तक टीएमसी का बागी गुट विशेष अधिकारी से संपर्क नहीं कर सकेगा।

कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार को चंद्रिमा भट्टाचार्य के पार्टी छोड़ने और बागी खेमें में जाने पर पलटवार करते हुए बीजेपी पर तीखा हमला बोला। ममता ने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद से बीजेपी उनकी पार्टी में ‘‘फूट डालने’’ की साजिश रच रही है और उनके नेताओं का इस्तेमाल कर टीएमसी के भीतर असंतोष को हवा दे रही है।

ममता ने चंद्रिमा भट्टाचार्य के आरोपों पर किया पलटवार

ममता बनर्जी ने कहा, जिस व्यक्ति (चंद्रिमा भट्टाचार्य) ने आज इस्तीफा दिया, उन्होंने यह फैसला रातों-रात नहीं लिया। वह लंबे समय से पार्टी छोड़ने का प्लान बना रही थीं, क्योंकि उनका बेटा पहले ही उस पार्टी में शामिल हो चुका था। तो ठीक है। कोई भी पॉलिटिकल पार्टी सिर्फ एक या दो लोगों पर निर्भर नहीं रहती; वह अपने कार्यकर्ताओं और जनता पर निर्भर रहती है। ऐसे भी मामले हुए हैं जब कोई व्यक्ति कई दिनों तक मेरी सुरक्षा में रहा क्योंकि उसे बीजेपी द्वारा गिरफ्तारी का डर था। मैंने उन्हें रहने की जगह, खाना और मदद दी।"

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